Video | दो गुटों में हिंसक झड़प, चारों और खून ही खून, पुलिस के भी छूटे पसीने.... बिलासपुर में सांप्रदायिक तनाव, जमकर हुई पत्थरबाजी

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में सोशल मीडिया पर की गई एक कथित टिप्पणी के बाद उपजा मामूली विवाद अचानक हिंसक सांप्रदायिक तनाव में बदल गया। कोतवाली थाना क्षेत्र के मसांगंज में दो समुदायों के बीच हुई तीखी बहस के बाद दोनों पक्षों की ओर से जमकर पत्थरबाजी हुई, जिसमें 50 से अधिक लोग घायल हो गए।
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में सोशल मीडिया पर की गई एक कथित टिप्पणी के बाद उपजा मामूली विवाद अचानक हिंसक सांप्रदायिक तनाव में बदल गया। कोतवाली थाना क्षेत्र के मसांगंज में दो समुदायों के बीच हुई तीखी बहस के बाद दोनों पक्षों की ओर से जमकर पत्थरबाजी हुई, जिसमें 50 से अधिक लोग घायल हो गए। बिगड़ते हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा और आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। इलाके में शांति बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और वरिष्ठ अधिकारी स्थिति पर रातभर नजर बनाए रहे।
इसे भी पढ़ें: Trump Administration का बड़ा फैसला: H-1B Visa धारकों के लिए खत्म होगा 60-day Grace Period, भारतीयों पर जानें क्या होगा असर?
50 से ज़्यादा लोग घायल, भारी पुलिस बल तैनात
पत्थरबाज़ी में दोनों पक्षों के 50 से ज़्यादा लोगों के घायल होने की खबर है। घटना के बाद इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया और बिलासपुर ज़िले व आस-पास के ज़िलों से अतिरिक्त बल बुलाया गया। हिंसा की जानकारी मिलने के बाद बिलासपुर के एसपी रजनीश सिंह और कलेक्टर संजय अग्रवाल मौके पर पहुंचे और देर रात तक स्थिति पर नज़र रखी। पुलिस ने संवेदनशील इलाकों में रात भर सघन गश्त की, जबकि अधिकारियों ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफ़वाहें न फैलाने की अपील की।
इसे भी पढ़ें: Thiruvananthapuram में CM Convoy रोकने पर Congress नेता चेंथी अनी गिरफ्तार
सोशल मीडिया पर कथित टिप्पणियों से विवाद शुरू
शुरुआती जानकारी के मुताबिक, यह विवाद कथित तौर पर मवेशियों को लेकर इंस्टाग्राम और फ़ेसबुक जैसे सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर की गई टिप्पणियों के कारण शुरू हुआ। आरोप है कि एक खास समुदाय के कुछ युवाओं ने आपत्तिजनक टिप्पणियां की थीं, जिससे हिंदू संगठनों के सदस्यों में नाराज़गी पैदा हो गई।
बताया जा रहा है कि तनाव तब और बढ़ गया जब एक हिंदू संगठन से जुड़े चार युवक मसांगंज इलाके से गुज़र रहे थे। आरोप है कि लोगों के एक समूह ने उन्हें रोका, जिसके बाद बहस हो गई। आरोप है कि सोहेल खान और कुछ अन्य लोगों ने अक्षत सिंह और उनके एक साथी के साथ मारपीट की।
कथित मारपीट के बाद, युवकों ने हिंदू संगठन के सदस्यों को घटना की जानकारी दी। मारपीट की खबर फैलते ही संगठन से जुड़े बड़ी संख्या में लोग मसांगंज इलाके में जमा हो गए। इसके बाद दोनों पक्षों के सदस्य आमने-सामने आ गए और टकराव जल्द ही पत्थरबाज़ी में बदल गया। इलाके में तनाव फैलने के साथ ही सड़कों पर भारी भीड़ जमा हो गई।
वरिष्ठ अधिकारियों ने स्थिति पर नज़र रखी
हालात के तनावपूर्ण होने पर एसपी रजनीश सिंह और कलेक्टर संजय अग्रवाल मौके पर पहुंचे और स्थिति पर नज़र रखने के लिए वहां मौजूद रहे। अधिकारियों ने हालात का जायजा लिया और पुलिसकर्मियों को व्यवस्था बहाल करने के लिए जरूरी निर्देश दिए।
हिंसा में घायल लोगों को इलाज के लिए अस्पतालों में भेजा गया। संवेदनशील इलाकों में बिलासपुर के अलग-अलग थानों से पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया, जबकि एहतियात के तौर पर दूसरे जिलों से भी अतिरिक्त बल बुलाए गए। पूरी रात हालात तनावपूर्ण बने रहे; सुरक्षा बलों की भारी तैनाती रही और प्रभावित इलाकों में लगातार गश्त की जाती रही।
Read Latest
National News in Hindi only on Prabhasakshi
#WATCH | Chhattisgarh | A clash broke out between two groups in Bilaspur, which further escalated into stone pelting. Police deployed to control the crowd. pic.twitter.com/MEMbQiCuB9
— ANI (@ANI) August 29, 2026
अन्य न्यूज़














