डीआरडीओ ने सशस्त्र बलों के लिए सर्दी के कपड़ों के उत्पादन के लिए निजी कंपनियों को तकनीक सौंपी

Indian Army New Dress

रक्षा मंत्रालय ने कहा कि डीआरडीओ के अध्यक्ष जी सतीश रेड्डी ने 27 दिसंबर को पांच भारतीय कंपनियों को स्वदेश में विकसित अत्यधिक ठंड वस्त्र प्रणाली (ईसीडब्ल्यूएस) प्रौद्योगिकी सौंपी।

नयी दिल्ली| रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) ने सशस्त्र बलों के लिए अत्यधिक ठंड में पहने जाने वाले कपड़ों के उत्पादन की खातिर स्वदेशी रूप से विकसित तकनीक पांच भारतीय कंपनियों को दी है।

सशस्त्र बलों के लिए उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों का उत्पादन करने के लिए सरकार के प्रयासों के तहत भारतीय रक्षा कंपनियों को प्रौद्योगिकी सौंपी गयी।

रक्षा मंत्रालय ने कहा कि डीआरडीओ के अध्यक्ष जी सतीश रेड्डी ने 27 दिसंबर को पांच भारतीय कंपनियों को स्वदेश में विकसित अत्यधिक ठंड वस्त्र प्रणाली (ईसीडब्ल्यूएस) प्रौद्योगिकी सौंपी।

मंत्रालय ने कहा कि भारतीय सेना को ग्लेशियर और हिमालय की चोटियों में अपने सतत अभियानों के लिए ईसीडब्ल्यूएस की आवश्यकता है।

सेना कुछ समय पहले तक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में तैनात सैनिकों के लिए अत्यधिक ठंड के मौसम के कपड़ों और संबंधित वस्तुओं का आयात करती थी।

मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि डीआरडीओ द्वारा डिजाइन ईसीडब्ल्यूसीएस को 15 डिग्री सेल्सियस से लेकर शून्य से 50 डिग्री सेल्सियस तक के तापमान पर उपयुक्त रूप से गर्मी प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

डिस्क्लेमर: प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


All the updates here:

अन्य न्यूज़