• पेगासस जासूसी मामले में गृहमंत्री शाह इस्तीफा दें और न्यायिक जांच हो : गोविंद सिंह डोटासरा

पेगासस जासूसी मामले में केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने मंगलवार को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से इस्तीफा मांगा और मामले की उच्चतम न्यायालय से जांच करवाने की मांग की। उन्होंने कहा कि इस मामले में केंद्र में सत्तारूढ़ भाजपा के चाल, चरित्र व चेहरे को एक बार फिर उजागर कर दिया है। डो

जयपुर। पेगासस जासूसी मामले में केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने मंगलवार को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से इस्तीफा मांगा और मामले की उच्चतम न्यायालय से जांच करवाने की मांग की। उन्होंने कहा कि इस मामले में केंद्र में सत्तारूढ़ भाजपा के चाल, चरित्र व चेहरे को एक बार फिर उजागर कर दिया है। डोटासरा ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘हम मांग करते हैं कि इस मामले की जांच उच्चतम न्यायालय के माध्यम से करवाई जाई। देश के गृहमंत्री अमित शाह को तुरंत प्रभाव से इस्तीफा देना चाहिए, उनका इस्तीफा लिया जाए। मैं तो कहता हूं कि देश के प्रधानमंत्री को भी अपने आप को पाक साफ साबित करने के लिए मामले की जांच उच्चतम न्यायालय की कमेटी से करवानी चाहिए।’’

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उन्होंने कहा, ‘‘यह बहुत ही संवेदनशील विषय है! देश की एकता, देश की सुरक्षा खतरे में है। किस तरीके से ये लोग शासन कर रहे हैं इसका नमूना पूरे देश दुनिया में सामने आ चुका है।’’ उन्होंने कहा कि पार्टी के रूप में हमारी दो मांगे हैं : पहली उच्चतम न्यायालय से जांच और दूसरी अमित शाह इस्तीफा दें। कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘वे सारे दस्तावेज हैं जो प्रमाणित करते हैं कि जितने भी फोन टैप किए गए हैं और उनमें प्रधानमंत्री मोदी व गृहमंत्री शाह पूरी तरह से संलिप्त हैं। देश का प्रधानमंत्री व गृहमंत्री इस तरह का असंवैधानिक व राष्ट्रविरोधी, प्रधानमंत्री व कैबिनेट मंत्री के रूप में ली गई शपथ विरोधी काम कर करते हैं, तो देश में बचा क्या है?’’ डोटासरा ने कहा, ‘‘इन लोगों को चाल, चरित्र, चेहरा व बेईमानी पूरे देश के सामने आ चुका है।’’ कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर 22 जुलाई को यहां राजभवन का घेराव करेगी। डोटासरा ने पेगासस जासूसी मामले को केंद्रीय मंत्रिमंडल में हालिया बदलाव से भी जोड़ा। उन्होंने कहा, ‘‘जो मंत्री हटाए गए हैं उन्हें हटाए जाने के पीछे का सच भी सामने आना चाहिए। इससे तो ऐसा लगता है कि ये जो मंत्री हटाए गए हैं वे मोदी और शाह की तानाशाही प्रवृत्ति और अलोकतांत्रिक तरीके से चलाई जा रही सरकार के रवैये से बेहद नाराज थे और उनकी जासूसी के आधार पर ही उन्हें हटाने के फैसले किए गए।’’

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राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के स्टाफ के फोन की जासूसी की खबरों पर उन्होंने कहा, ‘‘अपनी पार्टी से दो बार मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री रही वसुंधरा राजे के फोन टैप करना...इससे बड़ा दुर्भाग्य कोई हो नहीं सकता।’’ उन्होंने कहा कि खुद को राष्ट्रवादी, देशप्रेमी व देश के चौकीदार कहने वाले लोग ही देश की जनता की निजता का हनन करने लगे हैं।