दिल्ली में दिवाली से पहले AQI पहुंचा 483, CPCB ने हवा को Severe श्रेणी में दर्ज किया

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अंकित सिंह । Nov 8 2026 11:38AM

दिल्ली में दिवाली से पहले वायु गुणवत्ता गंभीर श्रेणी में पहुंच गई है। CPCB के अनुसार रविवार सुबह 8:10 बजे शहर का कुल AQI 483 दर्ज किया गया, जबकि शनिवार को यह 364 था। प्रदूषण में भारी बढ़ोतरी को देखते हुए CAQM ने दिल्ली-NCR में GRAP के तीसरे चरण के प्रतिबंध लागू कर दिए हैं।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) ने बताया कि रविवार सुबह दिल्ली की हवा की गुणवत्ता खराब होकर 'गंभीर' (severe) श्रेणी में पहुंच गई। सुबह 8:10 बजे कुल वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 483 दर्ज किया गया, जबकि राजधानी के कई इलाकों में AQI का स्तर 400 के पार पहुंच गया। यह स्थिति तब बनी है, जब दिवाली से ठीक पहले, प्रदूषण के स्तर में और बढ़ोतरी के पूर्वानुमान को देखते हुए, 'वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग' (CAQM) ने शुक्रवार को दिल्ली-NCR में 'ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान' (GRAP) के तीसरे चरण (Stage III) को लागू कर दिया था।

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ANI की रिपोर्ट के अनुसार, रविवार सुबह दिल्ली के कम से कम आठ मॉनिटरिंग स्टेशनों पर हवा की गुणवत्ता 'गंभीर' (severe) दर्ज की गई। पंजाबी बाग में AQI 449, RK पुरम में 448, बवाना में 446, और IIT दिल्ली तथा रोहिणी में 445 दर्ज किया गया। पटपड़गंज में 421, चांदनी चौक में 420 और अलीपुर में 413 AQI दर्ज हुआ। शहर के अन्य हिस्सों में हवा की गुणवत्ता 'बहुत खराब' (very poor) श्रेणी में रही। नरेला में AQI 395, इंडिया गेट पर 398, आनंद विहार में 328 और अक्षरधाम मंदिर के आसपास के इलाके में 336 दर्ज किया गया।

दिल्ली के कई हिस्सों में सुबह घनी धुंध छाई रही, जिससे विजिबिलिटी (दृश्यता) काफी कम हो गई और प्रदूषण का स्तर भी बिगड़ गया। कुल AQI 483 तक पहुंच गया, जो शनिवार सुबह की स्थिति के मुकाबले काफी खराब है; शनिवार सुबह 8 बजे शहर का AQI 364 था, जो 'बहुत खराब' श्रेणी में आता है। CPCB के वर्गीकरण के अनुसार, 0-50 का AQI 'अच्छा', 51-100 'संतोषजनक', 101-200 'मध्यम', 201-300 'खराब', 301-400 'बहुत खराब' और 401-500 'गंभीर' माना जाता है।

चूंकि पहले से ही चरण III (स्टेज III) के प्रतिबंध लागू हैं, इसलिए मौजूदा पाबंदियों के साथ-साथ प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त उपाय भी लागू किए जा रहे हैं। इस आपातकालीन कार्य योजना (इमरजेंसी एक्शन प्लान) में दिल्ली और हरियाणा, उत्तर प्रदेश तथा राजस्थान के आसपास के जिले शामिल हैं। GRAP एक चार-चरणीय आपातकालीन ढांचा है, जिसे CAQM द्वारा CPCB और राज्य सरकारों के साथ मिलकर लागू किया जाता है। ये चरण प्रदूषण के स्तर और भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) तथा भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान (IITM) के पूर्वानुमानों के आधार पर सक्रिय किए जाते हैं, जिससे अधिकारियों को हवा की गुणवत्ता और अधिक खराब होने से पहले ही प्रतिबंध लगाने का मौका मिल जाता है।

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जब AQI 'खराब' श्रेणी (201-300) में आता है, तो चरण I (स्टेज I) लागू हो जाता है। इसमें सड़कों पर धूल को नियंत्रित करने, प्रदूषण संबंधी नियमों को सख्ती से लागू करने और खुले में कचरा जलाने पर रोक लगाने जैसे उपाय शामिल हैं। चरण II (स्टेज II), जो 'बहुत खराब' श्रेणी (301-400) के लिए लागू होता है, इसमें धूल को नियंत्रित करने के कड़े उपाय, पार्किंग शुल्क में बढ़ोतरी और कार्यालयों के समय में बदलाव (स्टैगर्ड टाइमिंग) जैसे कदम उठाए जाते हैं।

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