उच्च न्यायालय का भाजपा विधायक नितेश राणे को अग्रिम जमानत देने से इनकार

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 17, 2022   14:57
उच्च न्यायालय का भाजपा विधायक नितेश राणे को अग्रिम जमानत देने से इनकार

बंबई उच्च न्यायालय ने सोमवार को सिंधुदुर्ग जिले में पुलिस द्वारा दर्ज हत्या के प्रयास के एक मामले में भाजपा विधायक नितेश राणे को अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया। न्यायमूर्ति सी वी भडांग की एकल पीठ ने केंद्रीय मंत्री नारायण राणे के बेटे नितेश कीअग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी।

मुंबई। बंबई उच्च न्यायालय ने सोमवार को सिंधुदुर्ग जिले में पुलिस द्वारा दर्ज हत्या के प्रयास के एक मामले में भाजपा विधायक नितेश राणे को अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया। न्यायमूर्ति सी वी भडांग की एकल पीठ ने केंद्रीय मंत्री नारायण राणे के बेटे नितेश कीअग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी लेकिन उसने मामले के एक अन्य आरोपी मनीष दलवी की याचिका को स्वीकार कर लिया। नितेश के वकील नितिन प्रधान ने तब उच्च न्यायालय से पुलिस के पहले के आश्वासन को आगे बढ़ाने की मांग की कि विधायक के खिलाफ एक और सप्ताह कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी।

इसे भी पढ़ें: चरणजीत सिंह चन्नी ने प्रधानमंत्री से कहा, ‘तुम सलामत रहो कयामत तक, खुदा करे कि कयामत ना हो’

इस पर पीठ ने विशेष लोक अभियोजक सुदीप पासबोला से पूछा कि क्या पुलिस को दंडात्मक कार्रवाई से छूट को एक और हफ्ते तक बढ़ाने पर कोई आपत्ति है। इस पर पासबोला ने कहा कि पुलिस भाजपा विधायक के खिलाफ एक हफ्ते तक कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं करेगी। उच्च न्यायालय ने कहा, “हम पुलिस के इस बयान को स्वीकार करते हैं कि वह 27 जनवरी तक आवेदक (नितेश राणे) के खिलाफ आखिरी मौके पर कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं करेगी।” नितेश और दलवी ने उनके खिलाफ सिंधुदुर्ग पुलिस द्वारा दिसंबर 2021 में भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 307 (हत्या का प्रयास), 120 (बी) (आपराधिक साजिश) और 34 (सामान्य इरादे) के तहत दर्ज मामले में अग्रिम जमानत मांगी थी।

इसे भी पढ़ें: “अपने भाई के साथ इतनी बेशर्म, कैसी मुस्लिम है ये”, सारा अली खान की इस वीडियो पर युजर्स क्यों कर रहे भद्दे कमेंट

कंकावली विधायक राणे ने दावा किया था कि उन्हें राजनीतिक कारणों से झूठे मामले में फंसाया गया था जबकि पुलिस ने दावा किया कि नितेश शिवसेना कार्यकर्ता की हत्या के मामले में मुख्य आरोपी और मुख्य साजिशकर्ता है। न्यायमूर्ति भडांग ने दलवी को अग्रिम जमानत देते हुए उन्हें 20, 21 और 22 जनवरी को सुबह 11 बजे से दोपहर एक बजे के बीच और उसके बाद भी पुलिस द्वारा बुलाये जनेपर उन्हेंसिंधुदुर्ग पुलिस के समक्ष पेश होने का निर्देश दिया। यह मामला सिंधुदुर्ग जिला सहकारी बैंक के चुनाव के प्रचार के दौरान शिवसेना के स्थानीय कार्यकर्ता संतोष परब पर हुए कथित हमले से संबंधित है।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।