कोविड-19 के खिलाफ मुकाबले के लिए दुनिया मान रही भारत का लोहा: पीएम मोदी

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 16, 2021   12:21
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कोविड-19 के खिलाफ मुकाबले के लिए दुनिया मान रही भारत का लोहा: पीएम मोदी

लगभग साल भर से चली आ रही कोरोना के खिलाफ जंग के दौरान हुई लोगों को मौतों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री भावुक भी हो गए। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में जब कुछ देशों ने अपने नागरिकों को चीन में बढ़ते कोरोना के बीच छोड़ दिया था तब भारत चीन में फंसे हर भारतीय को वापस लेकर आया।

नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को कहा कि भारत ने जिस प्रकार कोविड-19 महामारी का मुकाबला किया उसका लोहा आज पूरी दुनिया मान रही है। कोविड-19 के खिलाफ टीकाकरण अभियान के आरंभ से पहले राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि इस महामारी से देश की लड़ाई आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की रही और इस मुश्किल दौर में भी हर भारतीय में आत्मविश्वास को कमजोर न पड़ने देने का संकल्प दिखा। लगभग साल भर से चली आ रही कोरोना के खिलाफ जंग के दौरान हुई लोगों को मौतों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री भावुक भी हो गए।

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उन्होंने कहा कि ऐसे समय में जब कुछ देशों ने अपने नागरिकों को चीन में बढ़ते कोरोना के बीच छोड़ दिया था तब भारत चीन में फंसे हर भारतीय को वापस लेकर आया। उन्होंने कहा, ‘‘सिर्फ भारत के ही नहीं, हम कई दूसरे देशों के नागरिकों को भी वहां से वापस निकालकर लाए।’’ उन्होंने देशवासियों को बताया कि कैसे एक देश में जब भारतीयों की कोविड जांच के लिए उपकरण कम पड़ गए तो भारत ने पूरी लैब भेज दी थी ताकि वहां से भारत आ रहे लोगों को टेस्टिंग की दिक्कत ना हो। उन्होंने कहा, ‘‘भारत ने इस महामारी से जिस प्रकार से मुकाबला किया उसका लोहा आज पूरी दुनिया मान रही है। केंद्र और राज्य सरकारें, स्थानीय निकाय, हर सरकारी संस्थान, सामाजिक संस्थाएं, कैसे एकजुट होकर बेहतर काम कर सकते हैं, ये उदाहरण भी भारत ने दुनिया के सामने रखा।’’

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प्रधानमंत्री ने कहा कि कोरोना के खिलाफ देश की हमारी लड़ाई ‘‘आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता’’ की रही है। उन्होंने कहा, ‘‘इस मुश्किल लड़ाई से लड़ने के लिए हम अपने आत्मविश्वास को कमजोर नहीं पड़ने देंगे, ये प्रण हर भारतीय में दिखा।’’ उन्होंने कहा कि भारत ने 24 घंटे सतर्क रहते हुए हर घटनाक्रम पर नजर रखी और ‘‘सही समय पर सही फैसले लिए।’’ उन्होंने कहा कि भारत दुनिया के उन पहले देशों में से था जिसने अपने हवाईअड्डों पर यात्रियों की स्क्रीनिंग शुरू कर दी थी। उन्होंने कहा, ‘‘जनता कर्फ्यू, कोरोना के विरुद्ध हमारे समाज के संयम और अनुशासन का भी परीक्षण था, जिसमें हर देशवासी सफल हुआ।

जनता कर्फ्यू ने देश को मनोवैज्ञानिक रूप से लॉकडाउन के लिए तैयार किया। हमने ताली-थाली और दीए जलाकर, देश के आत्मविश्वास को ऊंचा रखा।’’ प्रधानमंत्री ने कहा कि संकट के उसी समय में जब देश भर में निराशा का वातावरण था तब देश के चिकित्सकों, स्वास्थ्यकर्मी, एंबुलेंस ड्राइवर, आशा वर्कर, सफाई कर्मचारी, पुलिस और अग्रिम मोर्चे पर तैनात दूसरे कर्मी देशवासियों की जान बचाने में अपने प्राणों को संकट में डाल रहे थे। इस जंग में मारे गए लोगों को याद करते हुए प्रधानमंत्री भावुक हो गए।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


सूरत पहुंचे अरविंद केजरीवाल, चुनाव के बाद जनता को कहा- शुक्रिया

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  फरवरी 26, 2021   16:09
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सूरत पहुंचे अरविंद केजरीवाल, चुनाव के बाद जनता को कहा- शुक्रिया

आप ने सूरत नगर निगम (एसएमसी) की 27 सीटें जीतकर गुजरात की राजनीति में अपना रास्ता बना लिया है। गुजरात के छह शहरों में रविवार को नगर निगम के चुनाव हुए थे।

सूरत। गुजरात के सूरत शहर में नगर निगम के चुनावों में अपनी पार्टी के शानदार प्रदर्शन के बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (आप) के संयोजक अरविंद केजरीवाल लोगों का ‘‘शुक्रिया’’ अदा करने के लिए शहर आए। आप ने हाल ही में हुए नगर निगम चुनाव में 27 सीटें जीती हैं। सुबह शहर के हवाईअड्डा पहुंचने पर उन्होंने पत्रकारों से कहा, ‘‘मैं सूरत के लोगों का शुक्रिया अदा करने के लिए यहां आया हूं।’’ केजरीवाल दिन में तीन बजे शहर में रोड शो में हिस्सा लेंगे। इसकी शुरुआत वराछा इलाके से होगी और समापन सरथाना में होगा, जहां वह एक जनसभा को संबोधित करेंगे। अपनी यात्रा के दौरान वह पार्टी के स्थानीय पदाधिकारियों और नवनिर्वाचित पार्षदों से मिलेंगे। 

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आप ने सूरत नगर निगम (एसएमसी) की 27 सीटें जीतकर गुजरात की राजनीति में अपना रास्ता बना लिया है। गुजरात के छह शहरों में रविवार को नगर निगम के चुनाव हुए थे। भाजपा 120 सदस्यीय एसएमसी में 93 सीटें जीतकर सत्ता में कायम है जबकि आप शेष 27 सीटें जीतकर मुख्य विपक्षी पार्टी के तौर पर उभरी है। कांग्रेस ने 2015 में यहां 36 सीटें जीती थीं लेकिन इस बार उसे एक भी सीट पर जीत नहीं मिली। विशेषज्ञों के अनुसार, सूरत में आप की शानदार जीत के लिए मुख्य वजह पाटीदार अनामत आंदोलन समिति (पीएएएस) का समर्थन मिलना रहा। हार्दिक पटेल के नेतृत्व में इस आंदोलन की शुरुआत हुई थी। पटेल अभी गुजरात कांग्रेस के अध्यक्ष हैं।





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भारत व्यापार बंद : ओडिशा में दुकानें बंद, सड़कों पर नहीं दिखे वाहन

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  फरवरी 26, 2021   16:04
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भारत व्यापार बंद : ओडिशा में दुकानें बंद, सड़कों पर नहीं दिखे वाहन

कैट ने माल एवं सेवा कर (जीएसटी) तथा ई-वाणिज्य से संबंधित मुद्दों को लेकर सुबह छह बजे से शाम छह बजे के बीच भारत बंद का आह्वान किया है। ओडिशा व्यवसायी महासंघ के नेता सुधाकर पांडा ने बताया कि दवा और दूध जैसी आवश्यक सेवाओं को बंद के दायरे से बाहर रखा गया है।

भुवनेश्वर। कॉन्फेडरेशन ऑफ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) द्वारा शुक्रवार को 12 घंटे के देशव्यापी बंद के प्रति एकजुटता दिखाते हुए ओडिशा में कारोबारियों ने अपनी दुकानें बंद रखीं और सड़कों पर वाहन नहीं उतरे। कैट ने माल एवं सेवा कर (जीएसटी) तथा ई-वाणिज्य से संबंधित मुद्दों को लेकर सुबह छह बजे से शाम छह बजे के बीच भारत बंद का आह्वान किया है। ओडिशा व्यवसायी महासंघ के नेता सुधाकर पांडा ने बताया कि दवा और दूध जैसी आवश्यक सेवाओं को बंद के दायरे से बाहर रखा गया है।

गृह विभाग के विशेष सचिव संतोष बाला ने जिलाधिकारियों को एक पत्र लिखकर सुनिश्चित करने को कहा है कि बंद के कारण आवश्यक सेवाएं प्रभावित नहीं होनी चाहिए। पत्र में कहा गया, ‘‘आशंका है कि प्रदर्शनकारी वाहनों की आवाजाही, रेल यातायात को बाधित कर सकते हैं। कारोबारी प्रतिष्ठान भी बंद रहने और सरकारी कार्यालयों, बैंकों तथा शैक्षणिक संस्थानों के सामने अवरोधक रखे जाने की भी आशंका है।’’ राज्य में करीब 20 लाख दुकानें और कारोबारी प्रतिष्ठा बंद रहे और दोपहर तक किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली है। महासंघ से जुड़े नेताओं ने कहा कि भुवनेश्वर, कटक, राउरकेला, संबलपुर, बालासोर और ब्रह्मपुर समेत कई स्थानों पर बंद का असर दिखा। कारोबारियों ने बताया कि राज्य की राजधानी में यूनिट-एक और यूनिट दो, बापूजी नगर और कल्पना जैसे बडे बाजार सुबह से ही बंद हैं।





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कोरोना वायरस: 21 राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों में उपचाराधीन मामलों की संख्या एक हजार से कम

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  फरवरी 26, 2021   15:55
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कोरोना वायरस: 21 राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों में उपचाराधीन मामलों की संख्या एक हजार से कम

स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि देश में अभी 1,55,986 लोगों का कोरोना वायरस संक्रमण का इलाज चल रहा है, जो कुल मामलों का 1.41 प्रतिशत है। कई राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेश में वायरस के नए मामले बढ़ने की वजह से इनमें बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

नयी दिल्ली। देश में 20 राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेश में पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस से मौत का एक भी मामला सामने नहीं आया। वहीं 21 राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेश में उपचाराधीन मामले एक हजार से कम हैं। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि देश में अभी 1,55,986 लोगों का कोरोना वायरस संक्रमण का इलाज चल रहा है, जो कुल मामलों का 1.41 प्रतिशत है। कई राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेश में वायरस के नए मामले बढ़ने की वजह से इनमें बढ़ोतरी दर्ज की गई है। उसने कहा, ‘‘ हालांकि 21 राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेश में उपचाराधीन मामले 1,000 से कम है।’’ 

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आंकड़ों के अनुसार,जम्मू-कश्मीर में820,आंध्र प्रदेश में 611, ओडिशा में 609, गोवा में 531, उत्तराखंड में 491, बिहार में 478, झारखंड में 467, चंडीगढ़ में 279, हिमाचल प्रदेश में 244, पुडुचेरी में 196 लक्षद्वीप में 86, लद्दाख में 56, सिक्किम में 43, मणिपुर में 40 , त्रिपुरा में 32, मिजोरम में 27, मेघालय में 20, नगालैंड में 13, दमन एवं दीव तथा दादरा एवं नागर हवेली में पांच, अरुणाचल प्रदेश में तीन, अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह में दो लोगों का कोरोना वायरस संक्रमण का इलाज चल रहा है।

आंकड़ों के अनुसार, 20 राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेश दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, जम्मू-कश्मीर, आंध्र प्रदेश, झारखंड, चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश, असम, लद्दाख, त्रिपुरा, मिजोरम, नागालैंड, मणिपुर, मेघालय, सिक्किम, दमन एवं दीव तथा दादरा एवं नागर हवेली, उत्तराखंड, अरुणाचल प्रदेश, अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह में पिछले 24 घंटे में वायरस से मौत का एक भी मामला सामने नहीं आया। इस बीच, देश में कुल 1.34 करोड़ से अधिक लोगों को कोविड-19 का टीका लग चुका है। 

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आंकड़ों के अनुसार, शुक्रवार सुबह सात बजे तक 2,78,915 सत्रों का आयोजन कर 1,34,72,643 लोगों को कोविड-19 के टीके लगाए जा चुके हैं। इनमें से 66,21,418 स्वास्थ्य देखभाल कर्मियों (एचसीडब्ल्यू) को पहली खुराक और 20,32,994 स्वास्थ्य कर्मियों को दोनों खुराक दी जा चुकी है। वहीं अग्रिम मोर्चे पर तैनात 48,18,231 कर्मियों (एफएलडब्ल्यू) को पहली खुराक दी गई है। देश में 13 फरवरी को टीके की दूसरी खुराक देनी शुरू की गई थी। पहली खुराक देने के 28 दिन बाद दूसरी खुराक दी जाती है। अग्रिम मोर्चे पर तैनात कर्मियों (एफएलडब्ल्यू) को दो फरवरी से टीके लगने शुरू हुए थे। अब तक हुए टीकाकरण में नौ राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेश में 60 प्रतिशत से कम टीकाकरण हुआ है।





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