Delhi Rohini Building Collapse | निर्माणाधीन चार मंजिला इमारत गिरी, एक की मौत, कई लोगों के फंसे होने की आशंका

दिल्ली के रोहिणी इलाके में बुधवार को निर्माणाधीन चार मंजिला इमारत ढहने से एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि चार लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि चार से पांच लोगों के अब भी मलबे में फंसे होने की आशंका है।
दिल्ली के रोहिणी इलाके में बुधवार शाम एक बड़ा हादसा हो गया, जहां एक निर्माणाधीन चार मंजिला इमारत अचानक ताश के पत्तों की तरह ढह गई। इस मलबे की चपेट में आने से 42 वर्षीय एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि राहत और बचाव दल ने मुस्तैदी दिखाते हुए चार लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है। मलबे में अभी भी चार से पांच मजदूरों सहित कुछ अन्य लोगों के दबे होने की आशंका है, जिन्हें निकालने के लिए युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। इसने बताया कि मृतक की पहचान राम किशोर (42) के रूप में हुई है। उन्हें मलबे से निकालकर अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने बताया कि बचाए गए लोगों में रवि (35) जो पीओपी (प्लास्टर ऑफ पेरिस) का काम करता है, तथा 32 वर्षीय सद्दाम शामिल हैं।
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सद्दाम के पैर और हाथ में फ्रैक्चर हुआ है तथा उनका इलाज बाबासाहेब आंबेडकर अस्पताल में किया जा रहा है। पुलिस ने बताया कि दो अन्य लोगों को भी सुरक्षित निकाल लिया गया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि इमारत गिरने की सूचना मिलते ही पुलिस और जिला प्रशासन की टीमें मौके पर भेज दी गईं। उन्होंने कहा कि राहत एवं बचाव कार्य जारी है, स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और अधिकारियों को हरसंभव सहायता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
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पुलिस के अनुसार, शाम करीब साढ़े चार बजे इमारत गिरने की सूचना मिली, जिसके बाद सभी आपातकालीन एजेंसियां तत्काल मौके पर पहुंच गईं। पुलिस ने बताया कि उक्त संपत्ति राम दुआ की पत्नी मंजू तथा विनोद की पत्नी ऋतिका के संयुक्त स्वामित्व वाली है। दुआ के मलबे में फंसे होने की आशंका है। राहत एवं बचाव अभियान में दिल्ली पुलिस, दिल्ली अग्निशमन सेवा (डीएफएस), राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), दिल्ली नगर निगम (एमसीडी), राजस्व विभाग, टाटा पावर, एंबुलेंस सेवा तथा अन्य एजेंसियां देर रात तक जुटी रहीं।
पुलिस ने सबसे पहले पूरे क्षेत्र को सुरक्षित किया, राहत वाहनों के लिए रास्ता खाली कराया, आसपास की इमारतों को खाली करवाया और बचाव कार्य में किसी प्रकार की बाधा न आए, इसके लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की। मलबा हटाने और अभियान में तेजी लाने के लिए दिल्ली पुलिस के अनुरोध पर निजी जेसीबी मशीनों और दो हाइड्रा क्रेन की मदद ली गई। रोहिणी के पुलिस उपायुक्त शशांक जायसवाल ने बताया कि बचाव दल ने मलबे में फंसे एक व्यक्ति को निकाला। उन्होंने कहा, ‘‘हमने पहले से ऑक्सीजन सिलेंडर मंगवा लिया था। हम फंसे व्यक्ति तक पहुंचे, उसे पानी दिया और सुरक्षित बाहर निकाल लिया। अब हमारा प्रयास अन्य फंसे लोगों से संपर्क स्थापित कर उन्हें जल्द से जल्द सुरक्षित निकालने का है।’’
पुलिस के अनुसार, बचाव दल ने पास के अस्पताल से ऑक्सीजन सिलेंडर मंगवाकर एक अन्य फंसे व्यक्ति तक भी ऑक्सीजन पहुंचाई। रात में अभियान निर्बाध रूप से जारी रखने के लिए जनरेटर और प्रकाश व्यवस्था भी की गई। मलबे में दबी एक कार के संबंध में फैली खबरों पर डीसीपी ने स्पष्ट किया कि वह कार एक उपनिरीक्षक की है। उन्होंने बताया कि अधिकारी भवन गिरने से ठीक पहले मौके पर पहुंचे थे और सुरक्षित बाहर निकल गए, लेकिन उनकी कार मलबे में दब गई। पुलिस के अनुसार, राम दुआ के अलावा चार से पांच मजदूरों के भी मलबे में फंसे होने की आशंका है।
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