LG Manoj Sinha के भाषण के साथ J&K Assembly Budget Session शुरू, विपक्ष बोला- Statehood का क्या हुआ

हम आपको बता दें कि मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला छह फरवरी को सदन में केंद्र शासित प्रदेश का बजट पेश करेंगे। अब्दुल्ला के पास वित्त मंत्रालय का भी प्रभार है। यह 16 अक्टूबर, 2024 को सरकार बनने के बाद उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली नेशनल कॉन्फ्रेंस सरकार का दूसरा बजट होगा।
जम्मू-कश्मीर विधानसभा का 27 दिवसीय बजट सत्र आज से शुरू हो गया। ठंडे मौसम में विधानसभा सत्र की शुरुआत गर्मागर्म रही क्योंकि उपराज्यपाल के भाषण को विपक्ष ने निराशाजनक बताते हुए कहा है कि इसमें जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा देने के बारे में कोई जिक्र नहीं किया गया। जहां तक उपराजयपाल मनोज सिन्हा के संबोधन की बात है तो आपको बता दें कि उन्होंने कहा कि विधानसभा का बजट सत्र विशेष महत्व रखता है क्योंकि यह सामूहिक यात्रा पर विचार करने और उपलब्धियों की समीक्षा करने का अवसर प्रदान करता है।
हम आपको बता दें कि मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला छह फरवरी को सदन में केंद्र शासित प्रदेश का बजट पेश करेंगे। अब्दुल्ला के पास वित्त मंत्रालय का भी प्रभार है। यह 16 अक्टूबर, 2024 को सरकार बनने के बाद उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली नेशनल कॉन्फ्रेंस सरकार का दूसरा बजट होगा। बजट सत्र चार अप्रैल को समाप्त होगा और इसे तीन चरणों में आयोजित किया जाएगा। पहला चरण रमजान शुरू होने से पहले और बाकी दो चरण मार्च और अप्रैल में ईद-उल-फितर के बाद होंगे। चांद दिखने के आधार पर रमजान के 18 या 19 फरवरी से शुरू होने की उम्मीद है। फरवरी में 18 कार्यदिवस होंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री छह फरवरी को वित्त वर्ष 2026-27 का बजट और 2025-26 के लिए अतिरिक्त व्यय विवरणी पेश करेंगे। मार्च में पांच और अप्रैल में विधानसभा के चार कार्यदिवस होंगे।
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भाजपा, पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) और कांग्रेस सहित विपक्षी दल सरकार से चुनावी वादों और पिछले वर्ष बजट में किए गए वादों के क्रियान्वयन पर सवाल उठाने की तैयारी में हैं। माना जा रहा है कि विधानसभा सत्र में तीखी बहस की संभावना है। विपक्षी दल दैनिक वेतनभोगियों के नियमितीकरण, ध्वस्तीकरण की कार्रवाई और कथित भेदभाव सहित कई मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी कर रहे हैं। उपराज्यपाल के संबोधन के बाद तो विपक्षी दल ने हमला शुरू भी कर दिया। पीडीपी विधायक वहीद पारा ने सवाल पूछते हुए कहा कि पूर्ण राज्य के दर्जे का क्या हुआ?
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