रिश्वतखोरी से जुड़े धन शोधन मामले में ED ने गुजरात के IAS officer को गिरफ्तार किया

मोरी पर आरोप है कि उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग किया और आवेदनों को जल्द मंजूरी देने के लिए आवेदकों से रिश्वत ली। ईडी ने पहले कहा था कि रिश्वत की राशि प्रति वर्ग मीटर के आधार पर तय की गई थी।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के 2015 बैच के अधिकारी और गुजरात के सुरेंद्रनगर जिले के पूर्व जिलाधिकारी राजेंद्रकुमार पटेल को रिश्वतखोरी से जुड़े धन शोधन मामले की जांच के सिलसिले में गिरफ्तार किया है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
अधिकारी ने बताया, “ईडी ने रिश्वतखोरी से जुड़े धन शोधन मामले की जांच के सिलसिले में पटेल को गिरफ्तार किया है।” पटेल को एक हफ्ते पहले उस समय बिना किसी नयी तैनाती के स्थानांतरित कर दिया गया था, जब ईडी ने उनके कार्यालय में कार्यरत एक उप मामलतदार (राजस्व अधिकारी) को रिश्वतखोरी से जुड़े धन शोधन मामले में गिरफ्तार किया था।
ईडी धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट (ईसीआईआर) दर्ज होने के बाद उप मामलातदार चंद्रसिंह मोरी और अन्य लोगों के खिलाफ कथित धन शोधन मामले की जांच कर रही है।
गुजरात भ्रष्टाचार विरोधी ब्यूरो ने भी धन शोधन जांच के सिलसिले में ईडी की शिकायत पर पटेल और तीन अन्य लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। उप मामलातदार के रूप में, मोरी को सौराष्ट्र घरखेड़ किरायेदारी बंदोबस्त और कृषि भूमि अध्यादेश 1949 के तहत मालिकाना हक के सत्यापन और भूमि उपयोग परिवर्तन (सीएलयू) से जुड़े आवेदनों के निपटारे का काम सौंपा गया था।
मोरी पर आरोप है कि उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग किया और आवेदनों को जल्द मंजूरी देने के लिए आवेदकों से रिश्वत ली। ईडी ने पहले कहा था कि रिश्वत की राशि प्रति वर्ग मीटर के आधार पर तय की गई थी।
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