NEET Paper Leak के बाद सरकार का बड़ा एक्शन, अब CRPF-CISF के पहरे में होगी दोबारा परीक्षा

NEET UG का री-टेस्ट इसलिए कराया जा रहा है क्योंकि 3 मई को हुई मूल परीक्षा को रद्द कर दिया गया था, जब यह पुष्टि हो गई थी कि प्रश्न पत्र लीक हो गया था। जहाँ पहले प्रश्न पत्र उन प्रोफेसरों द्वारा स्रोत पर ही लीक कर दिए गए थे जो पेपर तैयार कर रहे थे, वहीं 2024 की परीक्षा के दौरान लीक झारखंड के हजारीबाग में एक बैंक से स्कूल स्थित परीक्षा केंद्र तक ले जाए जाने के समय हुआ था।
शिक्षा मंत्रालय ने 21 जून को होने वाली नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (अंडरग्रेजुएट) (NEET-UG) की दोबारा परीक्षा के लिए प्रश्न पत्र पहुंचाने के लिए दो केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों - सेंट्रल रिज़र्व पुलिस फ़ोर्स (CRPF) और सेंट्रल इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फ़ोर्स (CISF) - के कर्मियों को तैनात किया है। जब पेपर को एयरपोर्ट से बैंकों और फिर परीक्षा केंद्रों तक ले जाया जाएगा, तो हर केंद्र पर CAPF के हथियारबंद जवानों की मदद के लिए राज्य पुलिस बल मौजूद रहेंगे। इन दोनों बलों के जवान जिन्होंने हाल ही में पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों के दौरान इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (EVMs) और वोटों की गिनती वाले केंद्रों की सुरक्षा की थी—हैदराबाद और अहमदाबाद के मुख्य केंद्रों से उन 551 शहरों तक पेपर ले जाने के दौरान उनकी सुरक्षा करेंगे जहाँ परीक्षाएँ आयोजित की जाएँगी। ये दोनों बल अपनी उन खास यूनिट्स से जवान उपलब्ध करा रहे हैं जो भारत में उन लोगों की सुरक्षा करती हैं जिनकी जान को ज़्यादा खतरा होता है।
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NEET UG का री-टेस्ट इसलिए कराया जा रहा है क्योंकि 3 मई को हुई मूल परीक्षा को रद्द कर दिया गया था, जब यह पुष्टि हो गई थी कि प्रश्न पत्र लीक हो गया था। जहाँ पहले प्रश्न पत्र उन प्रोफेसरों द्वारा स्रोत पर ही लीक कर दिए गए थे जो पेपर तैयार कर रहे थे, वहीं 2024 की परीक्षा के दौरान लीक झारखंड के हजारीबाग में एक बैंक से स्कूल स्थित परीक्षा केंद्र तक ले जाए जाने के समय हुआ था। इस मामले की जानकारी रखने वाले अधिकारियों ने बताया कि परीक्षा कराने वाली संस्था, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने 4 जून को केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन को पत्र लिखकर CAPF के जवानों से पेपर को अलग-अलग बैंक शाखाओं तक पहुँचाने में मदद मांगी थी।
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NTA के डायरेक्टर जनरल (DG) अभिषेक सिंह ने 11 जून से लेकर 21 जून को परीक्षा की शाम तक, पेपर पहुँचाने की पूरी प्रक्रिया के दौरान CAPF की सुरक्षा मांगी थी। इस साल सुरक्षा कारणों से सरकार ने भारतीय वायु सेना (IAF) की भी मदद ली है। जब पेपर अपनी जगह से निकलेंगे, तो राज्य पुलिस उन्हें एस्कॉर्ट करेगी और एयरपोर्ट तक, प्लेन में और मंज़िल तक पहुँचने तक CISF और CRPF के जवान उनकी सुरक्षा करेंगे। NTA के एक इंटरनल कम्युनिकेशन के अनुसार, रक्षा मंत्री के साथ हुई बैठक में यह तय किया गया था कि एस्कॉर्ट के लिए राज्य पुलिस और सुरक्षा के लिए CAPF के जवानों की मदद ली जाएगी। NTA के इंटरनल कम्युनिकेशन के मुताबिक, सुरक्षा कारणों से CAPF के अधिकारी पेपर पहुँचाने के दौरान IAF के प्लेन में भी मौजूद रहेंगे।
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