मैगी, बासमती चावल, कई महीनों का पूरा इंतजाम, 12,000 फीट पर जैश ने बना लिया था बंकर, जानिए कैसे सेना ने उड़ा दिया

खबरों के अनुसार, बंकर से कम से कम 50 पैकेट नूडल्स, टमाटर और आलू का एक पूरा क्रेट, 15 प्रकार के मसाले, 10 किलो बासमती चावल के दो बोरे, दाल, गेहूं और बाजरे के बोरे, दो बड़े एलपीजी सिलेंडर, बर्नर और सूखी लकड़ी बरामद की गई। गोलीबारी में गंभीर रूप से घायल हुए एक पैराट्रूपर ने दम तोड़ दिया। चल रहे तलाशी अभियान के दौरान राशन से भरे संदिग्ध आतंकी ठिकाने का पता चला।
किश्तवार के ऊंचे पहाड़ों में पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) से जुड़े आतंकवादियों ने लंबे समय तक छिपने की योजना बनाई थी। पत्थरों की कतारों से सावधानीपूर्वक सुरक्षित किए गए एक मजबूत बंकर में महीनों तक रहने के लिए पर्याप्त सामान जमा था, जो एक लंबे समय तक छिपने की तैयारी का संकेत देता है। सेना ने एक गहन आतंकवाद विरोधी अभियान के बाद इस बंकर का भंडाफोड़ किया, जिसमें एक कमांडो ने शहीद हो गए और कई अन्य घायल हो गए।
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खबरों के अनुसार, बंकर से कम से कम 50 पैकेट नूडल्स, टमाटर और आलू का एक पूरा क्रेट, 15 प्रकार के मसाले, 10 किलो बासमती चावल के दो बोरे, दाल, गेहूं और बाजरे के बोरे, दो बड़े एलपीजी सिलेंडर, बर्नर और सूखी लकड़ी बरामद की गई। गोलीबारी में गंभीर रूप से घायल हुए एक पैराट्रूपर ने दम तोड़ दिया। चल रहे तलाशी अभियान के दौरान राशन से भरे संदिग्ध आतंकी ठिकाने का पता चला।
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जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े माने जा रहे दो से तीन आतंकवादियों के इलाके में छिपे होने का संदेह है। रविवार देर रात रोके गए इस अभियान को सोमवार तड़के फिर से शुरू किया गया। सुरक्षा बलों द्वारा आतंकवादियों से संपर्क स्थापित करने के बाद रविवार को चत्रू क्षेत्र के मन्द्रल-सिंहपोरा के पास सोनार गांव में अभियान शुरू किया गया। मुठभेड़ हुई, जिसमें आठ सैनिक घायल हो गए, जिनमें से अधिकांश अचानक हुए ग्रेनेड हमले के छर्रों से घायल हुए थे।
अधिकारियों ने बताया कि दुर्गम भूभाग, घनी वनस्पति और खड़ी ढलानों के कारण दृश्यता और आवागमन में भारी बाधा उत्पन्न हुई, जिसके चलते अभियान को रात भर के लिए रोकना पड़ा। एक्स पर एक पोस्ट में सेना के व्हाइट नाइट कोर ने बताया कि चत्रू क्षेत्र में ऑपरेशन त्राशी-I जारी है। पोस्ट में कहा गया कि घेराबंदी और कड़ी कर दी गई है और तलाशी अभियान का दायरा बढ़ा दिया गया है। पुलिस और सीआरपीएफ के जवान इलाके में तैनात हैं और स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए तैनात हैं।
अधिकारियों ने बताया कि बताया कि सेना, पुलिस और अर्धसैनिक बलों की कई टीमें ड्रोन और खोजी कुत्तों की मदद से इलाके की तलाशी ले रही हैं और आतंकवादियों को भागने से रोकने के लिए कड़ी सुरक्षा घेरा बनाए हुए हैं। इसी बीच, घायल सैनिकों में से एक, हवलदार गजेंद्र सिंह ने 18 और 19 जनवरी की दरमियानी रात को जम्मू के एक सैन्य अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
सेना ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि व्हाइट नाइट कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग और सभी रैंक विशेष बलों के हवलदार गजेंद्र सिंह को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं, जिन्होंने चल रहे ऑपरेशन त्राशी-I के दौरान सिंहपोरा क्षेत्र में आतंकवाद विरोधी अभियान को बहादुरी से अंजाम देते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया। हम उनके अदम्य साहस, वीरता और कर्तव्य के प्रति निस्वार्थ समर्पण को नमन करते हैं और इस गहरे दुख की घड़ी में शोक संतप्त परिवार के साथ मजबूती से खड़े हैं।
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