मेरठ: गंगा में जलस्तर बढ़ने से हस्तिनापुर में तटबंध टूटने का खतरा मंडराया, मरम्मत कार्य शुरू

मेरठ: गंगा में जलस्तर बढ़ने से हस्तिनापुर में तटबंध टूटने का खतरा मंडराया, मरम्मत कार्य शुरू

बिजनौर बैराज पर तैनात अवर अभियंता पीयूष कुमार ने बताया कि शुक्रवार शाम 5:00 बजे तक गंगा का जलस्तर 128000 क्यूसेक पर चल रहा था। हरिद्वार के भीम गोंडा बैराज से मिली रिपोर्ट के अनुसार 108000 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज चल रहा था।

मेरठ। मुसीबत बनकर पहाड़ों पर लगातार बरस रहे पानी के कारण मैदानी इलाकों में आफत आ गई है। वेस्ट यूपी के कई जिलों में गंगा का जलस्तर बढ़ने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। गंगा में जलस्तर बढ़ने से मेरठ जिले के हस्तिनापुर क्षेत्र में गंगा ने आदर्श क्षेत्र में विकराल रूप धारण करना शुरू कर दिया है। प्रशासन द्वारा ग्रामीणों को सतर्क रहने के लिए चेतावनी जारी कर दी गई है, गंगा का जलस्तर बढ़ने से खादर क्षेत्र में कई जगह मिट्टी का कटान तेज हो गया है। ऐसे में शुक्रवार को जगह-जगह तटबंध की मरम्मत का काम जारी रहा कहीं ग्रामीण और कारसेवक जुटे रहे तो कहीं मनरेगा श्रमिक... 

इसे भी पढ़ें: मेरठ में भारी बारिश से गिरा तापमान, जगह-जगह भरा पानी, मकान भी भरभरा कर गिरे 

बिजनौर बैराज पर तैनात अवर अभियंता पीयूष कुमार ने बताया कि शुक्रवार शाम 5:00 बजे तक गंगा का जलस्तर 128000 क्यूसेक पर चल रहा था। हरिद्वार के भीम गोंडा बैराज से मिली रिपोर्ट के अनुसार 108000 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज चल रहा था। वही जलस्तर बढ़ने से खादर क्षेत्र में कच्चे तटबंध की स्थिति खराब होने लगी है कई स्थानों पर कटान के कारण तटबंध क्षतिग्रस्त हो गया है इसके बाद बाबा बूटा सिंह और बाबा कश्मीर सिंह भूरी वालों के नेतृत्व में कच्चे तटबंध को दुरुस्त करने का काम कार सेवकों द्वारा किया गया। एसडीएम कमलेश कुमार गोयल के निर्देश पर मनरेगा के श्रमिकों को भी मरम्मत कार्य में लगाया गया है।





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।