महात्मा गांधी के सिद्धातों को कांग्रेस ने भुलाया: नरेंद्र मोदी

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  मार्च 12, 2019   16:21
  • Like
महात्मा गांधी के सिद्धातों को कांग्रेस ने भुलाया: नरेंद्र मोदी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि दांडी मार्च की योजना तैयार करने में हमारे महान नेता लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल जी की महत्वपूर्ण भूमिका थी क्योंकि वे संगठन की बारीकियों को समझते थे और उन्होंने दांडी मार्च की न केवल रूपरेखा तैयार की, बल्कि पल-पल उस पर अपनी पैनी नजर भी बनाए रखी थी।

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने महात्मा गाँधी की दांडी यात्रा पर एक ब्लॉग के जरिए महात्मा गाँधी के विचारों को आज जनता के साथ साझा किया और कई उदाहरणों के माध्यम से ये बताया कि किस तरह कांग्रेस पार्टी बापू के सिद्धांतों, विचारों और संदेशों की धज्जियां उड़ा रही हैं। मोदी ने ब्लॉग में लिखा कि 89 वर्ष पहले आज ही का वो दिन था, जब बापू ने ऐतिहासिक दांडी मार्च की शुरुआत की थी। हालांकि, दांडी मार्च अंग्रेजों के अन्यायपूर्ण नमक कानून का विरोध करने के उद्देश्य से निकाला गया था। लेकिन, इस आंदोलन ने अंग्रेजी शासन की नींव को हिला दिया था। दांडी मार्च अन्याय और असमानता से लड़ने का एक मजबूत प्रतीक बन गया।

इसे भी पढ़ें: विफलताओं से ध्यान भटकाने के लिए लोगों की भावनाओं से खेल रहे हैं मोदी: कांग्रेस

उन्होंने कहा कि दांडी मार्च की योजना तैयार करने में हमारे महान नेता लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल जी की महत्वपूर्ण भूमिका थी क्योंकि वे संगठन की बारीकियों को समझते थे और उन्होंने दांडी मार्च की न केवल रूपरेखा तैयार की, बल्कि पल-पल उस पर अपनी पैनी नजर भी बनाए रखी थी। अंग्रेज तो सरदार साहब से इतने अधिक भयभीत हो गए थे कि उन्होंने दांडी मार्च से कुछ दिन पहले ही उन्हें यह सोच कर गिरफ्तार कर लिया था कि इससे गांधी जी डर जाएंगे। हालांकि, ऐसा कुछ भी नहीं हुआ क्योंकि अंग्रेजी साम्राज्य से लड़ने का मजबूत इरादा हर मुश्किल और डर पर भारी था!

प्रधानमंत्री ने लिखा कि पिछले दिनों मुझे दांडी में उस जगह जाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ, जहां बापू ने अपनी मुट्ठी में नमक उठाकर अंग्रेजों को चुनौती दी थी। वहां पर एक अत्याधुनिक संग्रहालय भी स्थापित किया गया है। उन्होंने समस्त देशवासियों से दांडी में संग्रहालय जरूर देखने का आग्रह किया। मोदी ने कहा कि गांधी जी ने हमें सिखाया है कि कोई भी कार्य करने से पहले हम समाज के उस गरीब से गरीब व्यक्ति की परेशानियों के बारे में सोचें और यह विचार करें कि हमारे द्वारा किया गया कार्य उस व्यक्ति को किस प्रकार प्रभावित कर सकता है। मुझे यह कहते हुए गर्व की अनुभूति हो रही है कि हमारी सरकार ने हर क्षेत्र में जो भी कार्य किया है, उसमें इस चिंतन को समाहित किया गया है कि इससे कैसे गरीबी दूर होगी और समृद्धि आएगी। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कांग्रेस की संस्कृति गांधीवादी विचारधारा के बिल्कुल विपरीत हो चुकी है।

इसे भी पढ़ें: सोनिया ने साधा मोदी पर निशाना, बोलीं- राष्ट्रीय सुरक्षा पर राजनीति कर रहे हैं मोदी

प्रधानमंत्री ने बापू को उद्धृत करते हुए कहा कि बापू ने कहा था, “...मेरे लिए भारत की असली आजादी वो है, जब देशवासियों में भाईचारे की अटूट भावना हो।” गांधी जी ने हमेशा अपने कार्यों के माध्यम से ये संदेश दिया कि असमानता और जाति विभाजन उन्हें किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। दुख की बात है कि कांग्रेस ने समाज को विभाजित करने में कभी संकोच नहीं किया। सबसे भयानक जातिगत दंगे और दलितों के नरसंहार की घटनाएं कांग्रेस के शासन में ही हुई हैं। बापू ने 1947 में कहा था, “समाज का नेतृत्व करने वाले सभी बुद्धिजीवियों और नेताओं  का कर्तव्य है कि वे भारत के सम्मान की रक्षा करें, चाहे उनका राजनीतिक रुझान कुछ भी हो, चाहे वे किसी भी दल से जुड़े हों। अगर कुशासन  और भ्रष्टाचार फलते-फूलते हैं तो देश के गौरव की रक्षा नहीं की जा सकती है। कुशासन और भ्रष्टाचार एक-दूसरे को बढ़ावा देते हैं।” 

प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने भ्रष्टाचारियों को सजा दिलाने के लिए कठोर क़दम उठाए हैं। लेकिन, देश ने देखा है कि कैसे ‘कांग्रेस’ और ‘भ्रष्टाचार’ एक-दूसरे के पर्याय बन गए हैं। आप किसी भी सेक्टर का नाम ले लीजिए, आपको वहां कांग्रेस का एक घोटाला नजर आ जाएगा। चाहे रक्षा, टेलिकॉम और सिंचाई का क्षेत्र हो या फिर खेल के आयोजनों से लेकर कृषि, ग्रामीण विकास जैसे क्षेत्र, कोई भी सेक्टर कांग्रेस के घोटालों से अछूता नहीं है। मोदी ने कहा कि बापू ने त्याग की भावना पर बल देते हुए यह सीख दी कि आवश्यकता से अधिक संपत्ति के पीछे भागना ठीक नहीं है। जबकि, कांग्रेस ने बापू की इस शिक्षा के विपरीत अपने बैंक खातों को भरने और सुख-सुविधाओं वाली जीवन शैली को अपनाने का ही काम किया। ये सुख-सुविधाएं गरीबों की मूलभूत आवश्यकताओं की कीमत पर जुटाई गईं।

इसे भी पढ़ें: प्रधानमंत्री मोदी के गृहराज्य से कांग्रेस ने किया लोकसभा चुनाव अभियान का आगाज

प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि महिला कार्यकर्ताओं के एक समूह से बातचीत करते हुए बापू ने कहा था, “मुझे ऐसी शिकायतें मिल रही हैं कि देश के कुछ तथाकथित बड़े नेता अपने पुत्रों के जरिए संपत्ति का संग्रह करने में लगे हैं। भाई-भतीजावाद और भ्रष्टाचार काफी बढ़ गया है। मुझसे यह भी कहा गया है कि मैं इस मामले में हस्तक्षेप करूं। अगर यह सब सही है तो यही कहा जा सकता है कि हम अपने दुर्भाग्य की दहलीज पर खड़े हैं।” बापू वंशवादी राजनीति की निंदा करते थे, लेकिन ‘Dynasty First’ आज की कांग्रेस का मूलमंत्र बन चुका है। लोकतंत्र में अटूट आस्था रखने वाले बापू ने कहा था, “मेरी दृष्टि में लोकतंत्र वह शासन प्रणाली है, जो किसी कमजोर व्यक्ति को भी उतना ही अवसर देती है, जितना किसी शक्तिशाली व्यक्ति को।” इसे विडंबना ही कहेंगे कि कांग्रेस ने देश को ‘आपातकाल’ दिया, यह वह वक्त था, जब हमारी लोकतांत्रिक भावनाओं को रौंद डाला गया था। यही नहीं कांग्रेस ने धारा 356 का कई बार दुरुपयोग किया। अगर कोई नेता उन्हें पसंद नहीं आता था तो वे उसकी सरकार को ही बर्खास्त कर देते थे।

मोदी ने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा वंशवादी संस्कृति को बढ़ावा दिया। लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति उनकी कभी कोई आस्था नहीं रही है। गांधी जी कांग्रेस कल्चर को अच्छी तरह से समझ चुके थे। इसीलिए वे चाहते थे कि कांग्रेस को भंग कर दिया जाए, विशेषकर 1947 के बाद। उन्होंने कहा था, ‘बड़े ही दुख के साथ मुझे ये कहना पड़ रहा है कि कई कांग्रेसियों ने स्वराज को केवल एक राजनीतिक आवश्यकता के रूप में देखा है, ना कि अनिवार्यता के रूप में।’ उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस नेता सिर्फ साम्प्रदायिक जोड़-घटाव में व्यस्त हैं। 1937 में ही वे कह चुके थे, अनियंत्रित भ्रष्टाचार को सहने की बजाय मैं चाहूंगा कि पूरी कांग्रेस को शालीनता के साथ समाधि दे दी जाए। प्रधानमंत्री ने कहा कि सौभाग्य की बात है कि केंद्र में आज एक ऐसी सरकार है, जो बापू के पदचिह्नों पर चलते हुए जनसेवा में जुटी है। वहीं, एक ऐसी जनशक्ति भी है, जो भारत को कांग्रेस कल्चर से मुक्त करने के उनके सपनों को पूरा कर रही है।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


पन्ना में बनेगा नवीन श्रमोदय आवासीय विद्यालय, 130 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान: श्रम मंत्री

  •  दिनेश शुक्ल
  •  जनवरी 19, 2021   23:13
  • Like
पन्ना में बनेगा नवीन श्रमोदय आवासीय विद्यालय, 130 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान: श्रम मंत्री

मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह ने मण्डल द्वारा संचालित औजार/उपकरण योजना में संशोधन का अनुमोदन किया। बैठक में श्रमोदय आवासीय विद्यालयों में मैस संचालन के लिए निविदा प्रक्रिया किये जाने, मण्डल कार्यालय एवं श्रम कार्यालयों में आउटसोर्स पर हाउसकीपिंग, सिक्योरिटी एवं अन्य स्टाफ रखने की स्वीकृति प्रदान की गई।

भोपाल।मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में जल्द ही नवीन श्रमोदय आवासीय विद्यालय का निर्माण किया जाएगा। राज्य के श्रम मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह ने बताया कि पन्ना में श्रमिकों के बच्चों के लिए नवीन श्रमोदय आवासीय विद्यालय का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए वर्ष 2020-21 में राशि 130 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि पन्ना जिले में शिक्षा की उचित व्यवस्था न होने के कारण बेहतर शिक्षा प्राप्त करने के लिए विद्यार्थियों को पन्ना जिले से बाहर अन्य बड़े शहरों में जाकर शिक्षा ग्रहण करने जाना पड़ता है, पन्ना जिले में पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के बच्चों को पन्ना में ही उच्च शिक्षा प्राप्त हो, इसके लिए शीघ्र ही नवीन श्रमोदय आवासी विद्यालय का निर्माण किया जायेगा।

इसे भी पढ़ें: मध्य प्रदेश में कोरोना के 304 नये मामले, 07 लोगों की मौत

यह बातें उन्होंने मंगलवार को मध्य प्रदेश भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्‍याण मण्डल की 32वीं. बैठक को संबोधित करते हुए कहा। उन्होंने कहा कि निर्माण श्रमिक पंजीयन तथा मण्डल की कल्याणकारी योजनाओं का प्रचार-प्रसार किया जाये। इसके लिए 10 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को परिचय पत्र (स्मार्ट कार्ड) प्रदाय किये जायें। उन्होंने निर्देश दिये कि मण्डल की विभिन्न योजनाओं में समय-समय पर वांछित संशोधन, संचालन तथा पर्यवेक्षण में परामर्श के लिए कन्सलटेंट की सेवायें ली जायें। उन्होंने पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के लिए संचालित कौशल प्रशिक्षण योजना 2012 में संशोधन प्रस्ताव का अनुमोदन किया।

इसे भी पढ़ें: मध्य प्रदेश के बैतूल में 13 वर्षीय किशोरी के साथ दुष्कर्म का आरोपी गिरफ्तार

मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह ने मण्डल द्वारा संचालित औजार/उपकरण योजना में संशोधन का अनुमोदन किया। बैठक में श्रमोदय आवासीय विद्यालयों में मैस संचालन के लिए निविदा प्रक्रिया किये जाने, मण्डल कार्यालय एवं श्रम कार्यालयों में आउटसोर्स पर हाउसकीपिंग, सिक्योरिटी एवं अन्य स्टाफ रखने की स्वीकृति प्रदान की गई। इसके अलावा श्रमोदय आवासीय विद्यालयों में अध्ययनरत श्रमिकों के बच्चों कों गणवेश उपलब्ध करवाने एवं अन्य महत्वपूर्ण प्रस्तावों का अनुमोदन किया। बैठक में श्रम विभाग के प्रमुख सचिव उमाकांत उमराव, श्रमायुक्त आशुतोष अवस्थी, श्रम विभाग के उप सचिव छोटे सिंह एवं अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


मध्य प्रदेश में कोरोना के 304 नये मामले, 07 लोगों की मौत

  •  दिनेश शुक्ल
  •  जनवरी 19, 2021   22:54
  • Like
मध्य प्रदेश में कोरोना के 304 नये मामले, 07 लोगों की मौत

बुलेटिन के अनुसार, मंगलवार को प्रदेशभर में 22,690 सेम्पलों की जांच रिपोर्ट प्राप्त हुई। इनमें 304 पॉजिटिव और 22,386 रिपोर्ट निगेटिव आईं, जबकि 112 सेम्पल रिजेक्ट हुए। पाजिटिव प्रकरणों का प्रतिशत 1.3 रहा। इसके बाद राज्य में संक्रमित मरीजों की कुल संख्या 2,51,882 से बढ़कर 2,52,186 हो गई है।

भोपाल। मध्य प्रदेश में कोरोना के नये मामलों में लगातार कमी देखने को मिल रही है। यहां बीते 24 घंटों में कोरोना के 304 नये मामले सामने आए हैं, जबकि 07 लोगों की मौत हुई है। इसके बाद राज्य में संक्रमितों की कुल संख्या दो लाख 52 हजार 186 और मृतकों की संख्या 3763 हो गई है। यह जानकारी स्वास्थ्य विभाग द्वारा मंगलवार देर शाम जारी कोरोना से संबंधित हेल्थ बुलेटिन में दी गई। नये मामलों में इंदौर-35, भोपाल-74, बैतूल-27 के अलावा अन्य जिलों में 20 से कम मरीज मिले हैं। इनमें 08 जिले ऐसे भी हैं, जहां आज नये प्रकरण शून्य रहे।

इसे भी पढ़ें: मध्य प्रदेश के बैतूल में 13 वर्षीय किशोरी के साथ दुष्कर्म का आरोपी गिरफ्तार

बुलेटिन के अनुसार, मंगलवार को प्रदेशभर में 22,690 सेम्पलों की जांच रिपोर्ट प्राप्त हुई। इनमें 304 पॉजिटिव और 22,386 रिपोर्ट निगेटिव आईं, जबकि 112 सेम्पल रिजेक्ट हुए। पाजिटिव प्रकरणों का प्रतिशत 1.3 रहा। इसके बाद राज्य में संक्रमित मरीजों की कुल संख्या 2,51,882 से बढ़कर 2,52,186 हो गई है। इनमें सबसे अधिक इंदौर में 57,097, भोपाल-41,707, ग्वालियर 16,312, जबलपुर 16,057, खरगौन 5343, सागर 5289, उज्जैन 4883, रतलाम-4622, रीवा-4069, धार-4040, होशंगाबाद 3782, शिवपुरी-3618, विदिशा-3575, नरसिंहपुर 3488, सतना-3432, बैतूल 3484, मुरैना 3226, बालाघाट-3124, नीमच 3004, शहडोल 2968, देवास-2892, बड़वानी 2863, मंदसौर 2811, छिंदवाड़ा 2796, सीहोर-2766, दमोह-2729, झाबुआ 2480, रायसेन-2445, राजगढ़-2383, खंडवा 2313, कटनी 2227, छतरपुर-2089, अनूपपुर 2083, हरदा 2107, सीधी 1992, सिंगरौली 1900, दतिया 1884, शाजापुर 1769, सिवनी 1561, गुना-1536, भिण्ड-1494, श्योपुर 1466, टीकमगढ़ 1293, अलीराजपुर 1283, उमरिया 1295, मंडला-1214, अशोकनगर-1125, पन्ना 1110, डिंडौरी 972, बुरहानपुर 862, निवाड़ी 674 और आगरमालवा 652 मरीज शामिल हैं।

इसे भी पढ़ें: स्व. राजामाता जी की पुण्यतिथि 25 को, बूथ स्तर तक कार्यक्रम आयोजित करेगा महिला मोर्चा

राज्य में आज कोरोना से 07 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। मृतकों में इंदौर-ग्वालियर के दो-दो और भोपाल, छिंदवाड़ा व दमोह के एक-एक मरीज शामिल हैं। इसके बाद राज्य में कोरोना से मरने वालों की संख्या 3756 से बढ़कर 3763 हो गई है। मृतकों में सबसे अधिक इंदौर के 920, भोपाल 599, ग्वालियर-219, जबलपुर-249, खरगौन-102, सागर-149, उज्जैन 104, रतलाम-79, धार-58, रीवा-35, होशंगाबाद-61, शिवपुरी-30, विदिशा-71, नरसिंहपुर-30, सतना-42, मुरैना-29, बैतूल-73, बालाघाट-14, शहडोल-30, नीमच-37, देवास-27, बड़वानी-28, छिंदवाड़ा-44, सीहोर-48, दमोह-82, मंदसौर-35, झाबुआ-27, रायसेन-46, राजगढ़-63, खंडवा-63, कटनी-17, हरदा-35, छतरपुर-32, अनूपपुर-14, सीधी-13, सिंगरौली-26, दतिया-20, शाजापुर-22, सिवनी-10, भिण्ड-10, गुना-26, श्योपुर-14, टीकमगढ़-27, अलीराजपुर-15, उमरिया-17, मंडला-10, अशोकनगर-17, पन्ना-04, डिंडौरी-01, बुरहानपुर-27, निवाड़ी-02 और आगरमालवा-10 व्यक्ति शामिल है।बुलेटिन में राहत की खबर यह है कि राज्य में अब तक 2,42,691 मरीज कोरोना को मात देकर अपने घर पहुंच चुके हैं। इनमें 725 मरीज मंगलवार को स्वस्थ हुए। अब प्रदेश में कोरोना के सक्रिय प्रकरण 5,732 हैं।





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


मध्य प्रदेश के बैतूल में 13 वर्षीय किशोरी के साथ दुष्कर्म का आरोपी गिरफ्तार

  •  दिनेश शुक्ल
  •  जनवरी 19, 2021   22:28
  • Like
मध्य प्रदेश के बैतूल में 13 वर्षीय किशोरी के साथ दुष्कर्म का आरोपी गिरफ्तार

पीड़ित किशोरी जब देर रात तक घर नहीं पहुंची तो उसके परिजन उसे ढूंढते हुए अपने खेत पर पहुंचे। ढूंढते हुए बड़ी बहन जब नाले के पास पहुंची तो उसे पत्थरों के नीचे से कराहने की आवाज आई। उसने अपने पापा को आवाज दी। दोनों ने मिलकर जब पत्थरों पर रखे कांटे ओर बड़े-बड़े पत्थरों को हटाया तो नीचे नाबालिग किशोरी मिली।

बैतूल। मध्य प्रदेश के बैतूल जिले की घोड़ाडोंगरी तहसील अंतर्गत सारणी पुलिस थाना क्षेत्र में सोमवार शाम को 13 साल की अनुसूचित जाति की किशोरी से बलात्कार कर उसे नाले में जिंदा दफनाने का मामला सामने आया था। पीड़ित किशोरी के परिजन उसे तलाश करते हुए जब नाले के पास पहुंचे तो वह पत्थरों के नीचे दफन मिली। परिजन उसे तुरंत घोड़ाडोंगरी अस्पताल लेकर पहुंचे और पुलिस को मामले की जानकारी दी। सूचना मिलने पर घोड़ाडोंगरी पुलिस भी अस्पताल पहुंची साथ ही सारणी एसडीओपी अभय राम चौधरी, सारणी थाना प्रभारी महेंद्र सिंह चौहान, एसआई अलका राय एवं घोडाडोंगरी चौकी प्रभारी रवि शाक्य अस्पताल पहुंचे। जिसके बाद पुलिस ने पीड़िता के बयान लिए। वही इस मामले के आरोपित को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया  है।

इसे भी पढ़ें: स्व. राजामाता जी की पुण्यतिथि 25 को, बूथ स्तर तक कार्यक्रम आयोजित करेगा महिला मोर्चा

पुलिस अधीक्षक बैतूल सिमाला प्रसाद ने मंगलवार को मामले की जानकारी देते हुए बताया कि पीड़ित किशोरी ने पुलिस को बताया कि वह सोमवार शाम को अपने खेत में मोटर बंद करने गई हुई थी। वहां उसके खेत से लगे हुए खेत के मालिक सुनील वर्मा (38) ने उसको अकेला पाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। आरोपित की हैवानियत इतने पर ही खत्म नहीं हुई। दुष्कर्म करने के बाद आरोपित ने किशोरी को नाले में जिंदा दफना कर पत्थरों से ढंक दिया और उस पर कांटे की झाड़ियां भी डाल दी।

इसे भी पढ़ें: मध्य प्रदेश में पुलिसकर्मियों को मिल सकता है साप्ताहिक अवकाश, गृहमंत्री ने एक बार फिर की घोषणा

पीड़ित किशोरी जब देर रात तक घर नहीं पहुंची तो उसके परिजन उसे ढूंढते हुए अपने खेत पर पहुंचे। ढूंढते हुए बड़ी बहन जब नाले के पास पहुंची तो उसे पत्थरों के नीचे से कराहने की आवाज आई। उसने अपने पापा को आवाज दी। दोनों ने मिलकर जब पत्थरों पर रखे कांटे ओर बड़े-बड़े पत्थरों को हटाया तो नीचे नाबालिग किशोरी मिली। जिसे बाहर निकाला गया और घोड़ाडोंगरी अस्पताल में उपचार के लिए ले जाया गया। किशोरी की हालत गंभीर होने पर प्राथमिक उपचार के बाद उसे जिला अस्पताल रेफर किया गया। वहीं पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने थाना सारणी में धारा 376 (3), 323, 324 पॉस्को एक्ट, एससीएसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.Accept