Erode के Vellode पक्षी अभयारण्य क्षेत्र में लगातार 21वें साल मना पटाखामुक्त Diwali

तमिलनाडु के इरोड जिले में वेल्लोड पक्षी अभयारण्य के आसपास बसे 10 से अधिक गांवों के निवासियों ने इस बार भी बिना पटाखों के दीपावली मनाई। पक्षियों को तेज आवाज और धुएं के असर से बचाने के लिए यह अनूठी परंपरा पिछले 21 वर्षों से जारी है। बच्चों ने भी स्वेच्छा से आतिशबाजी न करने का निर्णय लिया।
इरोड (तमिलनाडु), आठ नवंबर वेल्लोड पक्षी अभयारण्य के आसपास के 10 से अधिक गांवों में रविवार को लगातार 21वें साल ‘पटाखामुक्त दीपावली’ मनाई जा रही है ताकि हजारों स्थानीय और प्रवासी पक्षियों को पटाखों के धुएं तथा शोर से बचाया जा सके। गांवों के बच्चों ने स्वेच्छा से पटाखे न जलाने का फैसला किया है। भारत सरकार के पर्यावरण एवं वन मंत्रालय ने 240 एकड़ में फैले इस अभयारण्य की स्थापना 1996 में की थी।
यह तमिलनाडु के संरक्षित क्षेत्रों की आधिकारिक सूची में शामिल 16 पक्षी अभयारण्यों में से एक है। राज्य के अन्य पक्षी अभयारण्यों से अलग, यह अभयारण्य पेरियाकुलम झील के जलाशय के निकट स्थित है और इसके पास कोई वन क्षेत्र नहीं है। यह जलाशय भारत के विभिन्न हिस्सों और विदेशों से आने वाले स्थानीय और प्रवासी पक्षियों की कई प्रजातियों को आकर्षित करता है।
आमतौर पर पक्षी यहां मार्च से अक्टूबर के बीच घोंसले बनाने और प्रजनन के लिए आते हैं। हालांकि, ग्रामीणों ने बताया कि फिलहाल यहां स्थानीय और प्रवासी पक्षियों की संख्या बहुत कम है। ग्रामीणों ने बताया कि कुछ परिवार दीपावली मनाने के लिए अपने करीबी रिश्तेदारों के घर चले गए और अपने मोहल्लों के बजाय वहां कुछ पटाखे जलाए।
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