दो- तीन दिन की देरी से पहुंचेगा दिल्ली में मानसून, सामान्य बारिश का अनुमान

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Publish Date: Jun 6 2019 5:59PM
दो- तीन दिन की देरी से पहुंचेगा दिल्ली में मानसून, सामान्य बारिश का अनुमान
Image Source: Google

‘‘अच्छी खबर यह है कि मानसून की प्रगति में सहायक दक्षिणपश्चिमी हवाएं तथा ‘सोमाली जेट स्ट्रीम’ जैसे कारक धीरे-धीरे सक्रिय हो रहे हैं।’’ श्रीवास्तव ने कहा कि उत्तरपश्चिम भारत में मानसून सत्र के दौरान सामान्य स्तर की बारिश होने की संभावना है।

नयी दिल्ली। मौसम विभाग ने मानसून के राष्ट्रीय राजधानी में आगमन में दो-तीन दिन की देरी की संभावना जतायी है। हालांकि शहर में बारिश के सामान्य रहने का अनुमान है। विभाग ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। हालांकि, निजी मौसम पूर्वानुमान संस्था ‘स्कायमेट वैदर’ ने कहा कि मानसून के दिल्ली आने में कम से कम एक सप्ताह का विलंब हो सकता है। मौसम विभाग ने बुधवार को कहा था कि मानसून आने में और देरी हो सकती है तथा यह आठ जून तक ही केरल के तट पर पहुंचेगा। विभाग के क्षेत्रीय मौसम पूर्वानुमान प्रमुख कुलदीप श्रीवास्तव ने कहा, ‘‘सामान्य रूप से, मानसून 29 जून तक दिल्ली पहुंचता है। चूंकि इसके दक्षिणी भाग में पहुंचने में देरी हो रही है, इसलिये मानसून के उत्तरपश्चिम भारत तक पहुंचने में दो तीन दिन ज्यादा लग सकते हैं।’’

इसे भी पढ़ें: दिल्ली में बृहस्पतिवार को बारिश होने, धूल भरी आंधी आने की संभावना

उन्होंने कहा, ‘‘अच्छी खबर यह है कि मानसून की प्रगति में सहायक दक्षिणपश्चिमी हवाएं तथा ‘सोमाली जेट स्ट्रीम’ जैसे कारक धीरे-धीरे सक्रिय हो रहे हैं।’’ श्रीवास्तव ने कहा कि उत्तरपश्चिम भारत में मानसून सत्र के दौरान सामान्य स्तर की बारिश होने की संभावना है। हालांकि, ‘स्कायमेट वैदर’ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और मौसम विज्ञानी महेश पलावत ने कहा, ‘‘यह कहना मुश्किल है कि यह दिल्ली कब पहुंचेगा लेकिन संभावना है कि इसके आने में कम से कम एक सप्ताह की देरी होगी।’’

इसे भी पढ़ें: मानसून में एक हफ्ते की देरी, केरल में आठ जून को देगा दस्तक



उन्होंने कहा, ‘‘मानसून की शुरुआत होने पर, अरब सागर के ऊपर कम दबाव वाला क्षेत्र बनने की संभावना है और यह धीरे धीरे बढ सकता है। जब भी इस तरह की गहन मौसम प्रणाली बंगाल की खाड़ी या अरब सागर के ऊपर विकसित होती है, आर्द्रता पूर्ण हवाएं इसके आस पास एकत्रित होने लगती है जिससे मानसून की प्रगति प्रभावित होती है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए, अरब सागर में कम दबाव का क्षेत्र बनने से मानसून की गति धीरे रहेगी।’’

रहना है हर खबर से अपडेट तो तुरंत डाउनलोड करें प्रभासाक्षी एंड्रॉयड ऐप   


Related Story

Related Video