सरकार ने रामविलास पासवान को आवंटित बंगले को खाली कराने की प्रक्रिया शुरू की

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  मार्च 31, 2022   09:10
सरकार ने रामविलास पासवान को आवंटित बंगले को खाली कराने की प्रक्रिया शुरू की

सरकार ने पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान को 12 जनपथ पर आवंटित बंगले को खाली कराने की प्रक्रिया बुधवार को शुरू कर दी। फर्नीचर और अन्य घरेलू सामान ले जाते कई ट्रक बंगले से बाहर निकलते दिखे।

नयी दिल्ली। सरकार ने पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान को 12 जनपथ पर आवंटित बंगले को खाली कराने की प्रक्रिया बुधवार को शुरू कर दी। फर्नीचर और अन्य घरेलू सामान ले जाते कई ट्रक बंगले से बाहर निकलते दिखे। आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय के तहत आने वाले संपदा निदेशालय द्वारा पिछले साल जुलाई में दिवंगत नेता रामविलास के पुत्र एवं लोकसभा सदस्य चिराग पासवान को जारी किए गए एक निष्कासन आदेश के क्रियान्वयन के लिए एक टीम यहां भेजी गई थी।

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एक अधिकारी ने कहा कि 12 जनपथ का बंगला केंद्रीय मंत्रियों के लिए निर्धारित है और इस सरकारी आवास में रहने वालों को इसे खाली करने के लिए कहा गया है। बंगले को खाली कराने की प्रक्रिया बृहस्पतिवार को भी जारी रहेगी। अधिकारी ने कहा कि नियमों के अनुसार तय समय से ज्यादा रहने का शुल्क वसूला जाएगा क्योंकि पासवान परिवार सात दिसंबर, 2020 तक बंगले का उपयोग करने के लिए पात्र था। बंगला खाली किये जाने के दौरान चिराग पासवान मौजूद नहीं थे। टिप्पणी के लिए उनसे संपर्क भी नहीं हो पाया। वहीं, लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के आधिकारिक पते 12 जनपथ बंगले से सामान लदे कम से कम पांच ट्रक बाहर निकले।

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पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान के निधन के बाद चिराग पासवान और उनके चाचा पशुपति कुमार पारस के बीच मतभेदों के चलते लोजपा दो धड़ों में विभाजित हो गई। इस बंगले का उपयोग पार्टी की संगठनात्मक बैठकों और अन्य संबंधित कार्यक्रमों के आयोजन के लिए नियमित रूप से किया जाता था। देश के प्रमुख दलित नेताओं में एक राम विलास पासवान का अक्टूबर 2020 में 74 साल की उम्र में निधन हो गया था। वह केंद्र की कई सरकारों में 1989 से मंत्री रहे थे।





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