24 घंटे में राम मंदिर चंदा चोरी पर होने वाला है सबसे बड़ा खुलासा? SIT सौंप सकती है अपनी रिपोर्ट

Ram
ANI
अभिनय आकाश । Jul 16 2026 4:53PM

टिन्नू के पास मंदिर की सभी संवेदनशील जानकारियों और एडमिनिस्ट्रेशन तक पूरी पहुंच थी। यहां तक ​​कि दान पेटियों (हुंडी) की चाबियां भी उन्हीं के पास थीं। सूत्रों ने बताया कि SIT ने कथित चोरी के मुख्य कारणों में से एक कारण भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी को माना है। उन्होंने कहा कि गिनती करने वाले कर्मचारियों को तय नियमों और प्रक्रियाओं का पालन किए बिना ट्रस्ट के अधिकारियों की सिफारिश पर रखा गया था।

उत्तर प्रदेश के अयोध्या में राम मंदिर के लिए मिले दान में कथित हेराफेरी की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) अगले 24 घंटों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंप सकती है। उम्मीद है कि इस रिपोर्ट से पता चलेगा कि आरोपियों ने चोरी को कैसे अंजाम दिया। इस फाइनल रिपोर्ट के आधार पर राज्य सरकार आगे की कार्रवाई कर सकती है। SIT ने पाया है कि चंपत राय के करीबी सहयोगी राम शंकर यादव उर्फ ​​टिन्नू यादव, राम मंदिर ट्रस्ट के आधिकारिक सदस्य नहीं थे, लेकिन वे मंदिर के मैनेजमेंट में शामिल थे। सूत्रों के मुताबिक, टिन्नू के पास मंदिर की सभी संवेदनशील जानकारियों और एडमिनिस्ट्रेशन तक पूरी पहुंच थी। यहां तक ​​कि दान पेटियों (हुंडी) की चाबियां भी उन्हीं के पास थीं। सूत्रों ने बताया कि SIT ने कथित चोरी के मुख्य कारणों में से एक कारण भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी को माना है। उन्होंने कहा कि गिनती करने वाले कर्मचारियों को तय नियमों और प्रक्रियाओं का पालन किए बिना ट्रस्ट के अधिकारियों की सिफारिश पर रखा गया था।

इसे भी पढ़ें: UCC पर Digvijaya Singh का सरकार को सीधा संदेश: कड़वाहट नहीं, एकता जरूरी

SOPs को नज़रअंदाज़ किया गया, सुप्रीम कोर्ट ने संज्ञान लिया

मंदिर प्रशासन ने स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOPs) का ठीक से पालन नहीं किया, जिसकी वजह से कथित चोरी हुई। सूत्रों ने इंडिया टीवी को बताया कि SIT ने अपनी शुरुआती रिपोर्ट में FIR दर्ज करने और एक नया मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त करने की सिफारिश की है, जिस पर पहले से ही कार्रवाई चल रही है। राम मंदिर में हुई कथित चोरी ने पूरे देश में विवाद खड़ा कर दिया है और सुप्रीम कोर्ट ने भी इस मामले का संज्ञान लिया है। सोमवार को, भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन जजों की बेंच ने सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन (CBI) से जांच की मांग वाली याचिकाओं पर केंद्र और राज्य सरकारों को नोटिस जारी किए। जस्टिस जॉयमाल्य बागची और वी मोहना वाली बेंच ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को भी नोटिस जारी किया और लखनऊ डिविजनल कमिश्नर विजय विश्वास पंत और इंस्पेक्टर जनरल ऑफ़ पुलिस (IGP) किरण एस वाली SIT को स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया।

All the updates here:

अन्य न्यूज़