'सरकारी अधिकारी Robot नहीं होते', CM Yogi के लिए Shankaracharya विवाद में अफसर ने छोड़ी नौकरी

Prashant Singh
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ANI
अंकित सिंह । Jan 27 2026 3:50PM

शंकराचार्य विवाद पर सीएम योगी के समर्थन में अयोध्या के जीएसटी डिप्टी कमिश्नर प्रशांत सिंह ने इस्तीफा दे दिया है, उनका कहना है कि सरकारी अधिकारी सरकार पर निराधार आरोपों के खिलाफ चुप नहीं रह सकते। यह मामला प्रशासनिक अधिकारियों के बीच राजनीतिक और वैचारिक मतभेदों को उजागर करता है।

शंकराचार्य विवाद के बीच, अयोध्या में जीएसटी के उप आयुक्त प्रशांत कुमार सिंह ने उत्तर प्रदेश सरकार के समर्थन में अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के बयानों के विरोध में यह कदम उठाया है। अपने इस फैसले के बारे में बताते हुए सिंह ने कहा कि सरकारी अधिकारी रोबोट नहीं होते और जिस सरकार से उन्हें वेतन मिलता है, उस पर हमले होने पर वे चुप नहीं रह सकते। उन्होंने कहा कि शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद मुख्यमंत्री पर निराधार आरोप लगा रहे हैं और ऐसी स्थिति में चुप रहना उन्हें मंजूर नहीं है।

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अयोध्या के जीएसटी आयुक्त प्रशांत कुमार सिंह ने कहा कि सरकार के समर्थन में और शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का विरोध करते हुए मैंने इस्तीफा दे दिया है। पिछले दो दिनों से मैं हमारे मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के खिलाफ उनके निराधार आरोपों से बहुत आहत था... जिस सरकार से मुझे वेतन मिलता है, उसके प्रति मेरी कुछ नैतिक जिम्मेदारियां हैं... जब मैंने देखा कि मेरे मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री का अपमान किया जा रहा है, तो मैंने राज्यपाल को अपना इस्तीफा पत्र भेज दिया। 

वहीं, बरेली के नगर मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने सरकारी नीतियों विशेषकर विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नए नियमों और शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़े मामले पर नाराजगी जताते हुए सोमवार को सेवा से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने बताया कि प्रांतीय प्रशासनिक सेवा (पीसीएस) के 2019 बैच के अधिकारी अग्निहोत्री ने राज्यपाल और बरेली के जिलाधिकारी अविनाश सिंह को ईमेल के माध्यम से अपना इस्तीफा भेजा। 

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सूत्रों ने बताया कि अग्निहोत्री ने इस्तीफे का कारण सरकारी नीतियों, विशेषकर यूजीसी के नए नियमों से गहरी असहमति को बताया है। कानपुर नगर के निवासी अग्निहोत्री पहले उन्नाव, बलरामपुर और लखनऊ समेत कई जिलों में एसडीएम के रूप में कार्य कर चुके हैं और प्रशासनिक हलकों में अपने स्पष्ट विचारों व सख्त कार्यशैली के लिए जाने जाते हैं। गणतंत्र दिवस समारोह में भाग लेने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए अग्निहोत्री ने कहा कि बीते दो सप्ताह में दो बड़े निंदनीय मामले सामने आए हैं, जिन्होंने उन्हें झकझोर कर रख दिया है। 

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