पिंक लाइन पर चालक रहित ट्रेन शुरू, इस श्रेणी में दुनिया में चौथे स्थान पर पहुंची दिल्ली मेट्रो

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  नवंबर 26, 2021   14:15
पिंक लाइन पर चालक रहित ट्रेन शुरू, इस श्रेणी में दुनिया में चौथे स्थान पर पहुंची दिल्ली मेट्रो

केंद्रीय आवासीय और शहरी मामलों के मंत्री हरदीप सिंह पुरी तथा दिल्ली के परिवहन मंत्री कैलााश गहलोत ने वीडियो कांफ्रेंस के जरिए संयुक्त रूप से चालक रहित ट्रेन को हरी झंडी दिखायी। मजलिस पार्क-शिव विहार कोरिडोर (36 स्टेशन) पर कुछ महीने की देरी से चालक रहित ट्रेन संचालन (डीटीओ) के शुरू होने के साथ डीएमआरसी का चालक रहित मेट्रो का नेटवर्क 97 किलोमीटर लंबा हो गया है।

दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (डीएमआरसी) ने अपने नाम एक और उपलब्धि जोड़ते हुए बृहस्पतिवार को मेट्रो की 59 किलोमीटर लंबी पिंक लाइन पर चालक रहित ट्रेन संचालन शुरू किया। उच्च स्तर की इस तकनीक के प्रयोग के साथ दिल्ली मेट्रो अब ऐसे नेटवर्क के मामले में दुनिया में चौथे स्थान पर पहुंच गयी है। डीएमआरसी अधिकारियों ने बताया कि चालक रहित ट्रेन नेटवर्क के मामले में दुनिया के शीर्ष तीन शहर सिंगापुर (प्रथम), शंघाई (दूसरा) और कुआलालम्पुर (तीसरा) हैं। केंद्रीय आवासीय और शहरी मामलों के मंत्री हरदीप सिंह पुरी तथा दिल्ली के परिवहन मंत्री कैलााश गहलोत ने वीडियो कांफ्रेंस के जरिए संयुक्त रूप से चालक रहित ट्रेन को हरी झंडी दिखायी। मजलिस पार्क-शिव विहार कोरिडोर (36 स्टेशन) पर कुछ महीने की देरी से चालक रहित ट्रेन संचालन (डीटीओ) के शुरू होने के साथ डीएमआरसी का चालक रहित मेट्रो का नेटवर्क 97 किलोमीटर लंबा हो गया है। अधिकारियों ने बताया कि इसके साथ ही अब दिल्ली मेट्रो का ‘‘दुनिया में चौथा सबसे बड़ा’’ चालक रहित ट्रेन नेटवर्क है और यह भारत में एकमात्र डीटीओ नेटवर्क है। डीएमआरसी ने बताया कि चौथे चरण का काम पूरा होने के बाद चालक रहित ट्रेन संचालन पिंक लाइन और मैजेंटा लाइन की विस्तारित लाइन पर भी उपलब्ध होगा और साथ ही एयरोसिटी-तुगलकाबाद सिल्वर लाइन पर भी उपलब्ध होगा। उसने कहा, ‘‘डीएमआरसी डीटीओ से लैस कोरिडोर के 160 किलोमीटर लंबे नेटवर्क के साथ दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा चालक रहित मेट्रो नेटवर्क बन जाएगा।’’ 

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले साल 28 दिसंबर को दिल्ली मेट्रो की मैजेंटा लाइन पर भारत की पहली चालक रहित ट्रेन के संचालन का उद्घाटन किया था। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि पूर्ववर्ती सरकारों से अलग उनकी सरकार ने बढ़ते शहरीकरण को एक अवसर के तौर पर लिया है और मेट्रो ट्रेन सेवाओं को 2025 तक 25 शहरों तक बढ़ाया जाएगा, जो अभी 18 शहरों में है। डीएमआरसी ने बृहस्पतिवार को एक बयान में कहा कि दिसंबर मेंचालक रहित मेट्रो ट्रेन के संचालन की शुरुआत के साथ दिल्ली मेट्रो ‘‘दुनिया के सात प्रतिशत मेट्रो के उस विशिष्ट समूह का हिस्सा बन गयी है जो पूरी तरह स्वचालित मेट्रो नेटवर्क का संचालन करता है।’’ पुरी ने कहा कि कोविड-19 महामारी की पहली लहर के बाद दिसंबर 2020 में पहली बार चालक रहित ट्रेन का संचालन शुरू किया गया। उन्होंने कहा, ‘‘तेजी से इसके क्रियान्वयन के साथ अब 11 महीने बाद हम डीएमआरसी नेटवर्क पर दूसरा डीटीओ शुरू कर रहे हैं। मैं डीएमआरसी प्रमुख मंगू सिंह और दिल्ली मेट्रो परिवार और दिल्ली के लोगों को बधाई देता हूं जो इसके श्रेय के हकदार हैं। उन लोगों को देखकर अच्छा लगा जिन्होंने परिवहन के इस प्रभावी और विश्वसनीय रूप को अपनाया है।’’ केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अपने राजनयिक करियर में वह दुनिया की कई राजधानियों में रहे और दुनियाभर के कई प्रमुख मेट्रो नेटवर्क को देखा। उन्होंने कहा, ‘‘मैं न्यूयॉर्क, लंदन और तोक्यो में रहा और विश्व भर में प्रमुख शहरों में कई मेट्रो प्रणालियों को देखा। लेकिन मैं पूरे विश्वास के साथ कह सकता हूं कि दिल्ली मेट्रो की तुलना दुनिया की सबसे अच्छी मेट्रो ट्रेन के साथ की जा सकती है।’’ 

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पुरी ने कहा, ‘‘मुझे बताया गया कि कुआलालम्पुर में मेट्रो 97 किलोमीटर से थोड़े ही अधिक नेटवर्क पर चालक रहित ट्रेन संचालन के मामले में दुनिया में तीसरे स्थान पर है। डीएमआरसी के लिए मैजेंटा लाइन और पिंक लाइन पर कुल 97 किलोमीटर लंबे रास्ते पर चालक रहित मेट्रो के साथ दिल्ली मेट्रो विश्व में चौथे स्थान पर है और मलेशिया की राजधानी से थोड़ा ही पीछे है।’’ उन्होंने कहा कि दिल्ली मेट्रो न केवल ‘‘देश का गौरव’’ है बल्कि यह ‘‘विश्व स्तरीय स्वचालित प्रणाली’’ भी है। उन्होंने कहा, ‘‘दिल्ली मेट्रो में कोविड-19 महामारी से पहले के दौर में हर दिन करीब 65 लाख सवारियां थी। हमें महामारी के कारण लंबे समय तक सेवाएं रोकनी पड़ी लेकिन अब 100 प्रतिशत तक बैठने की क्षमता और हाल में हर बोगी में 30 लोगों के खड़े होकर सफर करने की अनुमति दी गयी, इसी के साथ मैं उम्मीद करता हूं कि सवारियां फिर से बढ़ेगी।’’ केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अभी 18 शहरों में मेट्रो का 723 किलोमीटर लंबा नेटवर्क है और विभिन्न शहरों में 1,000 किलोमीटर से अधिक के अतिरिक्त नेटवर्क पर काम चल रहा है। इसके अलावा छह नए प्रस्तावों का भी मूल्यांकन किया गया।





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