20 July को नहीं आए तो भूत बनकर लौटूंगा: Sonam Wangchuk का भावुक संदेश, संसद मार्च होगा

Sonam Wangchuk
ANI
अंकित सिंह । Jul 17 2026 12:55PM

जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का अनशन 20वें दिन में पहुँच गया है, जहाँ डॉक्टरों ने उनकी सेहत को गंभीर बताया है। वांगचुक ने 20 जुलाई तक जीवित रहने का संकल्प लिया है, ताकि परीक्षा अनियमितताओं के विरोध में संसद तक प्रस्तावित मार्च को सफल बनाया जा सके। उनकी यह दृढ़ता बढ़ती स्वास्थ्य चिंताओं के बावजूद जारी है, जो आंदोलन के लिए जनसमर्थन जुटाने की उनकी रणनीति का हिस्सा है।

जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने शुक्रवार को कहा कि वे किसी भी हाल में 20 जुलाई तक जीवित रहेंगे। उनकी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल का आज 20वां दिन है, जबकि डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि लंबे समय से चल रहा उनका उपवास गंभीर स्थिति में पहुँच गया है। परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का विरोध प्रदर्शन 28वें दिन में प्रवेश कर गया है। वांगचुक ने 20 जुलाई को संसद तक संगठन के प्रस्तावित मार्च में बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की अपील की है।

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विरोध प्रदर्शन वाली जगह पर समर्थकों को संबोधित करते हुए वांगचुक ने माना कि उनकी शारीरिक हालत कमज़ोर हो गई है, लेकिन कहा कि उनका संकल्प मज़बूत बना हुआ है। उन्होंने कहा कि मैं बाहर से कमज़ोर हूँ लेकिन अंदर से बहुत मज़बूत हूँ। मुझे यकीन है कि आप सभी अंदर और बाहर, दोनों तरह से मज़बूत हैं। हमें इस ऊर्जा की 20 जुलाई के लिए ज़रूरत है, जब हम संसद तक शांतिपूर्ण मार्च निकालेंगे। हम सब साथ मिलकर लोकतंत्र के मंदिर में अपनी बात रखेंगे।

उन्होंने कहा कि मैं किसी भी कीमत पर 20 जुलाई तक ज़िंदा रहूँगा। अगर आप नहीं आए और 20 जुलाई का कार्यक्रम सफल नहीं हुआ, तो मैं भूत बनकर वापस आऊँगा। वांगचुक का इलाज कर रहे डॉक्टरों ने गुरुवार को चेतावनी दी थी कि उनकी सेहत बहुत नाज़ुक दौर में पहुँच गई है। उन्होंने आगाह किया कि उपवास जारी रखने से गंभीर जटिलताएँ हो सकती हैं, जिनमें अंगों को नुकसान पहुँचना भी शामिल है।

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वांगचुक ने उपवास खत्म करने से इनकार कर दिया है। उनका तर्क है कि सरकार की ओर से कोई प्रतिक्रिया मिले बिना ऐसा करने से गलत संदेश जाएगा। उन्होंने कहा कि अब पूरा ध्यान संसद तक 20 जुलाई को होने वाले मार्च को सफल बनाने पर होना चाहिए। दिल्ली हाई कोर्ट ने भी इस मामले का संज्ञान लिया है और अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे वांगचुक की सेहत पर रोज़ाना नज़र रखें और अगर उनकी हालत बिगड़ती है, तो उन्हें मेडिकल मदद मुहैया कराएं।

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