Delhi Master Plan 2047 के तहत पैदल यात्रियों के लिए बनेगी 'Right to Walk' सड़कें

राष्ट्रीय राजधानी में 'राइट टू वॉक' की अवधारणा के आधार पर एक सुरक्षित, छायादार और सार्वजनिक परिवहन से जुड़ा सर्वसुलभ पैदल मार्ग नेटवर्क विकसित करने का खाका तैयार किया गया है। इस योजना के तहत अत्यधिक पैदल आवाजाही वाले क्षेत्रों को विशेष जोन घोषित कर वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित किया जा सकता है। इसके अलावा सड़कों के किनारे पेयजल, शौचालय, चाइल्ड केयर रूम, कियोस्क और साइकिल पार्किंग जैसी सार्वजनिक सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी।
दिल्ली के मास्टर प्लान-2047 में राष्ट्रीय राजधानी में ‘‘राइट टू वॉक’’ के तहत नेटवर्क विकसित करने, पैदल यात्रियों के लिए विशेष सड़कें बनाने और बहुउपयोगी क्षेत्र विकसित करने के प्रस्ताव हैं। मास्टर प्लान के तहत सड़कों को नए सिरे से विकसित कर पेयजल, बाल देखभाल केंद्र, रेहड़ी-पटरी वालों के लिए जगह, साइकिल पार्किंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है। योजना में सड़कों के किनारे बहुउपयोगी क्षेत्रों में बैठने की जगह, कूड़ेदान, संकेतक, सार्वजनिक सुविधाएं, शौचालय, बाल देखभाल कक्ष, पेयजल सुविधा, रेहड़ी-पटरी और ‘कियोस्क’, पार्किंग तथा सार्वजनिक साइकिल शेयरिंग प्रणाली के लिए जगह बनाने का प्रस्ताव है।
साथ ही, पैदल यात्रियों के लिए पर्याप्त और निर्बाध रास्ता सुनिश्चित किया जाएगा। ‘‘राइट टू वॉक’’ की अवधारणा के तहत सार्वजनिक परिवहन से जुड़े सुरक्षित, छायादार, सर्वसुलभ पैदल मार्गों का नेटवर्क विकसित किया जाएगा। अधिक पैदल यात्री वाले क्षेत्रों को विशेष क्षेत्र के रूप में चिह्नित किया जा सकता है जहां वाहनों की अनुमति नहीं होगी।
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