अमरनाथ यात्रा से पहले Jammu में हाई-लेवल Security Review, चप्पे-चप्पे पर रहेगी पैनी नजर

Amarnath Yatra
प्रतिरूप फोटो
ANI

आगामी अमरनाथ यात्रा के लिए जम्मू के संभागीय आयुक्त और आईजीपी ने सुरक्षा व्यवस्था एवं अन्य तैयारियों की गहन समीक्षा की, जिसमें भगवती नगर बेस कैंप में पंजीकरण, आरएफआईडी और आवास सुविधाओं का निरीक्षण कर यात्रा को सुगम बनाने पर जोर दिया गया।

 अगले महीने शुरू होने जा रही वार्षिक अमरनाथ यात्रा के मद्देनजर प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। इस साल 57 दिनों की अमरनाथ तीर्थयात्रा 3 जुलाई को दो मार्गों, अनंतनाग जिले में पारंपरिक 48 किलोमीटर लंबे नुनवान-पहलगाम मार्ग और गांदरबल जिले में 14 किलोमीटर लंबा छोटा लेकिन अधिक खड़ी चढ़ाई वाले बाल्टल मार्ग से शुरू होगी। यह तीर्थयात्रा श्रावण मास की पूर्णिमा यानी रक्षा बंधन पर 28 अगस्त को समाप्त होगी।

अधिकारियों ने बताया कि जम्मू के संभागीय आयुक्त रमेश कुमार और पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) भीम सेन टूटी ने भगवती नगर आधार शिविर का दौरा किया और पंजीकरण काउंटर, आरएफआईडी केंद्र, आवास, स्वच्छता, स्वास्थ्य सेवा और सुरक्षा सहित तैयारियों की समीक्षा की। कुमार ने कहा कि भगवती नगर में सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं, जो वार्षिक यात्रा करने वाले तीर्थयात्रियों के लिए मुख्य आधार शिविर के रूप में कार्य करता है। उन्होंने कहा, ‘‘इस निरीक्षण का उद्देश्य जमीनी स्तर पर तैयारियों की समीक्षा करना और व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देना था। पंजीकरण सुविधाओं, आरएफआईडी सेवाओं, स्वास्थ्य अवसंरचना और स्वच्छता व्यवस्थाओं का गहन निरीक्षण किया गया।’’

संभागीय आयुक्त ने कहा कि सभी कार्यों को समय पर पूरा करने और तीर्थयात्रा का सुचारू संचालन सुनिश्चित करने के लिए संबंधित विभागों के साथ चर्चा की गई। आईजीपी ने सुरक्षा बलों की तैनाती योजना की समीक्षा की और सभी ठहरने के केंद्रों पर उचित रोशनी की व्यवस्था और यात्रा के निर्धारित समय का सख्ती से पालन करने पर जोर दिया। टूटी ने कठुआ और सांबा जिलों में सुरक्षा संबंधित तैयारियों की समीक्षा की और अधिकारियों को यात्रा मार्ग पर अधिकतम सतर्कता बनाए रखने तथा निगरानी उपायों को मजबूत करने का निर्देश दिया।

पुलिस महानिरीक्षक ने लखनपुर में आधार शिविर, यात्री निवास केंद्र और आगंतुक स्वागत सुविधाओं का निरीक्षण किया, साथ ही सुरक्षा तैनाती, सीसीटीवी निगरानी, पहुंच नियंत्रण प्रणाली, तलाशी व्यवस्था, यातायात प्रबंधन और तीर्थयात्रियों के लिए उपलब्ध सुविधाओं की समीक्षा की। इसके बाद कठुआ के जिला पुलिस लाइन में एक सुरक्षा समीक्षा बैठक आयोजित की गई जहां कठुआ की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) मोहिता शर्मा ने अधिकारियों को निगरानी उपायों, काफिले के प्रबंधन, त्वरित प्रतिक्रिया टीमों (क्यूआरटी) की तैनाती और आपातकालीन प्रतिक्रिया योजनाओं के बारे में जानकारी दी।

आईजीपी ने तीर्थयात्रियों के साथ सुरक्षा प्रोटोकॉल और पेशेवर व्यवहार का कड़ाई से पालन करने पर जोर दिया। वहीं जम्मू-सांबा-कठुआ रेंज के डीआईजी श्रीधर पाटिल ने अधिकारियों को लंगर और निवास केंद्रों का नियमित रूप से निरीक्षण करने और संदिग्ध तत्वों पर कड़ी निगरानी रखने का निर्देश दिया।

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