Eknath Shinde का Opposition पर हमला, कहा- झूठे नैरेटिव फैलाने वालों को जनता फिर हराएगी

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने विपक्षी नेताओं पर झूठे नैरेटिव और बदनामी के जरिए सरकार को अस्थिर करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लगातार तीन चुनाव हारने के बाद विपक्ष सत्ता गंवाने के कारण बेचैन है। शिंदे ने स्पष्ट किया कि भारत बांग्लादेश या श्रीलंका नहीं है और जनता ऐसी साजिशों को खारिज कर देगी।
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने विपक्षी नेताओं पर आरोप लगाया कि वे मौजूदा सरकार को कमजोर करने के लिए झूठी बातें फैला रहे हैं और बदनामी करने पर उतारू हैं। उन्होंने कहा कि अगर वे ऐसा करना जारी रखते हैं, तो जनता उन्हें एक बार फिर खारिज कर देगी। उन्होंने 17 अक्टूबर को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ये बातें कहीं। शिंदे ने आरोप लगाया कि तीन बार मतदाताओं द्वारा ठुकराए जाने के बाद, विपक्षी नेता सत्ता गंवाने की बात को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि विपक्षी नेता झूठी बातें फैलाने में लगे हुए हैं। जनता द्वारा तीन बार ठुकराए जाने के बाद, वे अब पानी से बाहर निकली मछली की तरह बेचैन हैं, क्योंकि वे सत्ता से बाहर होने की सच्चाई को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं।
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उन्होंने सत्ता में बैठे लोगों के खिलाफ की जाने वाली व्यक्तिगत टिप्पणियों की निंदा करते हुए कहा कि ऐसी कोशिशें स्वीकार्य नहीं हैं और ये कभी सफल नहीं होंगी। शिंदे ने आगे कहा कि सिर्फ इसलिए कि वे अब सत्ता में नहीं हैं, वे बदनामी और झूठे आरोप लगाकर उन लोगों को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं जो अभी सत्ता में हैं। यह बिल्कुल स्वीकार्य नहीं है। ऐसी कोशिशें कभी सफल नहीं होंगी। वैश्विक मंच पर भारत की स्थिति को रेखांकित करते हुए शिंदे ने कहा कि यह न तो नेपाल है, न श्रीलंका और न ही बांग्लादेश; यह एक नया भारत है—एक सक्षम और शक्तिशाली भारत। जो कोई भी ऐसी हरकतें करने की कोशिश करेगा, उसे जनता सबक सिखाएगी।
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उन्होंने इस बात को फिर दोहराया कि विपक्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से तीन बार हार चुका है, और चेतावनी दी कि अगर उन्होंने अपना मौजूदा तरीका नहीं बदला, तो उन्हें और भी हार का सामना करना पड़ेगा। शिंदे ने कहा कि वे पहले ही मोदी जी से तीन बार हार चुके हैं, और अगर उनका रवैया ऐसा ही रहा, तो जनता उन्हें बार-बार हराएगी। ये टिप्पणियां ऐसे समय में आई हैं जब सत्ता परिवर्तन की मांग और विरोध प्रदर्शनों के जरिए मोदी सरकार को अस्थिर करने के आरोपों को लेकर विवाद चल रहा है। वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने 16 अक्टूबर को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शनों को "सत्ता परिवर्तन की लड़ाई" करार दिया। इसके अलावा, ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन की अध्यक्ष नेहा बोरा ने बांग्लादेश में 'जेन जेड' (Gen Z) आंदोलन का जिक्र किया।
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