Maharashtra Drought: जहां संभव होगा वहां बोरवेल खोदने की मिलेगी अनुमति, CM Devendra Fadnavis का एलान

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने नागपुर जिले के लोहारी सावंगा गांव का दौरा कर किसानों से मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने कहा कि सूखे के संकट से निपटने के लिए किसानों को अनुकूल जगहों पर बोरवेल की इजाजत मिलेगी। इसके साथ ही मिहान में संतरे और मौसंबी के लिए एक प्रसंस्करण संयंत्र शुरू करने की जानकारी भी दी गई।
नागपुर, सात नवंबर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने शनिवार को कहा कि राज्य में सूखे की स्थिति के बीच जहां भी संभव होगा, वहां बोरवेल खोदने की अनुमति दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने यहां लोहारी सावंगा गांव में किसान रामभाऊ बालपांडे के घर ठहरकर उनके साथ दिवाली मनाई। जिला सूचना कार्यालय (डीआईओ) की ओर से जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार, मुख्यमंत्री ने बालपांडे के साथ किसानों के सामने आ रही समस्याओं और उन्हें दूर करने के उपायों पर चर्चा की।
उन्होंने प्रभावित किसानों को भरोसा भी दिलाया। किसानों को संबोधित करते हुए फडणवीस ने कहा कि वह मजबूती से उनके साथ खड़े हैं। उन्होंने कहा कि गांव का दौरा करने का उद्देश्य मौजूदा हालात को समझना था।
मुख्यमंत्री ने किसानों से उगाई जा रही फसलों और सूखे के कारण हुए नुकसान पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि मौसम में बदलाव के कारण कुछ जिलों में जरूरत से ज्यादा बारिश हुई और इसके बाद लंबे समय तक बारिश नहीं होने से फसलों को नुकसान पहुंचा। फडणवीस ने कहा, “काटोल और नरखेड़ में बड़ी मात्रा में संतरे और मौसंबी का उत्पादन होता है।
हालांकि, बांग्लादेश की ओर से लगाए गए प्रतिबंधों के कारण किसानों को नुकसान हुआ है। मिहान में एक बड़ी प्रसंस्करण परियोजना शुरू की जा रही है, जिससे किसानों को इन फलों का प्रसंस्करण करने का अवसर मिलेगा।” फडणवीस ने किसानों से कृषि भूमि की सुरक्षा के लिए खेतों में बाड़ लगाने की योजना का लाभ उठाने की भी अपील की।
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