CJP ने शुरू किया "क्या बोलती पब्लिक"अभियान, शिक्षा सुधार और बेरोजगारी पर रहेगा फोकस

Saurav Das- CJP
ANI
Neha Mehta । Aug 7 2026 10:52AM

कॉकरोच जनता पार्टी ने चुनावी राजनीति से दूर रहकर एक जन दबाव समूह के रूप में देशव्यापी क्या बोलती पब्लिक अभियान की घोषणा की है। छत्रपति संभाजीनगर में आयोजित बैठक के बाद शुरू इस पहल का मुख्य उद्देश्य युवाओं से संवाद कर शिक्षा सुधार, बेरोजगारी और संस्थागत जवाबदेही पर यूथ रिफॉर्म चार्टर तैयार करना है। यह अभियान नागरिक समाज संगठनों के साथ मिलकर लोकतांत्रिक सुधारों को नई दिशा देने का रणनीतिक प्रयास है।

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने अपने देशव्यापी 'क्या बोलती पब्लिक' अभियान का एजेंडा जारी करते हुए शिक्षा सुधार, बेरोज़गारी, संस्थागत जवाबदेही और नागरिक समाज के संगठनों के साथ सहयोग को अपनी प्राथमिकताओं में शामिल किया है। पार्टी का यह जनसंपर्क अभियान सितंबर से शुरू होगा और इसका उद्देश्य देशभर के युवाओं से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं, आकांक्षाओं और सुझावों को समझना है। यह घोषणा छत्रपति संभाजीनगर में आयोजित पार्टी की दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक के बाद की गई। CJP के अनुसार, अभियान के दौरान जुटाए गए सुझावों के आधार पर एक 'यूथ रिफॉर्म चार्टर' तैयार किया जाएगा, जिसे नागरिकों की भागीदारी से विकसित किया जाएगा।

शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर CJP के सह-संयोजक सौरव दास ने कहा कि संगठन का उद्देश्य फिलहाल चुनावी वादे करना नहीं, बल्कि लोगों की बात सुनना है। उन्होंने कहा कि शिक्षा सुधार और बेरोज़गारी पार्टी की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में हैं। इसके साथ ही संस्थागत जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए भी संगठन लगातार आवाज़ उठाएगा। दास के अनुसार, लोकतंत्र तभी प्रभावी ढंग से काम कर सकता है जब संस्थाएं अपने कार्यों और निर्णयों के प्रति जवाबदेह हों। उन्होंने यह भी कहा कि देश में न्याय और सामाजिक बदलाव के लिए कार्य कर रहे विभिन्न संगठनों, आंदोलनों और नागरिक समूहों के साथ मिलकर काम करना आवश्यक है, क्योंकि किसी एक संगठन के लिए अकेले व्यापक परिवर्तन लाना संभव नहीं है।

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अभियान के चार प्रमुख स्तंभ

पार्टी द्वारा जारी दस्तावेज़ों के अनुसार, 'क्या बोलती पब्लिक' अभियान चार प्रमुख विषयों पर केंद्रित रहेगा—

  • प्राथमिक से उच्च शिक्षा तक व्यापक शिक्षा सुधार।
  • शिक्षा और रोजगार के बीच बेहतर समन्वय, जिसमें कौशल विकास और बाज़ार की मांग के अनुरूप रोजगार पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
  • मीडिया, निर्वाचन आयोग और न्यायपालिका सहित विभिन्न संस्थानों की जवाबदेही से जुड़े मुद्दे।
  • छात्र संगठनों, नागरिक समाज संस्थाओं और युवा-केंद्रित सुधारों का समर्थन करने वाले अन्य समूहों के साथ सहयोग।

पार्टी ने बताया कि उसका नेतृत्व 1 सितंबर से देशभर की यात्रा करेगा और विभिन्न राज्यों में लोगों से संवाद स्थापित करेगा। 'क्या बोलती पब्लिक' अभियान के साथ ही CJP ने देशव्यापी सदस्यता अभियान की भी घोषणा की है। पार्टी ने छात्रों, युवा पेशेवरों, श्रमिकों और अन्य नागरिकों से संगठन से जुड़ने की अपील की है। पार्टी का कहना है कि नए सदस्य आगामी अभियानों और अगले छह महीनों में विभिन्न राज्यों में संगठन के विस्तार को मजबूत आधार प्रदान करेंगे।

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हालांकि, CJP ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल वह किसी भी प्रकार का सार्वजनिक चंदा स्वीकार नहीं कर रही है। संगठन ने लोगों से अपील की है कि यदि कोई उसके नाम पर धन की मांग करे तो सतर्क रहें। पार्टी ने कहा कि भविष्य में आधिकारिक वेबसाइट और सत्यापित सोशल मीडिया खातों के माध्यम से वित्तीय योगदान संबंधी जानकारी साझा की जाएगी।

चुनावी राजनीति की योजना नहीं

सौरव दास ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि समर्थकों की मांग के बावजूद संगठन की तत्काल चुनावी राजनीति में उतरने की कोई योजना नहीं है। उन्होंने कहा कि इस समय संगठन का पूरा ध्यान जमीनी स्तर पर जनजागरण, लोकतांत्रिक सुधारों और नागरिकों के साथ संवाद स्थापित करने पर है। उनके अनुसार, CJP फिलहाल स्वयं को एक 'जन दबाव समूह' (People's Pressure Group) के रूप में ही आगे बढ़ाएगी।

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इस अभियान की घोषणा गुरुवार को CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने की थी। उन्होंने कहा कि लगातार बढ़ती स्कूल, कॉलेज और कोचिंग की फीस के कारण गुणवत्तापूर्ण शिक्षा आम लोगों की पहुंच से दूर होती जा रही है, इसलिए शिक्षा सुधार संगठन की सबसे बड़ी प्राथमिकता रहेगा। दिपके ने कहा कि विशेष रूप से स्नातक युवाओं में बढ़ती बेरोज़गारी भी संगठन के अभियान का प्रमुख मुद्दा होगी। उन्होंने संकेत दिया कि यदि युवाओं की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो उनका आंदोलन जारी रहेगा।

उन्होंने यह भी कहा कि CJP हाल ही में कथित NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन का समर्थन करने वाले सामाजिक कार्यकर्ताओं, गैर-सरकारी संगठनों (NGO) और अन्य समूहों के साथ मिलकर काम करेगी। दिपके के अनुसार, संगठन अपनी वैचारिक प्रेरणा भारतीय संविधान के साथ-साथ डॉ. भीमराव आंबेडकर, महात्मा गांधी और जवाहरलाल नेहरू के विचारों से लेगा।

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