Delhi में पाबंदियों की अनदेखी कर देर रात तक फूटे Firecrackers, AQI 376 तक पहुंचा

Delhi में पाबंदियों की अनदेखी कर देर रात तक फूटे Firecrackers, AQI 376 तक पहुंचा
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दिवाली के मौके पर दिल्ली के विभिन्न इलाकों में तय समय सीमा और नियमों की अनदेखी करते हुए देर रात तक आतिशबाजी होती रही। पीतमपुरा, बुराड़ी, मयूर विहार और लुटियंस दिल्ली जैसे क्षेत्रों में तेज आवाज वाले पटाखे चले। इसके चलते राजधानी का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक रविवार को 376 दर्ज किया गया, जो बेहद खराब श्रेणी में आता है।

नयी दिल्ली, आठ नवंबर दिल्ली में दिवाली के मौके पर प्रतिबंधों के बावजूद रविवार देर शाम तक कई इलाकों में पटाखे जलाए जाते रहे। पीतमपुरा, बुराड़ी, मयूर विहार और लुटियंस दिल्ली समेत कई इलाकों से आतिशबाजी की खबरें आईं। दिवाली से पहले दिल्ली सरकार ने लोगों से हरित पटाखों की बिक्री और इस्तेमाल को लेकर उच्चतम न्यायालय के निर्देशों का पालन करने की अपील की थी।

पूर्वी दिल्ली के जिलाधिकारी ने एक आदेश जारी कर सात और आठ नवंबर को सुबह छह से सात बजे और रात आठ से 10 बजे तक ही हरित पटाखे जलाने की अनुमति दी थी। बाहरी दिल्ली के पीतमपुरा और बुराड़ी में स्थानीय निवासियों ने बताया कि पटाखे जलाए गए। बुराड़ी में पटाखों की आवाज विशेष रूप से अधिक थी।

मयूर विहार से भी ऐसी ही खबरें आईं। वहीं, बिशंभर दास मार्ग और लुटियंस दिल्ली के लोगों ने बताया कि वहां भी आतिशबाजी जारी रही, हालांकि दिन बढ़ने के साथ इसकी तीव्रता कुछ कम हो गई। एक स्थानीय निवासी ने बताया कि जंगपुरा इलाके में लगातार पटाखे जलाए जा रहे थे।

रोहिणी के विभिन्न सेक्टर में तय समय सीमा खत्म होने के काफी देर बाद तक पटाखों की तेज आवाजें सुनाई देती रहीं। शहर की वायु गुणवत्ता बेहद खराब श्रेणी में बनी रही। शाम सात बजे दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 371 दर्ज किया गया, जो गंभीर श्रेणी के स्तर के करीब था।

वायु गुणवत्ता की निगरानी करने वाले 59 केंद्रों में से 19 पर शाम सात बजे तक एक्यूआई गंभीर श्रेणी में, सात पर खराब श्रेणी में और बाकी 33 केंद्रों पर बेहद खराब श्रेणी में दर्ज किया गया। जहांगीरपुरी में सबसे अधिक 460 एक्यूआई दर्ज किया गया। धुंध छाने और दृश्यता कम होने के बीच दिल्ली का औसत एक्यूआई रविवार को 376 रहा, जो बेहद खराब श्रेणी में आता है।

शनिवार को यह 369 दर्ज किया गया था। अदालत ने अस्पतालों, नर्सिंग होम, स्वास्थ्य केंद्रों, वृद्धाश्रमों, शिक्षण संस्थानों और अन्य अधिसूचित शांत क्षेत्रों के 300 मीटर के दायरे में पटाखे जलाने पर रोक लगाई थी।

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