जींद के खाप पंचायतों का फैसला: भाजपा-जजपा नेताओं को किसी कार्यक्रम में नहीं बुलाया जाएगा

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 30, 2021   20:12
जींद के खाप पंचायतों का फैसला: भाजपा-जजपा नेताओं को किसी कार्यक्रम में नहीं बुलाया जाएगा

इस महापंचायत ने टिकरी गांव की तरफ़ से किसानों को 51 हजार रुपये की मदद देने का भी ऐलान किया। जींद के खटकड़ टोल प्लाजा पर हुई महापंचायत की अध्यक्षता सर्व जातीय खेड़ा खाप के प्रधान सतबीर पहलवान बरसोला ने की।

जींद। हरियाणा के जींद जिले खटकड़ टोल प्लाजा पर शनिवार को जिले की खाप पंचायतों की हुई महापंचायत में फैसला किया गया कि किसी भी कार्यक्रम में भाजपा एवं जजपा के नेताओं को नहीं बुलाया जाएगा। वहीं दिल्ली के मुंडका विधानसभा क्षेत्र के टिकरी गांव में किसानों की हुई एक महापंचायत में सर्वसहमती से फ़ैसला लिया गया कि टिकरी बार्डर पर बैठे किसानों की हर संभव मदद की जाएगी। इस महापंचायत ने टिकरी गांव की तरफ़ से किसानों को 51 हजार रुपये की मदद देने का भी ऐलान किया। जींद के खटकड़ टोल प्लाजा पर हुई महापंचायत की अध्यक्षता सर्व जातीय खेड़ा खाप के प्रधान सतबीर पहलवान बरसोला ने की।

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महापंचायत में जिले की खापों के प्रधानों एवं प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। महापंचायत के माध्यम से जिले के लोगों से आह्वान किया गया कि वे भाजपा, जजपा के नेताओं को विवाह-शादियों के लिए न्योता न भेजें और न ही इनके विवाह-शादियों के कार्यक्रमों में जाए। खाप वक्ताओं ने कहा कि हरियाणा के ही नहीं बल्कि पूरे देश किसान भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत के साथ हैं। महापंचायत में फैसला लिया गया कि सात फरवरी को खटकड़ टोल से दिल्ली के टिकरी बॉर्डर के लिए पैदल कूच किया जाएगा। बरसोला ने कहा कि बीते चार दिनों से जींद से हजारों लोग दिल्ली धरने में जा चुके है, सरकार ने जो हमारे नेता की आंखों में आंसू लाए हैं उसी आंसूओं के साथ पूरे देश की जनता वहां पहुंची है।

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इस मौके पर बिनैन खाप के प्रधान नफे सिंह नैन, सर्व जातीय दाड़न खाप चबूतरा पालवां प्रधान दलबीर खेड़ी मंसानिया, चहल खाप प्रधान सुरजीत बड़ौदा, कंडेला खाप से राममेहर, कालवन तपा से फकीरचंद नैन, बराह खाप से कुलदीप, माजरा खाप से बिजेंद्र फौजी, देशवाल खाप से रामफल देशवाल, उझाना खाप से चंद्र सिंह, सिक्किम सफा खेड़ी, राकेश खटकड़, ईश्वर फौजी आदि मौजूद रहे। टिकरी में हुई महापंचायत में बोलते हुए डॉ नरेश कुमार ने मांग की कि तीनों कृषि क़ानूनों को सरकार वापस लेकर किसानों को राहत दें, न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी हो। उन्होंने कहा, ‘‘ प्रधानमंत्री जी को राजधर्म का पालन करना चाहिये, किसानों के प्रति न्याय का विश्वास दिलाना चाहिए।’’





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