Devendra Fadnavis ने कहा Maharashtra के सूखा प्रभावित 265 तालुकों में फसल जांच शुरू

Devendra Fadnavis ने कहा Maharashtra के सूखा प्रभावित 265 तालुकों में फसल जांच शुरू
प्रतिरूप फोटो
AI-Generated

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रविवार को नागपुर में बताया कि 265 सूखाग्रस्त तालुकों में फसलों के नुकसान की जांच रिपोर्ट तैयार की जा रही है। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट पूरी होते ही प्रभावित किसानों को उचित वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही सरकार ने सूखे से निपटने के लिए 12 आपात राहत उपायों को भी मंजूरी दी है।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रविवार को कहा कि 265 तालुकाओं को सूखा प्रभावित घोषित किए जाने के बाद राज्य सरकार ने फसलों की जांच से जुड़ी रिपोर्ट को तैयार करने का काम शुरू कर दिया है और वह प्रभावित किसानों को उचित सहायता भी देगी। अगले वर्ष फरवरी में अल नीनो के चरम पर पहुंचने की संभावना को देखते हुए फडणवीस ने कहा अगर यह और तीव्र होता है, तो हमें परेशानियों का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए। राज्य सरकार ने शनिवार को बारिश की कमी के बीच महाराष्ट्र के 358 में से 265 तालुकों (राज्य के 74 प्रतिशत हिस्से) को सूखाग्रस्त घोषित किया और फसल ऋण पुनर्गठन, भूमि राजस्व में छूट तथा बिजली बिल में सब्सिडी समेत राहत उपायों की घोषणा की।

फडणवीस ने कहा कि कुछ तालुकाओं को सूखे के मानदंड से बाहर रखे जाने को लेकर बहुत कम शिकायतें मिली हैं और उन क्षेत्रों में भी किसानों को हुए नुकसान का आकलन किया जाएगा। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘प्रभावित तालुकाओं को सहायता दी जाएगी। 12 आपात उपायों को मंजूरी दी गई है और शुरुआती संकेत मिलने पर पहले ही आदेश जारी कर इनके क्रियान्वयन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।’’ फडणवीस ने कहा कि सरकार ने फसल जांच रिपोर्ट तैयार करने का काम कुछ हद तक शुरू कर दिया है और इसके तैयार होने के बाद उचित सहायता दी जाएगी।

उन्होंने कहा, ‘‘किसानों को वित्तीय सहायता की घोषणा से पहले सभी जरूरी प्रक्रियाओं को हम तेजी से पूरा कर रहे हैं।’’ आगामी गर्मी के मौसम में भीषण गर्मी पड़ने की आशंका और व्यापक राहत उपायों की आवश्यकता से जुड़ी वैश्विक रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए फडणवीस ने कहा कि अल नीनो मौसम चक्र के अगले साल फरवरी में चरम पर पहुँचने और उसके बाद कम होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा, ‘‘प्रशांत महासागर के ठंडा होने के साथ अल नीनो का प्रभाव कमजोर होगा। इन संभावनाओं को देखते हुए हमें हर तरह से तैयारी करनी चाहिए और अगर अल नीनो का प्रभाव बढ़ता है, तो उससे पैदा होने वाली समस्याओं का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए।

All the updates here:

अन्य न्यूज़