Ambedkar Jayanti पर Delhi Teachers University का संकल्प, Education से बनेगा समतामूलक समाज

Delhi Teachers University
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दिल्ली शिक्षक विश्वविद्यालय में डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती पर संगोष्ठी का आयोजन हुआ, जिसमें कुल सचिव डॉ. संजीव राय ने सामाजिक न्याय, समानता और शिक्षा में उनके योगदान पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर वक्ताओं ने डॉ. अंबेडकर के आदर्शों को शिक्षा के माध्यम से छात्रों तक पहुँचाने का आह्वान किया।

विश्वविद्यालय परिसर में आज भारत के महान चिंतक, समाज सुधारक एवं संविधान निर्माता  बाबा साहेब की 135वीं  जयंती के उपलक्ष्य में एक  संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के छात्रों शिक्षकों, एवं कर्मचारियों ने उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।

कार्यक्रम के दौरान डॉ संजीव राय, कुल सचिव ने डॉ. अंबेडकर के बहुआयामी योगदान सामाजिक न्याय, समानता, शिक्षा के प्रसार तथा लोकतांत्रिक मूल्यों की स्थापना पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए बताया कि डॉ. अंबेडकर का जीवन संघर्ष, संकल्प और समर्पण का अद्वितीय उदाहरण है, जो आज भी समाज के हर वर्ग को प्रेरित करता है।

इस अवसर पर वित्त नियंत्रक प्रकाश ने सभी को संबोधित करते हुए कहा कि डॉ. अंबेडकर केवल भारत के ही नहीं, बल्कि एक वैश्विक नेता के रूप में भी स्थापित हैं। डॉ सरोज मलिक ने कहा कि बाबा साहब के विचार और दृष्टिकोण मानवाधिकार, समानता और न्याय के लिए मार्गदर्शक सिद्ध हो रहे हैं। डॉ नसीरुद्दीन और डॉ राजेश प्रसाद सिंह ने छात्रों-शिक्षकों से आह्वान किया कि वे डॉ. अंबेडकर के आदर्शों को शिक्षा के माध्यम से विद्यार्थियों तक पहुँचाएं, ताकि एक समतामूलक और जागरूक समाज का निर्माण किया जा सके।

कार्यक्रम का समापन राष्ट्र निर्माण में डॉ. अंबेडकर के योगदान को स्मरण करते हुए उनके आदर्शों पर चलने के संकल्प के साथ किया गया। इस अवसर पर डॉ पारुल और शगुफ्ता ने भी अपने विचार व्यक्त किए।

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