कृषि कानूनों के खिलाफ कांग्रेस का मार्च, हिरासत में प्रियंका गांधी, राष्ट्रपति से मिले राहुल

कृषि कानूनों के खिलाफ कांग्रेस का मार्च, हिरासत में प्रियंका गांधी, राष्ट्रपति से मिले राहुल

कांग्रेस का कहना है कि राहुल गांधी की अगुवाई में पार्टी के वरिष्ठ नेता और सांसद विजय चौक से राष्ट्रपति भवन तक मार्च करेंगे और फिर करीब दो करोड़ हस्ताक्षरों के साथ राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को ज्ञापन सौंपकर कृषि कानूनों को निरस्त करने की मांग करेंगे।

नयी दिल्ली। केंद्रीय कृषि कानूनों के खिलाफ कांग्रेस नेताओं के राष्ट्रपति भवन तक प्रस्तावित मार्च से पहले पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने बृहस्पतिवार को कहा कि ‘कृषि विरोधी कानूनों’ के खिलाफ सत्याग्रह में सबको अन्नदाताओं का साथ देना होगा। इस बीच कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा समेत अन्य कांग्रेस नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया। 

राष्ट्रपति से मिलने के बाद राहुल गांधी ने कहा कि राष्ट्रपति से हमने कहा कि ये जो कानून बनाए गए हैं ये किसान विरोधी हैं और इनसे किसानों, मज़दूरों का नुकसान होने वाला है। मैं प्रधानमंत्री से कहना चाहता हूं कि किसान हटेगा नहीं, प्रधानमंत्री को ये नहीं सोचना चाहिए कि किसान, मज़दूर घर चले जाएंगे। उन्होंने कहा कि मैं एडवांस में चीज बोल देता हूं, मैंने कोरोना के बारे में बोला था कि नुकसान होने जा रहा है। उस समय किसी ने बात नहीं सुनी। आज मैं फिर से बोल रहा हूं किसान, मज़दूर के सामने कोई भी शक्ति खड़ी नहीं हो सकती।

राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस नेता कृषि कानूनों के खिलाफ राष्ट्रपति को 2 करोड़ हस्ताक्षर का ज्ञापन सौंपने जा रहे थे।  महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि बीजेपी की सरकार किसानों के पेट पर लात मार रही है और हमारा कर्तव्य है कि हम किसानों के साथ खड़े रहें इसलिए हम लोग अपना कर्तव्य निभाएंगे।

इससे पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में कृषि कानूनों के खिलाफ विजय चौक से राष्ट्रपति भवन तक निकाले गए मार्च को पुलिस ने रोका। पुलिस ने कहा कि जिन नेताओं को राष्ट्रपति भवन से अनुमति मिली है हम उनको राष्ट्रपति भवन जाने देंगे। उन्होंने एक खबर साझा करते हुए ट्वीट किया, ‘‘भारत के किसान ऐसी त्रासदी से बचने के लिए कृषि-विरोधी क़ानूनों के ख़िलाफ़ आंदोलन कर रहे हैं। इस सत्याग्रह में हम सबको देश के अन्नदाता का साथ देना होगा।’’ कांग्रेस नेता ने जो खबर साझा की है उसके मुताबिक, मध्य प्रदेश के होशंगाबाद में अनुबंध की खेती को लेकर कई किसानों ने खुद को भारी नुकसान होने की शिकायत की है और उनका यह भी कहना है कि हस्ताक्षर या मुहर के बिना ही अनुबंध किए गए। कांग्रेस का कहना है कि राहुल गांधी की अगुवाई में पार्टी के वरिष्ठ नेता और सांसद विजय चौक से राष्ट्रपति भवन तक मार्च करेंगे और फिर करीब दो करोड़ हस्ताक्षरों के साथ राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को ज्ञापन सौंपकर कृषि कानूनों को निरस्त करने की मांग करेंगे।





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