राजा मिहिर भोज की प्रतिमा के लगने से हुई 2 गुटों में भिड़ंत, जिले में लागू हुई धारा 144

राजा मिहिर भोज की प्रतिमा के लगने से हुई 2 गुटों में भिड़ंत, जिले में लागू हुई धारा 144

राजा मिहिर भोज की प्रतिमा को लेकर अब मुरैना में भी विवाद शुरू हो गया है। राजा मिहिर भोज की प्रतिमा को लगाए जाने के बाद उपजे क्षत्रिय और गुर्जर समाज विवाद को लेकर अब प्रशासन सख्त हो गया है।

भोपाल। मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में लगाई गई राजा मिहिर भोज की प्रतिमा को लेकर अब मुरैना में भी विवाद शुरू हो गया है। राजा मिहिर भोज की प्रतिमा को लगाए जाने के बाद उपजे क्षत्रिय और गुर्जर समाज विवाद को लेकर अब प्रशासन सख्त हो गया है। कमिश्नर आशीष सक्सेना ने ग्वालियर और मुरैना जिले में धारा 144 लागू होने की बात कही है।

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आशीष सक्सेना ने कहा कि यदि अब इस विषय को लेकर कोई भी समाज सड़कों पर नजर आया तो उसका स्थान जेल होगा। प्रशासन को इस विवाद को रोकने के लिए जो भी कदम उठाने पड़ेंगे वह उठाएगा। उन्होंने कहा कि अब चूंकि है मामला न्यायालय में चला गया है तो दोनों ही समाजों के पास अपना अपना पक्ष रखने का मौका है।

आपको बता दें कि इसके पहले ग्वालियर कलेक्टर और एसपी ने दोनों ही समाज के प्रबुद्ध लोगों के साथ बैठक कर शांति बनाए रखने की अपील कर चुके हैं।  जिस तरीके से पिछले दिनों ग्वालियर और अब मुरैना में भी दोनों ही समाज के लोग आमने-सामने आए है। इससे कहीं ना कहीं सामाजिक सौहार्द्र बिगड़ा है।

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दरअसल मुरैना और ग्वालियर में सम्राट मिहिर भोज की प्रतिमा लगाई गई है। इस प्रतिमा के नीचे लगाई गई जिला में राजा केा गुर्जर जाति का बताया गया है। जिस बात को लेकर गुर्जर व क्षत्रिय समुदायों में विवाद है। उनके बीच विवाद संघर्ष में बदल गया, क्योंकि दोनों राजा को अपनी-अपनी जाति का बताते है।

गुरुवार केा मुरैना में दोनों वर्ग आमने सामने आ गए। एक वर्ग के लेाग सड़क पर आ गए और जाम भी लगाया। सड़क पर उतरे लोगों का कहना था कि पटिटका में सम्राट की जिस जाति का उल्लेख है वह गलत है। भीड़ जमा होने पर पुलिस मौके पर मौजूद रहीं और लोगों केा हटाने के लिए हल्का बल प्रयोग भी किया।





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