कर्नाटक विधान परिषद में गोहत्या निषेध विधेयक का समर्थन करेगी जनता दल (एस)

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 28, 2021   16:22
कर्नाटक विधान परिषद में गोहत्या निषेध विधेयक का समर्थन करेगी जनता दल (एस)

जनता दल (एस) के वरिष्ठ नेता और विधान परिषद सदस्य बसवराज होराट्टी ने बृहस्पतिवार को कहा कि विधान परिषद में गोहत्या निषेध विधेयक पेश किये जाने पर उनकी पार्टी इसका समर्थन करेगी।

बेंगलुरु। जनता दल (एस) के वरिष्ठ नेता और विधान परिषद सदस्य बसवराज होराट्टी ने बृहस्पतिवार को कहा कि विधान परिषद में गोहत्या निषेध विधेयक पेश किये जाने पर उनकी पार्टी इसका समर्थन करेगी। इससे पहले जद (एस) ने विधेयक का विरोध किया था। पार्टी अध्यक्ष एच डी देवगौड़ा और उनके बेटे एच डी कुमारस्वामी ने कई बार कहा है कि वह गोहत्या पर प्रतिबंध लगाने वाले विधेयक के विरोध में हैं।

इसे भी पढ़ें: पश्चिम बंगाल में बनाई जा रही है भगवान बुद्ध की 100 फुट ऊंची प्रतिमा

होराट्टी ने संवाददाताओं से कहा, “अब विधेयक का विरोध करने का कोई प्रश्न नहीं है।” उन्होंने कहा, “स्वाभाविक रूप से, जब भी सरकार बदलती है, परिषद में बहुमत का सवाल होता है। यदि महत्वपूर्ण विधेयक हैं तो वे पारित हो जाएंगे। जद (एस) और भाजपा के कुल 43 सदस्य हैं, इसलिए विधेयक का विरोध करने का कोई सवाल नहीं है। हम विधेयक का सौ प्रतिशत समर्थन करेंगे।”

इसे भी पढ़ें: श्रीकांत और सिंधु लगातार हार के बाद नॉकआउट से लगभग बाहर

होराट्टी के बयान से एक दिन पहले जद (एस) ने विधान परिषद के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के पद के लिए सत्तारूढ़ भाजपा के साथ हाथ मिलाया था। समझौते के तहत अध्यक्ष पद के लिए भाजपा जद (एस) समर्थन करेगी और उपाध्यक्ष पद के लिए जद (एस) भाजपा को समर्थन देगी। अध्यक्ष पद के लिए जद (एस) की ओर से होराट्टी के प्रत्याशी होने की पूरी संभावना है और उपाध्यक्ष पद के लिए भाजपा के उम्मीदवार एम के प्राणेश ने आज अपना नामांकन दाखिल किया।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।

Prabhasakshi logoखबरें और भी हैं...

राष्ट्रीय

झरोखे से...