• यौन उत्पीड़न का मामला जाने बिना हस्तक्षेप किया : केरल के मंत्री शशिंद्रन

केरल के वन मंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के वरिष्ठ नेता ए के शशिंद्रन ने मंगलवार को इन आरोपों का खंडन किया कि उन्होंने हाल में कोल्लम जिले में अपनी पार्टी के नेता द्वारा महिला से कथित तौर पर यौन उत्पीड़न के प्रयास के मामले को सुलझाने में दखल दिया था।

तिरुवनंतपुरम। केरल के वन मंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के वरिष्ठ नेता ए के शशिंद्रन ने मंगलवार को इन आरोपों का खंडन किया कि उन्होंने हाल में कोल्लम जिले में अपनी पार्टी के नेता द्वारा महिला से कथित तौर पर यौन उत्पीड़न के प्रयास के मामले को सुलझाने में दखल दिया था। यह मुद्दा तब सामने आया जब मलयालम समाचार चैनलों ने शशिंद्रन और महिला के पिता के बीच फोन पर हुई कथित बातचीत का प्रसारण शुरू किया। बातचीत से ऐसा प्रतीत हो रहा था कि मंत्री आपसी सहमति से इस मुद्दे को सुलझाना चाहते थे।

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महिला ने राकांपा नेता के खिलाफ पिछले महीने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। राकांपा नेता एक होटल के मालिक भी हैं। महिला के पिता के साथ कथित बातचीत में मंत्री को यह कहते हुए सुना गया है कि पार्टी में एक छोटा सा मुद्दा है और इसे अच्छे तरीके से सुलझाना चाहिए। जब व्यक्ति ने मंत्री से पूछा कि क्या यह उनकी बेटी के यौन उत्पीड़न के मामले में एक होटल मालिक द्वारा मुद्दे को सुलझाने का प्रयास है। इस पर मंत्री ने कथित तौर पर कहा कि उन्हें इस मुद्दे के बारे में पता है और इसे अच्छे तरीके से सुलझाना चाहिए।

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आज पत्रकारों से बातचीत में मंत्री ने इन आरोपों का खंडन किया। उन्होंने फोन पर इस तरह की बातचीत से इनकार नहीं किया, लेकिन यह भी कहा कि उन्हें नहीं पता था कि यह यौन उत्पीड़न का मामला था। शशिंद्रन ने कहा कि उन्होंने इस मामले में हस्तक्षेप किया क्योंकि उन्हें लगा कि यह उनकी पार्टी के कार्यकर्ता से जुड़ा कोई अन्य मुद्दा है।