भारत के संविधान में राष्ट्रीय भाषा का उल्लेख नहीं: रविशंकर प्रसाद

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  नवंबर 21, 2019   18:03
भारत के संविधान में राष्ट्रीय भाषा का उल्लेख नहीं: रविशंकर प्रसाद

कानून मंत्री ने बताया कि संविधान के अनुच्छेद 343 (1) के अनुसार, सरकार कीआधिकारिक भाषा हिंदी और लिपि देवनागरी है तथा भारत के संविधान में राष्ट्रीय भाषा का कोई उल्लेख नहीं है।

नयी दिल्ली। कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने बृहस्पतिवार को कहा कि सरकार की आधिकारिक भाषा हिंदी और लिपि देवनागरी है तथा भारत के संविधान में राष्ट्रीय भाषा का कोई उल्लेख नहीं है। कानून मंत्री प्रसाद ने राज्यसभा को एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।

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कानून मंत्री ने बताया कि संविधान के अनुच्छेद 343 (1) के अनुसार, सरकार कीआधिकारिक भाषा हिंदी और लिपि देवनागरी है तथा भारत के संविधान में राष्ट्रीय भाषा का कोई उल्लेख नहीं है। प्रसाद ने बताया कि संविधान के अनुच्छेद 348(1) में कहा गया है कि उच्चतम न्यायालय और प्रत्येक उच्च न्यायालय में सभी कार्यवाही अंग्रेजी भाषा में होगी। 

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उन्होंने बताया कि संविधान के अनुच्छेद 348 के खंड (2) में कहा गया है कि खंड (1) के उपखंड (ख) में किसी राज्य का राज्यपाल राष्ट्रपति की पूर्व सहमति से उस उच्च न्यायालय की कार्यवाही में हिंदी का या उस राज्य के शासकीय प्रयोजन के लिए प्रयोग होने वाली किसी अन्य भाषा का उपयोग अधिकृत कर सकेगा जिस उच्च न्यायालय का मुख्य स्थान उसी राज्य में है।





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