Jairam Ramesh ने Great Nicobar project को रोकने की मांग की, केंद्र पर साधा निशाना

Prabhasakshi Image
Prabhasakshi

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए ग्रेट निकोबार द्वीप विकास परियोजना को तुरंत रोकने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि नियमों की अनदेखी कर इस प्रोजेक्ट को पर्यावरण मंजूरियां दी गईं और कलकत्ता उच्च न्यायालय में इसके खिलाफ पांच याचिकाएं लंबित हैं।

कांग्रेस ने ग्रेट निकोबार परियोजना को लेकर शुक्रवार को मोदी सरकार पर एक बार फिर से निशाना साधा और कहा कि वहां ‘‘गंभीर पारिस्थितिक मूर्खता’’ का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है और स्थानीय तथा राष्ट्रीय हितों की मांग है कि इस परियोजना को आगे नहीं बढ़ाया जाए। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि ग्रेट निकोबार को बचाने की सार्वजनिक लड़ाई जारी है, हालांकि मोदी सरकार अब इसे आगे बढ़ाने के लिए नए कारण ‘‘गढ़’’ रही है। रमेश ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘ग्रेट निकोबार में गंभीर पारिस्थितिक भूल का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है।’’ उन्होंने कहा कि यह एक ऐसी ग्रेट निकोबार द्वीप विकास परियोजना है, जिसमें पारगमन बंदरगाह, हवाई अड्डा और बड़े पर्यटन परिसर शामिल हैं।

उनके अनुसार, पर्यावरण और वन मंजूरियां सभी नियमों, प्रक्रियाओं और दिशानिर्देशों का खुला उल्लंघन करते हुए ‘‘जबरन’’ दी गई हैं। पूर्व पर्यावरण मंत्री रमेश ने कहा कि कलकत्ता उच्च न्यायालय इस परियोजना के खिलाफ दायर पांच अलग-अलग याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा है, लेकिन मोदी सरकार ‘‘बेहद बेपरवाह, उदासीन और अडिग’’ बनी हुई है। उन्होंने कहा, ‘‘दूसरा, खबर आई कि 10 अगस्त, 2026 को स्थानीय प्रशासन ने लिटिल अंडमान और ग्रेट निकोबार के आसपास अधिसूचित क्षेत्रों में बिजली की भारी खपत करने वाले बड़े डेटा केंद्र स्थापित करने की योजना की घोषणा की थी।’’ रमेश ने कहा कि ‘‘रहस्यमय तरीके से’’ एक पखवाड़े के भीतर इन योजनाओं को ‘‘प्रशासनिक कारणों’’ का हवाला देते हुए वापस ले लिया गया।

उन्होंने उम्मीद जताई कि यह वापसी स्थायी होगी। रमेश ने कहा कि वास्तविक स्थानीय और राष्ट्रीय हित यही मांग करते हैं कि इस परियोजना को आगे नहीं बढ़ाया जाए।

All the updates here:

अन्य न्यूज़