जितिन के कांग्रेस छोड़ने पर बोले खड़गे- जाने वाले जाते रहते हैं, सिंधिया ने छोटे भाई का किया स्वागत

जितिन के कांग्रेस छोड़ने पर बोले खड़गे- जाने वाले जाते रहते हैं, सिंधिया ने छोटे भाई का किया स्वागत

पिछले साल कांग्रेस से भाजपा में शामिल हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी जितिन प्रसाद का स्वागत किया और उन्हें अपना छोटा भाई बताया। कांग्रेस नेता कुलदीप बिश्नोई ने पूर्व केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद के भाजपा में शामिल होने को कांग्रेस के लिए बड़ा झटका करार देते हुए कहा कि उनकी पार्टी को राज्यों में जीत हासिल करने के लिए जन नेताओं की पहचान कर उन्हें मजबूती प्रदान करनी चाहिए।

कांग्रेस के युवा और वरिष्ठ नेता रहे जितिन प्रसाद ने पार्टी का हाथ छोड़ भाजपा का दामन थाम लिया है। आज गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात के बाद जितिन प्रसाद ने केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल की उपस्थिति में भाजपा कार्यालय में भगवा पार्टी की सदस्यता हासिल की। जितिन प्रसाद के इस कदम को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा में प्रतिपक्ष के नेता मलिकार्जुन खड़गे ने बड़ा बयान दिया है। मलिकार्जुन खड़गे ने कहा कि जाने वाले जाते रहते हैं, हम उन्हें नहीं रोक सकते। यह उनका निर्णय है। उनका कांग्रेस में भविष्य था। यह दुर्भाग्यपूर्ण है।

वहीं, पिछले साल कांग्रेस से भाजपा में शामिल हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी जितिन प्रसाद का स्वागत किया और उन्हें अपना छोटा भाई बताया। कांग्रेस नेता कुलदीप बिश्नोई ने पूर्व केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद के भाजपा में शामिल होने को कांग्रेस के लिए बड़ा झटका करार देते हुए कहा कि उनकी पार्टी को राज्यों में जीत हासिल करने के लिए जन नेताओं की पहचान कर उन्हें मजबूती प्रदान करनी चाहिए। हरियाणा प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता बिश्नोई ने ट्वीट किया, ‘‘पहले ज्योतिरादित्य सिंधिया ... और अब जितिन प्रसाद ...। कांग्रेस के लिए यह बड़ा झटका है क्योंकि हम उन नेताओं को खो रहे हैं जिन्होंने पार्टी को दिया और आगे भी दे सकते थे।’’ बिश्नोई ने यह भी कहा, ‘‘इससे मैं सहमत हूं कि उन्हें कांग्रेस को, खासकर इस मुश्किल समय में नहीं छोड़ना चाहिए था। परंतु कांग्रेस को जन नेताओं की पहचान करके उन्हें मजबूत करना चाहिए ताकि राज्यों में फिर से जीत हासिल की जा सके।’’ आपको बता दें कि जितिन प्रसाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रहे जितेंद्र प्रसाद के पुत्र हैं जिन्होंने पार्टी में कई अहम पदों पर अपनी सेवाएं दी थीं। उन्होंने सोनिया गांधी के खिलाफ कांग्रेस अध्यक्ष पद का चुनाव भी लड़ा था। जितिन प्रसाद ने 2004 में शाहजहांपुर से पहली बार लोकसभा का चुनाव जीता था और उन्हें प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार में इस्पात राज्यमंत्री बनाया गया था। इसके बाद उन्होंने 2009 में धौरहरा सीट से जीत दर्ज की। इसके बाद उन्होंने संप्रग सरकार में पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस, सड़क परिवहन और राजमार्ग और मानव, संसाधन विकास राज्यमंत्री की जिम्मेदारी संभाली। उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के बड़े ब्राह्मण चेहरे के रूप में अपनी पहचान स्थापित करने वाले जितिन प्रसाद को 2014 के लोकसभा चुनाव में हार का सामना करना पड़ा। 





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.Accept