स्टेडियम में कुत्ता टहलाने के विवाद से चर्चा में आए IAS संजीव खिरवार की दिल्ली वापसी, बनाए गए MCD के नए कमिश्नर

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बुधवार को उनकी नियुक्ति की घोषणा की और इसकी जानकारी दिल्ली के उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना के कार्यालय को भी दी गई। खिरवार ने 1992 बैच के IAS अधिकारी अश्विनी कुमार की जगह ली है, जिन्हें जम्मू और कश्मीर ट्रांसफर कर दिया गया है।
करीब दो साल पहले दिल्ली के त्यागराज स्टेडियम में कुत्ता टहलाने के विवाद के कारण सुर्खियों में रहे 1994 बैच के आईएएस अधिकारी संजीव खिरवार एक बार फिर देश की राजधानी लौट आए हैं। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बुधवार को उनकी नियुक्ति का आधिकारिक ऐलान करते हुए उन्हें दिल्ली नगर निगम (MCD) का नया कमिश्नर नियुक्त किया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बुधवार को उनकी नियुक्ति की घोषणा की और इसकी जानकारी दिल्ली के उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना के कार्यालय को भी दी गई। खिरवार ने 1992 बैच के IAS अधिकारी अश्विनी कुमार की जगह ली है, जिन्हें जम्मू और कश्मीर ट्रांसफर कर दिया गया है।
उन्होंने ऐसे समय में पदभार संभाला है जब नगर निकाय इस महीने के आखिर में नगर निगम सदन के सामने अपना बजट पेश करने की तैयारी कर रहा है और कई प्रशासनिक और वित्तीय चुनौतियों से निपट रहा है। MCD कमिश्नर निगम के रोज़मर्रा के कामों की देखरेख करने, नीतियों को लागू करने और विभिन्न विभागों के बीच तालमेल बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं।
विवाद से लद्दाख तक का सफर
संजीव खिरवार का नाम मई 2022 में तब देश भर में चर्चा का विषय बन गया था, जब उन पर आरोप लगा था कि वह दिल्ली के त्यागराज स्टेडियम में अपने पालतू कुत्ते को टहलाने के लिए खिलाड़ियों को समय से पहले स्टेडियम से बाहर करवा देते थे। सोशल मीडिया पर उनकी तस्वीरें वायरल होने के बाद गृह मंत्रालय ने कड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें दिल्ली से लद्दाख स्थानांतरित कर दिया था। उनकी पत्नी, रिंकू दुग्गा (जो स्वयं एक आईएएस अधिकारी हैं), को भी इस विवाद के बाद अरुणाचल प्रदेश भेज दिया गया था।
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आईएएस अधिकारी संजीव खिरवार के बारे में
खिरवार अरुणाचल प्रदेश-गोवा-मिजोरम और केंद्र शासित प्रदेश (AGMUT) कैडर के IAS अधिकारी हैं। 2022 के विवाद ने सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच विशेषाधिकार की भावना को लेकर भारी जन आक्रोश पैदा किया था। उस समय खिरवार दिल्ली के प्रधान सचिव (राजस्व) थे। उन पर और उनकी पत्नी, जो खुद भी एक नौकरशाह हैं, पर आरोप लगा था कि उन्होंने एथलीटों को जल्दी जाने के लिए कहा ताकि वे अपने कुत्ते को टहला सकें। स्टेडियम में ट्रेनिंग कर रहे एथलीटों और कोचों ने उस समय दावा किया था कि उन्हें अपने सामान्य बंद होने के समय शाम 7 बजे से पहले ही जाने के लिए कहा गया था। इस विवाद के बाद, तत्कालीन अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली AAP सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी के सभी स्टेडियमों को खिलाड़ियों के लिए रात 10 बजे तक खुला रखने का निर्देश दिया था।
हालांकि, त्यागराज स्टेडियम के प्रशासक अनिल चौधरी ने इस आरोप से इनकार किया था और कहा था कि एथलीटों और कोचों को बंद होने के समय से पहले जाने के लिए नहीं कहा गया था।
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विवाद के बाद, खिरवार की पत्नी, रिंकू दुग्गा – जो खुद भी 1994 बैच की IAS अधिकारी हैं – को कथित तौर पर अनिवार्य रूप से रिटायर कर दिया गया था। समाचार एजेंसी PTI की रिपोर्ट के अनुसार, उनकी सेवा रिकॉर्ड के मूल्यांकन के बाद उन्हें मौलिक नियम (FR) 56(j), केंद्रीय सिविल सेवा (CCS) पेंशन नियम, 1972 के नियम 48 के तहत अनिवार्य रूप से रिटायर किया गया था।
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