नागरिकों की निजता की सुरक्षा के लिए व्यक्तिगत डेटा संरक्षण विधेयक तैयार कर रही सरकार

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  नवंबर 21, 2019   18:39
नागरिकों की निजता की सुरक्षा के लिए व्यक्तिगत डेटा संरक्षण विधेयक तैयार कर रही सरकार

इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री संजय धोत्रे ने बृहस्पतिवार को राज्यसभा को एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी। उनसे पेगासस नामक इजराइली स्पाईवेयर द्वारा देश के नागरिकों की निजता के कथित उल्लंघन के बारे में पूछा गया था। इस पर मंत्री ने बताया कि सरकार नागरिकों की गोपनीयता की सुरक्षा के लिए व्यक्तिगत डेटा संरक्षण विधेयक तैयार कर रही है

नयी दिल्ली। सरकार नागरिकों की गोपनीयता की सुरक्षा के लिए व्यक्तिगत डेटा संरक्षण विधेयक तैयार कर रही है। इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री संजय धोत्रे ने बृहस्पतिवार को राज्यसभा को एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी। उनसे पेगासस नामक इजराइली स्पाईवेयर द्वारा देश के नागरिकों की निजता के कथित उल्लंघन के बारे में पूछा गया था। इस पर मंत्री ने बताया कि सरकार नागरिकों की गोपनीयता की सुरक्षा के लिए व्यक्तिगत डेटा संरक्षण विधेयक तैयार कर रही है। धोत्रे ने बताया कि पेगासस के जरिये कुछ व्हाट्सएप मोबाइल उपयोगकर्ताओं के उपकरणों को प्रभावित किए जाने के बारे में सूचना मिली है। उन्होंने बताया कि व्हाट्सएप के अनुसार, इस स्पाईवेयर का विकास इजराइल की कंपनी एनएसओ ग्रुप ने किया है।

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उन्होंने बताया कि पेगासस के माध्यम से विश्व भर के करीब 1400 उपयोगकर्ताओं के मोबाइल फोन तक पहुंचने का प्रयास किया गया है जिसमें भारत के 121 उपयोगकर्ता भी शामिल हैं।धोत्रे ने बताया कि व्हाट्सएप के अनुसार, अप्रैल और मई 2019 के दौरान, एनएसओ ग्रुप ने व्हाट्सएप उपयोगकर्ताओं के मोबाइल उपकरणों पर मालवेयर भेजने के लिए व्हाट्सएप वीडियो कॉलिंग सिस्टम का उपयोग किया। उन्होंने बताया कि भारतीय कंप्यूटर आपात प्रतिक्रिया दल (सर्ट-इन) ने 17 मई 2019 को एक जोखिम नोट प्रकाशित किया जिसमें व्हाट्सएप में जोखिम को लेकर उपयोगकर्ताओं को उपायों की सलाह दी गई। इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री के अनुसार, 20 मई 2019 को व्हाट्सएप ने सर्ट-इन को सूचित किया कि उसने एक कमजोरी का पता लगाया है जिससे कोई हमलावर मोबाइल उपकरणों में कोड डाल कर इसे कार्यान्वित कर सकता है।

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व्हाट्सएप ने यह भी बताया कि इस कमजोरी को दूर कर दिया गया तथा इसका अब इस्तेमाल हमले के लिए नहीं किया जा सकता।धोत्रे ने बताया कि पांच सितंबर 2019 को व्हाट्सएप ने सर्ट-इन को मई 2019 की घटना के संबंध में बताया गया कि इस हमले के पूर्ण प्रभाव को कभी भी नहीं जाना जा सकता तथा व्हाट्सएप उपलब्ध सूचना की समीक्षा कर रहा है। मंत्री ने बताया कि पेगासस द्वारा व्हाट्सएप के जरिये भारतीय नागरिकों के मोबाइल उपकरणों को निशाना बनाने के बारे में 31 अक्टूबर 2019 को मीडिया में आई खबरों के आधार पर सर्ट-इन ने व्हाट्सएप को एक नोटिस जारी किया है जिसमें उससे संबंधित ब्यौरे और जानकारी देने को कहा गया है।





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