कांग्रेस ने 10 दिन के लिए बुक किया रामलीला मैदान, 1 नवंबर को जुटेंगे नेता, रैली के लिए NOC जारी, दिल्ली पुलिस ने क्या शर्तें रखीं?

Congress
ANI
अभिनय आकाश । Oct 17 2026 6:13PM

दिल्ली पुलिस ने कांग्रेस को 1 नवंबर को रामलीला मैदान में रैली करने की अनुमति देते हुए एनओसी जारी कर दी है। यह रैली इंडिया गठबंधन की कार्य योजना का हिस्सा है, जिसमें एसआईआर विवाद और ईवीएम की जगह बैलेट पेपर से चुनाव कराने का मुद्दा शामिल है। पुलिस कानून-व्यवस्था और सुगम यातायात के लिए संबंधित एजेंसियों के संपर्क में है।

दिल्ली पुलिस ने शनिवार को बताया कि उसने कांग्रेस को 1 नवंबर को रामलीला मैदान में रैली करने की अनुमति दे दी है और इस कार्यक्रम के लिए नो-ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) जारी कर दिया है। 30 सितंबर को 'इंडिया' (INDIA) गठबंधन ने SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) विवाद को लेकर एक संयुक्त कार्य योजना को अंतिम रूप दिया, जिसमें रैलियां और 'लोकतंत्र बचाओ मार्च' शामिल हैं। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि सभी दल इस बात पर सहमत हैं कि चुनाव EVM की जगह बैलेट पेपर से होने चाहिए। इसके बाद, खड़गे ने बताया कि पार्टी 1 नवंबर को दिल्ली में एक बड़ी रैली आयोजित करेगी। 


दिल्ली पुलिस ने कांग्रेस को NOC जारी की


इस संबंध में, पुलिस उपायुक्त (मध्य) रोहित राजबीर सिंह ने कहा इंडियन नेशनल कांग्रेस (INC) ने 1 नवंबर को रामलीला मैदान में एक रैली आयोजित करने की योजना बनाई है और इसके लिए दिल्ली पुलिस से जरूरी NOC मांगी थी। तय विरोध स्थल पर रैली करने के लिए 25 अक्टूबर से 3 नवंबर तक की अवधि के लिए NOC जारी कर दी गई है। दिल्ली पुलिस ने एक बयान में कहा कि वह आयोजकों, ट्रैफिक पुलिस और अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ लगातार संपर्क में है, ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे, ट्रैफिक का प्रबंधन ठीक से हो सके और प्रस्तावित रैली बिना किसी बाधा के संपन्न हो सके।


कांग्रेस की रैली पर दिल्ली पुलिस ने क्या कहा


दिल्ली पुलिस ने अपने बयान में कहा इंडियन नेशनल कांग्रेस (INC) ने 01.11.2026 को रामलीला मैदान में एक रैली करने की योजना बनाई है और इसके लिए दिल्ली पुलिस से जरूरी NOC मांगी थी। तय विरोध स्थल पर रैली करने के लिए 25.10.2026 से 03.11.2026 तक की अवधि के लिए NOC जारी कर दी गई है। दिल्ली पुलिस आयोजकों, ट्रैफिक पुलिस और अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ लगातार संपर्क में है, ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे, ट्रैफिक का प्रबंधन ठीक से हो सके और प्रस्तावित रैली बिना किसी बाधा के संपन्न हो सके। INDIA गठबंधन की पिछले महीने हुई बैठक, 'द इंडियन एक्सप्रेस' की एक रिपोर्ट के कुछ दिनों बाद हुई थी। इस रिपोर्ट में बताया गया था कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार SIR (स्टैटिस्टिकल इंफॉर्मेशन रिपोर्ट) से जुड़े फैसलों और आदेशों पर आधिकारिक तौर पर आपत्ति जताई थी। उनका कहना था कि ये फैसले उनकी जानकारी या सिफारिश के बिना लिए गए थे। SIR प्रक्रिया को लेकर अपने दो आयुक्तों द्वारा उठाए गए सवालों के घेरे में आए चुनाव आयोग (EC) ने कहा कि किसी भी संस्था में चर्चा के दौरान अलग-अलग विचार और राय होना सामान्य बात है। आयोग ने यह भी कहा कि उसके सभी आदेशों को पूरी कानूनी मान्यता प्राप्त है और वे तय कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए जारी किए गए हैं।

All the updates here:

अन्य न्यूज़