फर्जी डिग्री, डिप्लोमा देने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़, बिहार के तीन व्यक्ति गिरफ्तार

Fake Degree
पुलिस का कहना है कि उसने इस संबंध में बिहार के तीन व्यक्तियों को शुक्रवार को गिरफ्तार किया। अलवर की पुलिस अधीक्षक तेजस्वनी गौतम ने बताया कि गिरफ्तार लोगों में सुधीर कुमार यादव (35), सुजीत कुमार मिश्रा (23) व सचिन कुमार सिंह (31)शामिल हैं।

जयपुर| राजस्थान की अलवर जिला पुलिस ने विभिन्न निजी विश्वविद्यालयों की डिग्री, डिप्लोमा घर बैठे उपलब्ध करवाने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करने का दावा किया है।

पुलिस का कहना है कि उसने इस संबंध में बिहार के तीन व्यक्तियों को शुक्रवार को गिरफ्तार किया। अलवर की पुलिस अधीक्षक तेजस्वनी गौतम ने बताया कि गिरफ्तार लोगों में सुधीर कुमार यादव (35), सुजीत कुमार मिश्रा (23) व सचिन कुमार सिंह (31)शामिल हैं।

उन्होंने बताया कि गिरफ्तार जालसाजों से पूछताछ में सामने आया कि वे निजी विश्वविद्यालयों से सम्बन्ध स्थापित करके प्रवेश से लेकर परिणाम तक की सारी व्यवस्थाएं खुद ही करते हैं। उन्होंने बताया कि उत्तर भारत के कई राज्यों के निजी विश्वविद्यालयों से इनका गठजोड़ पाया गया हैं।

पुलिस के अनुसार अलवर की एनईबी थाना पुलिस को इनके पास मिली डायरियों व हार्ड डिस्क में कई करोडों रुपये का हिसाब किताब मिला है। पुलिस के अनुसार इनके पास जिले के एक निजी विश्वविद्यालय व राज्य के अन्य विश्वविद्यालयों के दस्तावेज मिले हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार जांच में इस मामले में निजी विश्वविद्यालयों का गौरखधंधा भी सामने आ सकता है। अधिकारियों के अनुसार एनईबी थाना पुलिस को सूचना मिली की एक कार में बैठे तीन व्यक्ति विभिन्न विश्वविद्यालयों से किसी भी कोर्स की फर्जी डिग्री और डिप्लोमा बिना कॉलेज गये मोटी रकम लेकर देने की बात कर रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और भागने की कोशिश कर रहे तीनों आरोपियों को काबू किया। अधिकारियों के अनुसार गाड़ी की तलाशी ली की गई तो इस मामले का खुलासा हुआ।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार पुलिस को कार की तलाशी में विभिन्न विश्वविद्यालयों की कुल 439 उत्तर पुस्तिका भरी हुई, 850 खाली उत्तर पुस्तिका, 93 भरे हुए माइग्रेशन प्रमाण पत्र, 41 कॉलेज परित्याग प्रमाण पत्र, टी.सी. व 91 मार्कशीट, 26 प्रोविजनल प्रमाण पत्र, 4 खाली प्रोविजनल प्रमाण पत्र, 118 खाली माइग्रेशन प्रमाण पत्र , 37 खाली एप्लीकेशन फॉर्म, 118 भरे हुए एप्लीकेशन फॉर्म, 10 एटीएम कार्ड, 7 क्रेडिट कार्ड, एक लैपटॉप व एक टैबलेट एवं हार्ड डिस्क बरामद की गई।

अधिकारियों के अनुसार इनकी डायरियों में कथित तौर पर करोड़ों रुपये का हिसाब किताब है। अधिकारियों के अनुसार इन दस्तावेजों के सम्बन्ध में सुजीत कुमार मिश्रा व सचिन कुमार सिंह ने बताया कि वे विभिन्न यूनिवर्सिटियों से विभिन्न कोर्स, जिसमें बीएससी, बीए, बीकॉम, बीबीए, एमसीए इत्यादि के फर्जी तरीके से विद्यार्थियों को बिना कॉलेज बुलायें उनसे मोटी रकम लेकर अच्छें नम्बरों से पास करवाने का झांसा देकर डिप्लोमा या डिग्री दिलवाते हैं। अधिकारियों के अनुसार इनका कई राज्यों में विभिन्न विश्वविद्यालयों से गठजोड़ हैं।

अधिकारियों के अनुसार वे फर्जी प्रवेश फार्म से लेकर के परिणाम तक की सारी कार्रवाई करके परीक्षार्थी को सीधे ही डिग्री / डिप्लोमा दे देते हैं।

अधिकारियों के अनुसार वे विश्वविद्यालयों में रिकार्ड जमा कराकर पूर्ति करा देते हैं ताकि बाद में अगर किसी विद्यार्थी की इन डिग्री से सरकारी नौकरी लगती हैं तो फर्जीवाड़े में नहीं फंसें। अधिकारियों के अनुसार पुलिस मामले में आगे जांच कर रही है।

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