Cyclone Murasu: आंध्र प्रदेश में सीएम Naidu ने दिए तत्काल आर्थिक मदद के आदेश

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आंध्र प्रदेश में चक्रवात मुरासु से प्रभावित परिवारों को तुरंत राहत पहुंचाने के लिए मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने समीक्षा बैठक की। उन्होंने आवश्यक वस्तुओं की नियमित आपूर्ति और कीमतों पर लगाम लगाने के निर्देश दिए हैं। प्रभावित इलाकों में बिजली बहाली और फसलों के नुकसान का आकलन तेजी से जारी है।

अमरावती, आठ नवंबर आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने अधिकारियों को चक्रवात ‘मुरासु’ से प्रभावित परिवारों को तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने, आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने और बढ़ती कीमतों पर अंकुश लगाने के निर्देश दिए हैं। नायडू ने अपने शिविर कार्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारियों से प्रभावित इलाकों में राहत, पुनर्वास और बहाली के लिए किए जा रहे कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने बिजली के बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान और बिजली आपूर्ति बहाल करने के कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की।

शनिवार देर रात जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, नायडू ने कहा, ‘‘सरकार आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करेगी, बाजार में कीमतों को नियंत्रित रखने के लिए कदम उठाएगी और चक्रवात ‘मुरासु’ से प्रभावित परिवारों को तत्काल आर्थिक सहायता प्रदान करेगी।’’ अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि बागवानी फसलों को हुए नुकसान का करीब 92 प्रतिशत आकलन पूरा हो चुका है, जबकि कृषि फसलों को हुए नुकसान का आकलन नौ नवंबर तक पूरा कर लिया जाएगा। बिजली आपूर्ति की बहाली की समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि चक्रवात ‘अर्नब’ के कारण बिजली के करीब 30,000 खंभे क्षतिग्रस्त हो गए थे और उससे प्रभावित सभी गांवों में अब बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई है। उन्होंने बताया कि चक्रवात ‘मुरासु’ से प्रभावित 1,825 गांव में बिजली आपूर्ति बहाल करने का काम जारी है और अब तक 7,850 क्षतिग्रस्त खंभों की मरम्मत की जा चुकी है।

नागरिक आपूर्ति विभाग ने मुख्यमंत्री को बताया कि चक्रवात राहत अभियान के तहत 3.8 लाख परिवारों को आवश्यक वस्तुएं वितरित की गई हैं। नायडू ने प्याज, चावल, पाम तेल, गेहूं के आटे और अरहर की दाल की कीमतें नियंत्रित करने के उपायों तथा राशन की दुकानों के माध्यम से इन वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने की व्यवस्थाओं की समीक्षा की। अधिकारियों ने बताया कि 8,000 क्विंटल प्याज खरीदा गया है और इसे ‘रायथु बाजारों’ (किसान बाजारों) में 35 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बेचा जा रहा है।

उन्होंने बताया कि व्यापारियों ने चावल की विभिन्न किस्मों को 47 रुपये से 82 रुपये प्रति किलोग्राम की निर्धारित कीमतों पर बेचने पर सहमति जताई है। अधिकारियों के अनुसार, सरकारी निर्देशों का उल्लंघन करने के आरोप में 204 व्यापारियों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं। उन्होंने बताया कि खुले बाजार में 70 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बिकने वाला ‘धरणी’ ब्रांड का चावल रायथु बाजारों में 50 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बेचा जा रहा है, जबकि बीपीटी किस्म का चावल 49 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से उपलब्ध है।

अधिकारियों ने बताया कि 150 बिक्री केंद्र के माध्यम से कुल 27,430 क्विंटल चावल बेचा गया है, जिससे 1.03 लाख परिवारों को लाभ हुआ है। उन्होंने बताया कि राशन की दुकानों के माध्यम से पाम तेल 125 रुपये प्रति लीटर, अरहर की दाल 100 रुपये प्रति किलोग्राम और गेहूं का आटा 25 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है।

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