Delhi के New Usmanpur में कारोबारी के घर फायरिंग कर रंगदारी मांगने वाले चार आरोपी पकड़े गए

उत्तर-पूर्वी दिल्ली में गांधी नगर के कपड़ा व्यापारी को डराकर रंगदारी वसूलने की नीयत से उनके घर पर गोलीबारी कराई गई थी। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी निगरानी के जरिए साजिश का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों को दबोच लिया। वारदात में शामिल दो शूटरों की तलाश अब भी जारी है।
दिल्ली पुलिस ने उत्तर-पूर्वी दिल्ली के न्यू उस्मानपुर में एक कारोबारी के घर के बाहर गोलीबारी कर रंगदारी मांगने की साजिश रचने के आरोप में चार लोगों को गिरफ्तार किया। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। जांचकर्ताओं के अनुसार, आरोपियों ने कारोबारी के घर पर गोली चलाने के लिए दो हमलावरों को कथित तौर पर काम पर रखा था।
पुलिस के मुताबिक, उन्होंने मौके पर धमकी भरा एक नोट भी छोड़ा था और बाद में एक आरोपी ने कई लाख रुपये लेकर मामला निपटाने की पेशकश की थी। पुलिस ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज की जांच, तकनीकी निगरानी और पूछताछ के जरिए इस साजिश का खुलासा हुआ। पुलिस के मुताबिक, मामले में शामिल दोनों हमलावरों और अन्य आरोपियों को गिरफ्तार करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
पुलिस ने बताया कि आरोपियों की पहचान एकांत भाटी उर्फ संजू भाटी उर्फ मास्टरजी (32), आकाश उर्फ वीरू (24), मोंटी और आशीष डेढ़ा के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, घटना 15 अक्टूबर को रात 12 बजकर 55 मिनट पर उस समय हुई, जब उत्तर-पूर्वी दिल्ली के न्यू उस्मानपुर में एक घर पर गोली चलने की सूचना पुलिस को मिली। शिकायतकर्ता गांधी नगर कपड़ा बाजार में टी-शर्ट की थोक दुकान चलाते हैं।
उन्होंने पुलिस को बताया कि उन्होंने अपने घर के मुख्य दरवाजे के पास गोली चलने की आवाज सुनी थी। अधिकारियों ने बताया कि भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और शस्त्र अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज करने के बाद पुलिस ने इलाके के सीसीटीवी फुटेज की जांच की। उन्होंने बताया कि फुटेज में मोंटी नाम का एक व्यक्ति अंगूठे से इशारा करके हमलावरों को संकेत देता दिखाई दिया।
अधिकारियों के मुताबिक, शिकायतकर्ता ने जांचकर्ताओं को यह भी बताया कि आकाश उर्फ वीरू पहले इसी इलाके में किराये पर रहता था और उसने कारोबारी से संपर्क कर कई लाख रुपये लेकर मामला निपटाने की पेशकश की थी। अधिकारियों ने बताया कि भाटी को 16 अक्टूबर को गिरफ्तार किया गया था और जांचकर्ताओं को गुमराह करने की उसकी कोशिश नाकाम रही और उससे पूछताछ के दौरान रंगदारी की साजिश का खुलासा हुआ। पुलिस के मुताबिक, भाटी, मोंटी, आकाश और आशीष ने कारोबारी को कथित तौर पर डराकर उससे रंगदारी वसूलने की साजिश रची थी।
पुलिस ने बताया कि अन्य तीन आरोपियों को 17 अक्टूबर को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के पास से तीन मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं।
अन्य न्यूज़













