Delhi में प्रदूषण का प्रकोप बढ़ा, India Gate समेत कई इलाकों में AQI 400 पार

दिल्ली में सर्दियों की शुरुआत के साथ वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, पंजाबी बाग में AQI 459 और इंडिया गेट के पास 403 दर्ज किया गया। AQEWS ने अगले कुछ दिनों तक हवा के 'गंभीर' श्रेणी में रहने की चेतावनी दी है, जिसके चलते प्रशासन ने वॉटर स्प्रिंकलर तैनात किए हैं।
सर्दियों के दस्तक देने के साथ ही, दिल्ली की हवा की गुणवत्ता लगातार खराब होती जा रही है, जिससे यहाँ रहने वालों के स्वास्थ्य को गंभीर खतरा पैदा हो गया है। राजधानी में वायु प्रदूषण के लिए स्थानीय उत्सर्जन स्रोत और पड़ोसी राज्यों में पराली जलाना जिम्मेदार हैं, जिसके चलते प्रशासन ने इसे नियंत्रित करने के लिए कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। इंडिया गेट के आसपास के इलाके में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 403 दर्ज किया गया, जो इसे 'गंभीर' (severe) श्रेणी में रखता है। वायु प्रदूषण को कम करने के लिए प्रशासन ने ट्रकों पर लगे वॉटर स्प्रिंकलर (पानी छिड़कने वाली मशीनें) तैनात किए हैं।
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केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, शुक्रवार को आनंद विहार के आसपास के इलाके में AQI 350 दर्ज किया गया, जो इसे 'बहुत खराब' (very poor) श्रेणी में रखता है। इस बीच, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, गुरुवार को 24 घंटे का औसत 369 दर्ज किया गया, जो बुधवार के 377 के आंकड़े से सिर्फ 8 अंक कम है। 0 से 50 के बीच के AQI को 'अच्छा', 51-100 को 'संतोषजनक', 101-200 को 'मध्यम', 201-300 को 'खराब', 301-400 को 'बहुत खराब' और 401-500 को 'गंभीर' श्रेणी में रखा गया है।
एयर क्वालिटी अर्ली वार्निंग सिस्टम (AQEWS) के अनुसार, शुक्रवार से रविवार तक दिल्ली की हवा की गुणवत्ता खराब होकर 'गंभीर' (severe) श्रेणी में आ जाएगी। इसके बाद के छह दिनों तक भी स्थिति इन्हीं श्रेणियों के बीच रहने का अनुमान है। गुरुवार को, दिल्ली में मौजूद 59 सक्रिय एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशनों में से 22 ने हवा की गुणवत्ता को 'गंभीर' श्रेणी में दर्ज किया। पंजाबी बाग में सबसे अधिक AQI 459 दर्ज किया गया, इसके बाद जहांगीरपुरी (457), रोहिणी (453), IIT दिल्ली (452) और DTU (443) का स्थान रहा।
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एयर क्वालिटी मैनेजमेंट के लिए 'डिसीजन सपोर्ट सिस्टम' (DSS) के अनुसार, गुरुवार को दिल्ली में PM2.5 प्रदूषण में पराली जलाने का योगदान लगभग 15.6 प्रतिशत रहा। शुक्रवार को इसके बढ़कर 19.2 प्रतिशत होने का अनुमान है, जिसके बाद शनिवार को इसमें भारी गिरावट आएगी और यह 1.6 प्रतिशत रह जाएगा। इसके विपरीत, आने वाले दिनों में परिवहन (ट्रांसपोर्ट) से होने वाले उत्सर्जन की भूमिका अधिक रहने की संभावना है। DSS के मुताबिक, गुरुवार को इसका हिस्सा 17.9 प्रतिशत था, जो शुक्रवार को बढ़कर 18.3 प्रतिशत और शनिवार को 21.1 प्रतिशत हो जाएगा।
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