केजरीवाल से गठबंधन को बेकरार हैं राहुल, 52000 कार्यकर्ताओं से फोन पर ली राय

By नीरज कुमार दुबे | Publish Date: Mar 14 2019 10:48AM
केजरीवाल से गठबंधन को बेकरार हैं राहुल, 52000 कार्यकर्ताओं से फोन पर ली राय
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दिल्ली कांग्रेस प्रभारी पीसी चाको ने इस बारे में कहा है कि मैंने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शीला दीक्षित और राज्य पार्टी इकाई के सभी कार्यकारी अध्यक्षों की राय ली है और अब सभी कार्यकर्ताओं की राय ली जा रही है।

दिल्ली में आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के बीच गठबंधन की संभावनाएं अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं क्योंकि कांग्रेस ने इस मुद्दे पर पार्टी की राज्य इकाई के नेताओं की राय जानने के बाद अब पार्टी के कार्यकर्ताओं की राय लेने का काम शुरू कर दिया है। बुधवार शाम से कांग्रेस की दिल्ली इकाई के उन 52 हजार कार्यकर्ताओं को फोन किये जा रहे हैं जोकि राहुल गांधी के शक्ति मोबाइल एप पर पंजीकृत हैं। ऑटोमेटेड कॉल्स में IVR सिस्टम के जरिये की जा रही राय में कार्यकर्ताओं से पूछा जा रहा है कि क्या वह आम आदमी पार्टी के साथ गठबंधन चाहते हैं या नहीं। इस कॉल में उन्हें हाँ या ना चुनने का विकल्प वाला बटन दबाना है और उनकी राय दर्ज हो जायेगी।



दिल्ली कांग्रेस प्रभारी पीसी चाको ने इस बारे में कहा है कि मैंने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शीला दीक्षित और राज्य पार्टी इकाई के सभी कार्यकारी अध्यक्षों की राय ली है और अब सभी कार्यकर्ताओं की राय ली जा रही है। इस रायशुमारी के परिणाम कांग्रेस अध्यक्ष को बता दिये जाएंगे। उन्होंने यह भी साफ किया कि यदि आम आदमी पार्टी के साथ गठबंधन होता है तो वह सिर्फ लोकसभा चुनावों के लिए ही होगा और पार्टी अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव अपने बलबूते ही लड़ेगी। चाको का कहना है कि रायशुमारी का काम जल्द पूरा हो जायेगा और उसी के बाद कुछ फैसला होगा।
 
माना जा रहा है कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी अरविंद केजरीवाल के साथ गठबंधन करके ही रहेंगे क्योंकि कार्यकर्ताओं को जो फोन कॉल आ रहे हैं उसमें भाजपा को हराने के लिए आप से गठबंधन करना क्या सही होगा यह पूछा जा रहा है। अब कोई कांग्रेस कार्यकर्ता भाजपा को जिताने की बात तो करेगा ही नहीं और इसलिए वह वही बटन दबाएगा जो कांग्रेस आलाकमान चाहता है। 


पिछले दिनों कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी दिल्ली की पार्टी इकाई के नेताओं के साथ आम आदमी पार्टी से गठबंधन के मुद्दे पर बैठक की थी। इस बैठक के बाद शीला दीक्षित ने संवाददाताओं से साफ कहा था कि आम आदमी पार्टी के साथ कोई गठबंधन नहीं होगा और पार्टी अकेले चुनाव लड़ेगी। यही नहीं हाल ही में दिल्ली में कांग्रेस के बूथ प्रभारियों के सम्मेलन को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने भी कहा था कि पार्टी की राज्य इकाई आप के साथ गठबंधन करने के खिलाफ है। उल्लेखनीय है कि जब दिल्ली में शीला दीक्षित सरकार की हार हुई थी और 28 विधायकों के साथ आम आदमी पार्टी अपना पहला चुनाव जीत कर आई थी तो राहुल गांधी की पहल पर ही अरविंद केजरीवाल को सरकार बनाने के लिए कांग्रेस की ओर से समर्थन दिया गया था। वरना शीला दीक्षित तो उस समय भी केजरीवाल के खिलाफ थीं।


 
उधर, अरविंद केजरीवाल बार-बार राहुल गांधी से यह अपील कर रहे हैं कि गठबंधन किया जाये ताकि भाजपा को हराया जा सके। केजरीवाल तो कांग्रेस के साथ हरियाणा और पंजाब में भी गठबंधन चाहते हैं लेकिन पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह इससे साफ इंकार कर चुके हैं। बताया जा रहा है कि राकांपा नेता शरद पवार ने राहुल गांधी से इस मुद्दे पर बात की है कि राहुल गांधी दिल्ली में अरविंद केजरीवाल को साथ लेकर चलें।
 

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