CM Mohan Yadav ने Rewa और शहडोल में बाढ़ राहत और चिकित्सा शिविर लगाने के दिए निर्देश

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मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने रीवा और शहडोल संभाग में भारी बारिश से उपजे हालातों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को प्रभावितों तक तत्काल सहायता पहुंचाने के निर्देश दिए। बैठक में राहत शिविरों में भोजन, स्वच्छ पेयजल और विशेष चिकित्सा शिविर लगाने के निर्देश दिए गए। साथ ही जल स्रोतों के क्लोरीनेशन और फसलों के नुकसान का त्वरित सर्वे कराने को कहा गया है।

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने रविवार को रीवा-शहडोल संभाग में अत्यंत भारी बारिश से उपजे हालातों और जारी राहत कार्यों की समीक्षा की तथा अधिकारियों को प्रभावितों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। बैठक में मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत शिविरों में सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने और सभी गांव व नगरीय क्षेत्रों के वार्डों में विशेष चिकित्सा शिविर लगाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने संवाददाताओं से बातचीत के दौरान कहा कि यदि लोगों का खाने पीने का सामान, घर इत्यादि नष्ट हो गए हों तो उन्हें तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

बैठक में उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल और मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल भी उपस्थित थे। यादव ने कहा, सरकार सभी बाढ़ प्रभावितों के साथ खड़ी है। हम जान-माल-मवेशी सबकी सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे।

राहत एवं बचाव कार्य जारी हैं। बाढ़ से प्रभावित किसी भी व्यक्ति को कोई परेशानी नहीं होने दी जाएगी। बाद में एक बयान में मुख्यमंत्री ने कहा कि राहत शिविरों में समुचित मात्रा में खाद्य सामग्री, पीने के पानी और चिकित्सा सुविधाएं सुनिश्चित की जा रही हैं और साफ-सफाई का भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है।

उन्होंने अधिकारियों से कहा, जहां बाढ़ का पानी उतर गया है, वहां प्रशासनिक टीम भेजें। लोगों को खाने-पीने की किसी भी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि पीने के पानी की शुद्धता के लिए सभी जल स्रोतों व हैंडपंपों में ब्लीचिंग पाउडर इत्यादि से ‘क्लोरिनेशन’ कराए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि ऐसे सभी गांव और नगरीय क्षेत्र के वार्डों में जहां बाढ़ का प्रकोप रहा है, वहां विशेष चिकित्सा एवं उपचार शिविर आयोजित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री यादव ने अधिकारियों को गौशालाओं इत्यादि में पशुओं के खाने-पीने एवं चारे की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने और यदि फसल क्षति की सूचना हो, तो वहां तत्काल सर्वे कराने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि यदि बुवाई वगैरह प्रारंभिक अवस्था में हो, तो उसके नष्ट होने पर किसानों को बीज इत्यादि की व्यवस्था की जाए।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे स्थानीय परिस्थितियों पर भी सतत् निगरानी रखें और आवश्यकतानुसार त्वरित कार्रवाई करें तथा राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की कमी न रखें। उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश के पूर्वी हिस्से में लगातार हो रही बारिश से कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं और नर्मदा, मंदाकिनी समेत कई नदियां उफान पर हैं। राज्य के डिंडोरी, पन्ना, रीवा, सतना, जबलपुर और छतरपुर में बारिश का सबसे ज्यादा असर देखने को मिल रहा है।

कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। हालात को देखते हुए प्रशासन ने राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया है। रीवा जिले में बाढ़ की स्थिति सबसे गंभीर बताई जा रही है।

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