दो दशक बाद जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में बजी मोबाइल की घंटी

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 19, 2021   18:09
  • Like
दो दशक बाद जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में बजी मोबाइल की घंटी

कुपवाड़ा के उपायुक्त अंशुल गर्ग मोबाइल सेवा की मंजूरी लेने के लिए तमाम विभागों के संपर्क में थे, लेकिन अक्टूबर, 2020 में उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के माछिल दौरे के बाद इस महत्वाकांक्षी योजना को गति मिली। सिन्हा ने क्षेत्र में लोगों को मोबाइल संपर्क मुहैया कराने के लिए तुरंत मोबाइल टावर लगाने को कहा।

कुपवाड़ा (जम्मू-कश्मीर)। जम्मू-कश्मीर में मोबाइल फोन सेवा शुरू होने के करीब दो दशक बाद सीमा पर स्थित कुपवाड़ा जिले के तीन सुदूर गांवों में भी अब फोन की घंटी सुनाई देने लगी है। मोबाइल फोन सेवा शुरू होने से इन गांवों के करीब 10,000 लोगों को ना सिर्फ लोगों से जुड़ने का बेहतर साधन मिला है बल्कि उनके मन में अच्छे भविष्य की आशा भी जगी है। केन्द्र शासित प्रदेश की ग्रीष्मकालीन राजधानी से करीब 100-160 किलोमीटर की दूरी पर स्थित कुपवाड़ा के तीन गांवों माछिल, दुदी और पोश वारी में मोबाइल सेवा 2000 में पहुंची। लेकिन इन गांवों के पाकिस्तान के साथ हमारी नियंत्रण रेखा के बहुत करीब होने और अकसर बिना किसी उकसावे के सीमा पार से होने वाली गोलाबारी के कारण जिला प्रशासन के लिए यहां मोबाइल संपर्क मुहैया कराना मुश्किल हो गया। खास तौर से सेना सहित तमाम तरह की मंजूरी लेना। माछिल, दुदी और पोश वारी नियंत्रण रेखा से महज आठ से 12 मिनट की हवाई दूरी पर स्थित हैं।

इसे भी पढ़ें: SC ने यमुना की सफाई को लेकर हरित अधिकरण द्वारा गठित समिति से रिपोर्ट मांगी

कुपवाड़ा के उपायुक्त अंशुल गर्ग मोबाइल सेवा की मंजूरी लेने के लिए तमाम विभागों के संपर्क में थे, लेकिन अक्टूबर, 2020 में उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के माछिल दौरे के बाद इस महत्वाकांक्षी योजना को गति मिली। सिन्हा ने क्षेत्र में लोगों को मोबाइल संपर्क मुहैया कराने के लिए तुरंत मोबाइल टावर लगाने को कहा। 32 वर्षीय गर्ग ने बताया, ‘‘उससे बहुत लाभ हुआ। दूरसंचार सेवा प्रदाता कंपनी एयरटेल के साथ बातचीत जारी थी और अंतत: सुदूर गांवों में मोबाइल संपर्क सेवा पहुंचाने की प्रक्रिया मिशन मोड में आ गई। काम को तेजी से आगे बढ़ाया जाने लगा क्योंकि सर्दियों का मौसम नजदीक होने के कारण हमारे पास काम पूरा करने के लिए समय की भी कमी थी।’’ दुदी गांव के पूर्व सरपंच मोहम्मद जमाल शेख ने बेहद भावुक होते हुए कहा, ‘‘अब हम शायद बिना इलाज के नहीं मरेंगे।’’

मोबाइल फोन पर पीटीआई-से बातचीत में शेख याद करते हैं कि कैसे मरीज तड़पते थे क्योंकि मेडिकल सुविधा पाने के लिए उन्हें या तो 20 किलोमीटर पैदल चलकर एसटीडी फोन करने के लिए माछिल जाना पड़ता था या 15 किलोमीटर चलकर जेड-मोड के पीसीओ तक पहुंचना होता था। कुपवाड़ा शहर से करीब 70 किलोमीटर दूर अपने गांव में दवाई दुकान के मालिक शेख ने बताया, ‘‘मैं उपायुक्त को धन्यवाद देता हूं कि अंतत: यह तकनीक हमारे गांव तक पहुंची है।’’ माछिल गांव के सरपंच हबीबुल्ला भी कुछ ऐसे ही विचार रखते हैं। राहत की सांस लेते हुए उन्होंने कहा कि अब सूचना पाने या मदद मांगने के लिए लंबी दूरी तक पैदल नहीं चलना पड़ेगा। उन्होंने कहा, ‘‘अभी तक सभी बहुत दूर लगते थे, लेकिन अब मैं और मेरे गांव के लोग भी दुनिया से जुड़ गए हैं।’’ पेशे से कृषक हबीबुल्ला ने कहा, ‘‘अब मैं अपनी फसल बेचने से पहले स्थानीय मंडी में उनकी कीमत पता कर सकता हूं।’’ आईआईटी दिल्ली से स्नातक गर्ग ने पीटीआई-को बताया कि देश के सबसे उत्तरी जिले कुपवाड़ा के उपायुक्त का पदभार संभालने के बाद ‘‘मैं हमेशा सुदूर इलाकों, खास तौर से नियंत्रण रेखा के पास स्थित गांवों के लोगों की तकलीफें कम करने की कोशिश कर रहा था।’’

इसे भी पढ़ें: मजदूरों से भरी नाव पलटने से 4 मजदूर गंभीर रूप से घायल, 18 लोग थे सवार

गर्ग ने कहा, ‘‘अगर मैं ऐसी किसी जगह पर रह रहा हूं तो मोबाइल फोन के बगैर मुझे कैसा लगेगा? यह सवाल हमेशा मुझे परेशान करता था। मैंने संबंधित पक्षों के साथ कई बैठकें कीं, खास तौर से सेना के साथ। सौभाग्य की बात है कि पिछले साल अक्टूबर में उपराज्यपाल (मनोज सिन्हा) ने माछिल को दौरे के लिए चुना और उससे मुझे बहुत लाभ मिला।’’ गर्ग जल्दी ही अनंतनाग जिले के उपायुक्त का पद संभालने वाले हैं। उन्होंने बताया कि इन गांवों में मोबाइल सेवा दिसंबर में ही शुरू हो गई थी लेकिन संपर्क नए साल में जाकर स्थापित हुआ और इसके लिए सभी को धन्यवाद दिया जाना चाहिए। दुदी, माछिल और पोश वारी गांवों में मोबाइल टावर लगाए गए हैं और बिजली की आपूर्ति भी सुनिश्चित की गई है।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


मध्य प्रदेश में अब आदिम जाति कल्याण विभाग का नाम जनजातीय विभाग हुआ

  •  दिनेश शुक्ल
  •  मार्च 4, 2021   23:37
  • Like
मध्य प्रदेश में अब आदिम जाति कल्याण विभाग का नाम जनजातीय विभाग हुआ

वही जनजातीय कार्य विभाग ने जनजातीय क्षेत्रों में 8 विकास कार्यों के लिये एक करोड़ 20 लाख रूपये की मंजूरी दी है। यह कार्य सीधी एवं उमरिया जिले में मंजूर किये गये हैं।

भोपाल। मध्य प्रदेश राजपत्र में प्रकाशित सामान्य प्रशासन विभाग की अधिसूचना के आधार पर आदिम जाति कल्याण विभाग के स्थान पर विभाग का नाम बदलकर जनजातीय कार्य विभाग किया गया है। इस संबंध में आयुक्त जनजातीय कार्य ने प्रदेश के समस्त कमिश्नर, कलेक्टर और मुख्य कार्यपालन आधिकारी जिला पंचायत को परिवर्तित नाम से पत्र व्यवहार करने के निर्देश जारी किए है। विभाग के संभागीय उपायुक्त, सहायक आयुक्त और जिला संयोजक को भी परिवर्तित नाम से पत्र व्यवहार करने के निर्देंश जारी किये गये हैं।

 

इसे भी पढ़ें: रायसेन में खनिज विभाग ने रेत का अवैध परिवहन करते 5 ट्रेक्टर ट्राली पकड़े

वही जनजातीय कार्य विभाग ने जनजातीय क्षेत्रों में 8 विकास कार्यों के लिये एक करोड़ 20 लाख रूपये की मंजूरी दी है। यह कार्य सीधी एवं उमरिया जिले में मंजूर किये गये हैं। मंजूर किये गये कामों में सामुदायिक भवन निर्माण और हायर सेकेण्डरी स्कूल के बाउण्ड्री बाल के निर्माण कार्य प्रमुख हैं। विभाग ने निर्माण एजेंसियों को मंजूर कामों को गुणवत्ता के साथ नियत समय-सीमा में पूरा किये जाने के निर्देश दिये हैं।





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


रायसेन में खनिज विभाग ने रेत का अवैध परिवहन करते 5 ट्रेक्टर ट्राली पकड़े

  •  नीलेन्द्र मिश्रा
  •  मार्च 4, 2021   23:21
  • Like
रायसेन में खनिज विभाग ने रेत का अवैध परिवहन करते 5 ट्रेक्टर ट्राली पकड़े

वही गुरूवार को मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दौरान प्रदेश में अवैध रेत उत्खनन का मामला विपक्ष ने जोरशोर से उठाया। विपक्ष का आरोप है कि अधिकारियों और सरकार के संरक्षण में पूरे प्रदेश में अवैध रेत खनन का कारोबार चल रहा है।

रायसेन। मध्य प्रदेश के रायसेन जिले की नर्मदा नदी पर स्थित सतरावन रेत खदान से चोरी छिपे रेत खनन एवं परिवहन की सूचना पर कलेक्टर उमाशंकर भार्गव के निर्देश पर गुरुवार को 5 ट्रेक्टर ट्राली अवैध रेट परिवहन करते खनिज एवं पुलिस ने पकड़ी। जबकि मध्य प्रदेश विधानसभा में गुरूवार को सदन में विपक्ष ने प्रदेश में अवैध रेत उत्खनन को लेकर शिवराज सरकार को जमकर घेरा।

 

इसे भी पढ़ें: रेलवे प्लेटफॉर्म टिकट का मूल्य पांच गुना बढ़ा, आज से मिलेंगे ऑफलाइन टिकिट

खनिज अधिकारी आर के कैंथल एवं खनिज निरीक्षक राजीव कदम ने चोरी से अवैध रेत परिवहन करते पकड़े इन वाहनों पर एफआईआर भी दर्ज कराई एवं पकड़े  गए वाहनों को थाने में खड़ा करवाया गया। उल्लेखनीय है की एक दिन पहले भी एक पोकलेन्ड मशीन जप्त की गई थी। वही गुरूवार को मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दौरान प्रदेश में अवैध रेत उत्खनन का मामला विपक्ष ने जोरशोर से उठाया। विपक्ष का आरोप है कि अधिकारियों और सरकार के संरक्षण में पूरे प्रदेश में अवैध रेत खनन का कारोबार चल रहा है। 





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


धनगर गायरी समाज ने जलाया सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया का पुतला, मार्ग का नाम बदलने पर नाराजगी

  •  दिनेश शुक्ल
  •  मार्च 4, 2021   23:00
  • Like
धनगर गायरी समाज ने जलाया सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया का पुतला, मार्ग का नाम बदलने पर नाराजगी

जिसके चलते समाजजनों ने गुरूवार को पूरे मध्य प्रदेश के साथ-साथ जिला मुख्यालय पर राज्यसभा सांसद सिंधिया पुतला जलाया और विरोध प्रदर्शन किया। जिसमें पुलिसकर्मियों के बीच जलते पुतले को लेकर खींचतान हुई।

मंदसौर। मध्य प्रदेश में धनगर गायरी समाज की राजमाता देवी अहिल्याबाई होलकर के नाम से न्यू टेकरी मार्ग इंदौर का नामकरण अब मध्य प्रदेश सरकार के पंचायत मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया के दादा जी सागर सिंह सिसौदिया के नाम से होगा।जिसकी घोषणा गुना में एक सरकारी कार्यक्रम में स्वयं राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने की है। जिसको लेकर घोषणा करने के बाद पूरे मध्य प्रदेश में  धनगर गायरी समाज में आक्रोश व्याप्त है। 

 

इसे भी पढ़ें: मुख्यमंत्री चौहान ने जन्मदिन के एक दिन पहले की अपील, कैबिनेट मंत्रियों ने दी शुभकामनाएं

जिसके चलते समाजजनों ने गुरूवार को पूरे मध्य प्रदेश के साथ-साथ जिला मुख्यालय पर राज्यसभा सांसद सिंधिया पुतला जलाया और विरोध प्रदर्शन किया। जिसमें पुलिसकर्मियों के बीच जलते पुतले को लेकर खींचतान हुई। इस अवसर पर गायरी समाज के प्रदेश महासचिव समरथ धनगर, जिला अध्यक्ष कैलाश पाटोद, युवा जिला अध्यक्ष अनिल धनगर, देव सेना जिला अध्यक्ष सुरेश धनगर, जगदीश फौजी,  मल्हारगढ़ तहसील अध्यक्ष विशाल धनगर सहित बड़ी संख्या में समाज जन उपस्थित थे।





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.Accept