ऑनलाइन ठगी का नया अड्डा बना 'जिगोलो क्लब', प्रशिक्षित महिलाएं बनाती हैं शिकार !

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अनुराग गुप्ता । Oct 28, 2020 12:36PM
पैसों की लालच देकर जिगोलो बनाने का दावा करने वाली कई अडल्ट साइट्स हैं। जहां पर 20 से 25 हजार रुपए तक कमाने के विज्ञापन स्क्रोल होते हैं।

नयी दिल्ली। कोरोना महामारी के दौर ऑनलाइन फ्राड के मामले काफी ज्यादा बढ़े हैं और इसको लेकर समय-समय पर पुलिस प्रशासन सभी को सतर्क करती रहती है। दरअसल, आज के समय में 'जिगोलो क्लब' चर्चा में बना हुआ है। हालांकि, यह कहां पर स्थित है इसकी पुख्ता जानकारी नहीं मिली है। लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि पैसे कमाने का लालच देकर लोगों को फंसाने का काम जारी है। प्रशिक्षित महिलाएं लोगों को जिगोलो बनाने के लिए पहले रजिस्ट्रेशन कराती हैं। 

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बता दें कि पैसों की लालच देकर जिगोलो बनाने का दावा करने वाली कई अडल्ट साइट्स हैं। जहां पर 20 से 25 हजार रुपए तक कमाने के विज्ञापन स्क्रोल होते हैं। इन विज्ञापनों के नीचे एक नंबर दिया रहता है जिस पर कॉल करने पर प्रशिक्षित महिला बात करती है। एक हिन्दी समाचार पत्र में छपी रिपोर्ट के मुताबिक प्रशिक्षित महिला हिन्दी-अंग्रेजी या फिर दोनों भाषाओं को मिक्स कर सुरीली आवाज में बात करती हैं।

इन प्रशिक्षित महिलाओं से बात करने के बाद ऐसा प्रतीत होता है कि मानो आप 'जिगोलो' बन गए। रिपोर्ट के मुताबिक संवाददाता ने सच्चाई को पता लगाने के लिए विज्ञापन पर दर्शाए गए नंबर पर फोन किया। फोन करने पर सामने सुरीली आवाज सुनाई दी। नाम बदलकर संवाददाता ने सारी जानकारी लेने की कोशिश की लेकिन प्रशिक्षित महिला ने ज्यादा कुछ बताया नहीं। हालांकि संवाददाता ने फिर भी हार नहीं मानी और प्राइवेसी से जुड़ा हुआ सवाल दाग दिया। जिस पर महिला ने जवाब दिया कि इसमें (जिगोलो बनने में) कोई रिस्क नहीं है। आपको जहां भी भेजा जाएगा, वो जगह पूरी तरह से सेफ होगी। 

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संवाददाता ने महिला से कहा कि मैं तैयार हूं, कहां कैसे मिलूं ? इस सवाल के जवाब में महिला ने कंपनी के नियम कायदों की बात कही और कहा कि आपको रजिस्ट्रेशन करना होगा, जिसकी फीस महज 2500 रुपए है। रजिस्ट्रेशन फीस जमा करने के 2 घंटे के भीतर ही आपको कंपनी की प्राइवेसी पॉलिसी समझा दी जाएगी। इसके साथ ही महिला ने ऑनलाइन पैसे पेमेंट करने की बात कही। लेकिन संवाददाता ने ऑफिस का पता पूछा जहां पर जाकर वह पैसे जमा करना चाहता था। लेकिन महिला ने कोरोना का हवाला देते हुए कहा कि क्लब का सिस्टम ऑनलाइन चलता है।

रिपोर्ट में संवाददाता ने प्रशिक्षित महिला के साथ की गई बातचीत का जिक्र किया। इस रिपोर्ट के मुताबिक संवाददाता ने 'जिगोलो क्लब' का पता जानने की पूरी कोशिश की लेकिन उनका प्रयास सफल नहीं हो पाया। तत्काल प्रभाव से पैसे कमाने का दावा करने वाले प्लेटफॉर्म को लेकर जब साइबर सेल के अधिकारी से सवाल पूछा गया तो उन्होंने इन्हें फेक बताया और कहा कि ऐसे प्लेटफॉर्म से सावधान रहना चाहिए।

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