सोरेन सरकार गिराने के लिए 10 करोड़ और मंत्री पद का आश्वासन, कांग्रेस विधायक ने लगाए गंभीर आरोप, असम CM ने किया खंडन

Ranchi
ANI Image
झारखंड के बेरमो निर्वाचन क्षेत्र के कांग्रेस विधायक कुमार जयमंगल सिंह ने पार्टी के 3 विधायकों के खिलाफ शिकायत पत्र लिखा और आरोप लगाया कि तीनों ने उन्हें गुवाहाटी ले जाने और मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा से मिलने के लिए कोलकाता बुलाया था।

नयी दिल्ली। पश्चिम बंगाल के हावड़ा जिले में झारखंड कांग्रेस के तीन विधायकों की गाड़ी में भारी मात्रा में कैश बरामद हुआ है। इस मामले में पुलिस ने तीनों विधायकों को गिरफ्तार कर लिया। मामले की जांच सीआईडी को सौंपी गई है। इसी बीच कांग्रेस आलाकमान ने तीनों विधायकों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें पार्टी से निलंबित कर दिया है। कांग्रेस का कहना है कि ऑपरेशन लोटस बेनकाब हो गया है।

इसे भी पढ़ें: कांग्रेस ने भारी कैश के साथ पकड़े गए तीनों विधायकों को किया निलंबित, जयराम रमेश बोले- ऑपरेशन लोटस बेनकाब हो गया 

कांग्रेस विधायक का बड़ा दावा

झारखंड के बेरमो निर्वाचन क्षेत्र के कांग्रेस विधायक कुमार जयमंगल सिंह ने पार्टी के 3 विधायकों के खिलाफ शिकायत पत्र लिखा और आरोप लगाया कि तीनों ने उन्हें गुवाहाटी ले जाने और मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा से मिलने के लिए कोलकाता बुलाया था। उन्होंने पत्र में लिखा कि हिमंत बिस्वा सरमा ने कथित तौर पर नई सरकार में प्रति विधायक 10 करोड़ रुपए के अलावा एक निश्चित मंत्री पद का आश्वासन दिया, जो वर्तमान झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) और कांग्रेस सरकार को गिराने के बाद बन सकती है।

आपको बता दें कि कुमार जयमंगल सिंह की शिकायत पर पुलिस ने तीनों विधायकों (इरफान अंसारी, राजेश कच्छप और नमन बिक्सल कोंगारी) के खिलाफ जीरो एफआईआर दर्ज की है। प्राथमिकी हावड़ा स्थानांतरित की जाएगी जहां तीनों को उनके कब्जे से नकद वसूली के बाद गिरफ्तार किया गया था।

इसे भी पढ़ें: झारखंड के 3 कांग्रेसी विधायकों की गाड़ी से बरामद हुआ भारी मात्रा में कैश, भाजपा-कांग्रेस आमने-सामने 

हिमंत बिस्वा सरमा ने किया खंडन

कांग्रेस विधायक के आरोपों का हिमंत बिस्वा सरमा ने खंडन किया है। उन्होंने कहा कि यहां तक कि कांग्रेस के शीर्षस्थ लोग भी मुझसे संपर्क में रहते हैं। हम राजनीति के बारे में बात नहीं करते हैं, लेकिन 22 साल से अधिक समय तक एक पार्टी में रहने के कारण, हम संपर्क में रहते हैं। मुझे नहीं पता कि इस पर एफआईआर क्यों दर्ज की गई।

नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।

अन्य न्यूज़