पंजाब में AAP की राह आसान नहीं, 20 में से 9 विधायकों ने अबतक छोड़ा साथ, भगवंत मान के सहारे नदी पार करना चाहते हैं केजरीवाल

पंजाब में AAP की राह आसान नहीं, 20 में से 9 विधायकों ने अबतक छोड़ा साथ, भगवंत मान के सहारे नदी पार करना चाहते हैं केजरीवाल
प्रतिरूप फोटो

आम आदमी पार्टी ने अभी तक मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार की घोषणा तो नहीं की है लेकिन माना जा रहा है कि जल्द ही पार्टी भगवंत मान को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित कर देगी। क्योंकि साल 2017 के विधानसभा चुनाव में पार्टी ने कोई उम्मीदवार घोषित नहीं किया था, जिसकी वजह से उन्हें चुनावों में काफी नुकसान हुआ था।

चंडीगढ़। पंजाब विधानसभा चुनाव को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) ने मजबूती के साथ चुनावी मैदान में उतरने की रणनीति तैयार कर ली है। पिछले विधानसभा चुनाव में पार्टी ने शानदार प्रदर्शन किया था। जिसकी बदौलत आम आदमी पार्टी ने 117 विधानसभा सीटों में से 20 सीटें जीतकर सभी को चौंका दिया था। हालांकि चुनाव आते-आते पार्टी के सामने अपने नेताओं को संभालने की चुनौती पैदा हो गई है। क्योंकि 20 में से 9 विधायकों ने साथ पार्टी का साथ छोड़ दिया है। इसके अलावा मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार का चयन को भी मुख्य चुनौती के तौर पर देखा जा रहा है। 

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मुख्यमंत्री का चेहरा नहीं किया घोषित

आम आदमी पार्टी ने अभी तक मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार की घोषणा तो नहीं की है लेकिन माना जा रहा है कि जल्द ही पार्टी भगवंत मान को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित कर देगी। क्योंकि साल 2017 के विधानसभा चुनाव में पार्टी ने कोई उम्मीदवार घोषित नहीं किया था, जिसकी वजह से उन्हें चुनावों में काफी नुकसान हुआ था। ऐसे में पार्टी पुराने चुनावों से सीख लेते हुए भगवंत मान को अपना मुखिया बनाने का मन बना रही है। हालांकि अभी तक कोई भी घोषणा नहीं हुई है।

साल 2017 के विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी ने 23 फीसदी से ज्यादा वोट शेयर हासिल किया था। इसके बावजूद साल 2019 के लोकसभा चुनाव में पार्टी ने चार में से तीन पद गंवा दिए। वर्तमान में महज भगवंत मान ही आम आदमी पार्टी के एकमात्र सांसद हैं। 

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पार्टी की राह आसान नहीं

आम आदमी पार्टी की पंजाब में राह आसान नहीं होने वाली है क्योंकि न तो मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार चुना गया है और न ही टिकट बंटवारे को लेकर आम राय बन पा रही है। आपको बता दें कि आम आदमी पार्टी के पास 11 विधायक बचे हैं। हालांकि पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल मतदाताओं को लुभाने के लिए कई बार प्रदेश का दौरा कर चुके हैं। इतना ही नहीं पार्टी 'दिल्ली मॉडल' की तर्ज पर चुनावी मैदान में उतरी है।





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