Uniform civil code से लेकर श्रद्धा मर्डर केस तक, जानें अमित शाह ने तमाम सवालों का क्या दिया जवाब

Amit Shah
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अंकित सिंह । Nov 24, 2022 9:02PM
भाजपा नेता ने साफ तौर पर दावा किया कि समय बीतने के साथ ही संविधान सभा के इस प्रतिबद्धता को भुला दिया गया। लेकिन भाजपा फिलहाल इस पर लगातार चर्चा को तैयार है। उन्होंने कहा कि भाजपा को छोड़कर कोई भी राजनीतिक दल यूनिफॉर्म सिविल कोड के समर्थन में नहीं है।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज एक बार फिर से दोहराया है कि भाजपा सभी लोकतांत्रिक चर्चाओं और बहसों के पूरा होने के बाद देश में यूनिफॉर्म सिविल कोड को लागू करने के लिए पूरी तरीके से प्रतिबद्ध है। अमित शाह ने साफ तौर पर कहा कि जनसंघ के जमाने से यह मुद्दा हम उठाते रहे हैं। भाजपा ने भी देश के लोगों के सामने यह वादा किया है। दरअसल, अमित शाह एक निजी टीवी चैनल से संवाद कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि न सिर्फ भाजपा, बल्कि संविधान सभा ने भी संसद और राज्य को उचित समय आने पर यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करने की सलाह दी थी। क्योंकि किसी भी धर्मनिरपेक्ष देश में कानून धर्म के आधार पर नहीं होने चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने सवाल किया कि यदि राष्ट्र और राज्य धर्मनिरपेक्ष है तो कानून धर्म पर आधारित कैसे हो सकता है?

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भाजपा नेता ने साफ तौर पर दावा किया कि समय बीतने के साथ ही संविधान सभा के इस प्रतिबद्धता को भुला दिया गया। लेकिन भाजपा फिलहाल इस पर लगातार चर्चा को तैयार है। उन्होंने कहा कि भाजपा को छोड़कर कोई भी राजनीतिक दल यूनिफॉर्म सिविल कोड के समर्थन में नहीं है। लेकिन एक लोकतंत्र में स्वस्थ चर्चा जरूरी है और खुले मन से एक बहस की जाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि भाजपा शासित तीन राज्यों-हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और गुजरात में सर्वोच्च अदालत और उच्च न्यायालयों के सेवानिवृत्त न्यायाधीशों की अध्यक्षता में एक पैनल गठित किया गया है, जिसके सामने अलग-अलग धर्मों के लोग इस मुद्दे को लेकर अपनी राय जाहिर कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम इस प्रक्रिया में मिलने वाले सुझावों के आधार पर कार्रवाई करेंगे। सभी लोकतांत्रिक चर्चाओं के पूरा होने के बाद भाजपा यूसीसी लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है।

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जैन का मंत्री पद पर बने रहना शर्मनाक

जेल में बंद दिल्ली के मंत्री सत्येंद्र जैन के हाल के दिनों में दो-तीन वीडियो वायरल होने इसको लेकर भाजपा जबरदस्त तरीके से आम आदमी पार्टी पर हमलावर है। इसी को लेकर अमित शाह से भी सवाल पूछा गया। अमित शाह ने साफ तौर पर कहा कि मैं भी जेल गया था और मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। बाद में, हमने अदालत में लड़ाई लड़ी और अदालत ने कहा कि यह एक राजनीतिक साजिश थी और मामला फर्जी है। यदि आपके साथ अन्याय हुआ है तो कानून का सहारा लीजिए, या अदालत का रुख करिए। आप इतनी बेशर्मी के साथ कार्य नहीं कर सकते। शाह ने कहा कि जेल में बंद रहने के बाद भी मंत्री पद पर चिपके रहने की इस तरह की बेशर्मी अभूतपूर्व है।

श्रद्धा मर्डर केस

श्रद्धा मर्डर केस को लेकर के अमित शाह से सवाल पूछा गया। उन्होंने कहा कि पूरे मामले पर मेरी नजर है। मैं देश के लोगों को सिर्फ यह बताना चाहता हूं कि जिसने भी यह किया है, दिल्ली पुलिस व अभियोजन पक्ष कानून और अदालतों के माध्यम से कम से कम समय में सख्त सजा सुनिश्चित करेंगे। शाह ने कहा कि दिल्ली और मुंबई पुलिस के बीच तालमेल की कोई कमी नहीं है। गृह मंत्री ने कहा कि लेकिन जो चिट्ठी सामने आई है, उसमें दिल्ली पुलिस की कोई भूमिका नहीं है। श्रद्धा ने महाराष्ट्र के एक थाने को चिट्ठी भेजी थी कि उसके शरीर के टुकड़े-टुकड़े करने और जान से मारने की धमकी दी जा रही है...वहां पर कोई कार्रवाई नहीं की गई.. वहां इसकी जांच होगी। उस समय हमारी सरकार नहीं थी... जो भी जिम्मेदार होगा, सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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राहुल गांधी को सद्दाम जैसा बताने पर क्या बोले शाह

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी का हुलिया इराक के पूर्व तानाशाह सद्दाम हुसैन जैसा बताने संबंधी भाजपा के एक नेता की टिप्पणी को बृहस्पतिवार को तवज्जो नहीं देते हुए कहा कि इस तरह की चीजों को नहीं खींचना चाहिए। असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने मंगलवार को दावा किया था कि राहुल इराक के पूर्व तानाशाह की तरह दिख रहे हैं, जिस पर कांग्रेस ने इस टिप्पणी को ‘अप्रिय और पूरी तरह से अस्वीकार्य’ बताया था। 

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